Politics
13 min read
सांसद से मिले युवराज के पिता: 'योगी जी का दर्शन हो जाए तो तसल्ली मिले'
AajTak
January 21, 2026•1 day ago

AI-Generated SummaryAuto-generated
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। पिता राजकुमार मेहता ने सांसद से मुलाकात कर सरकार की त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताया। बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार हुआ और दो कंपनियों पर केस दर्ज हुआ। प्रशासन ने जलभराव की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया।
नोएडा सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे ने सिर्फ एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान नहीं ली, बल्कि एक पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी. इस हादसे के बाद से हर गुजरते दिन के साथ सवाल गहराते गए कि लापरवाही किसकी थी, जिम्मेदारी कौन लेगा और क्या दोषियों पर सच में कार्रवाई होगी ? इन्हीं सवालों के बीच मंगलवार देर शाम गौतम बुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता से मिलने उनके घर पहुंचे.
इसके बाद मीडिया से बातचीत में युवराज के पिता ने कहा कि सरकार की तरफ से जो त्वरित कार्रवाई हुई है, एसआईटी का गठन किया गया है, अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, इससे दिल को थोड़ा सुकून मिला है. अब लग रहा है कि मेरे बेटे की आत्मा को न्याय मिलेगा. सांसद से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि हमने उनसे अनुरोध किया है कि एक बार योगी जी का भी दर्शन हो जाए तो दिल को तसल्ली मिल जाएगी. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से अभी तक उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने का कोई पत्र या सूचना नहीं मिली है. राजकुमार मेहता ने मीडिया की भूमिका की भी खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि यदि मीडिया इस मुद्दे को सही तरीके से और सही प्लेटफॉर्म पर न उठाता, तो शायद यह मामला भी कई और हादसों की तरह फाइलों में दब जाता.
Advertisement
पानी भरे गड्ढे पर अस्थायी समाधान का भरोसा
युवराज के पिता ने बताया कि जिस पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से यह हादसा हुआ, उसके स्थायी और अस्थायी समाधान को लेकर भी प्रशासन ने आश्वासन दिया है. जो वाटर लॉगिंग की समस्या है, उसका भी निराकरण किया जाएगा. अस्थायी समाधान तुरंत निकाला जाएगा और स्थायी व्यवस्था भी बनेगी. जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.”
पहली बार ‘माइक्रो लेवल’ पर गिरी गाज
राजकुमार मेहता ने अधिकारियों की जवाबदेही पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि इस मामले में पहली बार माइक्रो लेवल पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है. जिन सीओ और लोकेशन इंचार्ज को कई बार पत्र लिखे गए थे, डॉक्टर महेश शर्मा ने भी लिखा, सोसाइटी की तरफ से भी पत्र गए उन पर अब गाज गिरी है. यह पहली बार हुआ है. अब विभाग की जिम्मेदारी है कि माइक्रो लेवल पर जांच करे और जो भी जवाबदेह हो, उस पर कार्रवाई करे.
एनडीआरएफ का लंबा सर्च ऑपरेशन, शाम तक मिली सफलता
हादसे के कई दिन बाद मंगलवार को दिनभर चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार शाम होते-होते युवराज की कार को गड्ढे से बाहर निकाला गया. एनडीआरएफ की टीम ने हाइड्रा मशीन की मदद से कार को बाहर निकाला. कार आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त थी, जो हादसे की भयावहता को बयां कर रही थी. कार को डंपर में लोड कर मौके से हटा दिया गया. कार के बाहर निकलने के साथ ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं.
Advertisement
बिल्डर अभय कुमार दबोचा गया
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और बिल्डर अभय कुमार को सेक्टर-150 नोएडा से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी बिल्डर को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. इस मामले में पुलिस ने घटना के करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की थी, जबकि 72 घंटे बाद पहली गिरफ्तारी हुई. इस गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठे, लेकिन पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
दो बिल्डर कंपनियों पर केस दर्ज
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो बिल्डर कंपनियों एमजेड विशटाउन (MZ Wishtown) और लोटस ग्रीन (Lotus Greens) के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है. मृतक के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
सेक्टर-150 हादसे पर Lotus Greens का आधिकारिक बयान
नोएडा सेक्टर-150 में हुए इस दर्दनाक हादसे पर लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शंस प्रा. लि. (LGCPL) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. कंपनी ने साफ तौर पर कहा है कि जिस प्लॉट पर हादसा हुआ, वह लोटस ग्रीन्स के स्वामित्व या नियंत्रण में नहीं है. कंपनी के अनुसार, यह प्लॉट पहले स्पोर्ट्स सिटी योजना के तहत आवंटित था, जिसे 2016 में WPPL को सब-लीज किया गया था. इसके बाद 2019 में WPPL की पूरी हिस्सेदारी श्री अभय कुमार और अन्य (गृहप्रवेश बिल्टेक प्रा. लि.) को ट्रांसफर कर दी गई.
Advertisement
लोटस ग्रीन ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि सुरक्षा, खुदाई और जोखिम प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी WPPL के वर्तमान प्रबंधन और नोएडा प्राधिकरण की है. लोटस ग्रीन ने इस प्लॉट पर कभी कोई निर्माण, खुदाई या कार्य नहीं कराया हालांकि, एक जिम्मेदार कॉरपोरेट संस्था के तौर पर कंपनी ने जांच एजेंसियों और प्रशासन को पूरा सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है.
---- समाप्त ----
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
