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Zomato के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO पद छोड़ा, नई कमान किसे मिली?
Jagran
January 21, 2026•1 day ago

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दीपिंदर गोयल ने ज़ोमैटो के ग्रुप CEO पद से इस्तीफा दे दिया है। अल्बिंदर ढींडसा को तुरंत प्रभाव से इटरनल का नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है। गोयल नई, जोखिम भरी पहलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। ढींडसा, जो ब्लिंकिट को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा चुके हैं, अब मुख्य व्यवसाय का नेतृत्व करेंगे।
नई दिल्ली। ज़ोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) ने कंपनी में ग्रुप CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है। इटरनल (जोमैटो की मूल कंपनी) ने एक बड़े लीडरशिप बदलाव के तहत यह एलान किया है। शेयरहोल्डर की मंज़ूरी मिलने पर दीपिंदर गोयल ने पद छोड़ दिया है, और अल्बिंदर ढींडसा को तुरंत प्रभाव से इटरनल का नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है।
दीपिंदर गोयल ने क्यों छोड़ा पद?
दीपिंदर गोयल ने शेयरहोल्डर्स को लिखे अपने लेटर में कहा, "आज, मैं ग्रुप CEO का पद छोड़ रहा हूं, और शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी के बाद, वाइस चेयरमैन के तौर पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बना रहूंगा। अलबिंदर ढींडसा (एल्बी) एटरनल के नए ग्रुप CEO होंगे।"
जोमैटो में ग्रुप सीईओ पद का पद छोड़ने का दीपिंदर गोयल का फैसला नई चीज़ों को आज़माने की इच्छा से प्रेरित है, जिनमें ज़्यादा रिस्क लेने की ज़रूरत होती है। इस फैसले से Eternal जैसी पब्लिक कंपनी के स्ट्रक्चर के बाहर बेहतर तरीके से किया जा सकता है। उनका मानना है कि Eternal को ऐसे लीडरशिप की ज़रूरत है जो अपने मुख्य बिज़नेस पर फोकस करे और अनुशासित हो।
कौन हैं अल्बिंदर ढींडसा?
दीपिंदर गोयल की जगह जोमैटो में ग्रुप सीईओ का पद संभालने वाले अल्बिंदर ढींडसा (अल्बी), ऑपरेटिंग प्राथमिकताओं और बिज़नेस से जुड़े फैसलों के लिए ज़िम्मेदार होंगे। ब्लिंकिट को खरीदने से लेकर ब्रेक-ईवन तक लाने में उनकी बेहतर लीडरशिप देखी गई है। वहीं,ढींडसा की लीडरशिप में ब्लिंकिट टॉप प्रायोरिटी बना रहेगा।
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