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विराट कोहली के आलोचकों पर मोहम्मद कैफ का तीखा प्रहार
Hindustan
January 21, 2026•1 day ago

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पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने विराट कोहली के आलोचकों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी कितना भी खेल ले, लेकिन विराट कोहली की तरह पैशन और जुनून नहीं ला सकता। कैफ के अनुसार, कोहली का तिरंगे के लिए खेलना और टीम को जिताने का जज्बा अद्वितीय है। कोहली ने हालिया प्रदर्शन से आलोचकों को चुप करा दिया है।
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ इस बात से बहुत खुश हैं कि विराट कोहली ने आलोचकों का मुंह पूरी तरह से सील दिया है। कैफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर बिना किसी का नाम लिए कोहली के आलोचकों की खिल्ली उड़ाई। उन्होंने कहा कि कोहली ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि हर कोई अब उनकी माला जप रहे हैं। आलोचक भी उनसे ही उम्मीद लगा रहे कि टीम को बेइज्जती से बचा लो। कैफ ने कहा कि कोई चाहे जितना क्रिकेट खेल ले, टूर्नामेंट पर टूर्नामेंट खेल ले, पूरे साल खेल ले लेकिन वो विराट कोहली नहीं बन सकता।
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मोहम्मद कैफ ने अपने वीडियो में कहा, ‘विराट कोहली की माला सब जप रहे हैं। जितने उनके आलोचक थे, सब विराट कोहली-विराट कोहली जप रहे हैं। लास्ट मैच में न्यूजीलैंड की थर्ड क्लास टीम के खिलाफ ये दुआ मांगी गई कि भैया लास्ट तक खेल जाओ विराट कोहली। जैसे-तैसे जिता दो, बड़ी बेइज्जती होगी। ये दुआ पर लोग आए गए, उनके आलोचक। तो विराट कोहली ने ठीक है प्रयास किया, लास्ट तक खेले। मैच जिता नहीं पाए। पर जितने भी लोग थे उनके अगेंस्ट...वो हारी हुई बाजी थी, वो उस वक्त, उस मोमेंट से ही हारी हुई बाजी थी जब विराट कोहली के खिलाफ लोगों ने बात करी थी।’
कैफ ने कोहली को अलग तरह का खिलाड़ी बताते हुए कहा, ‘सालभर खेल लो आप, रणजी खेलो, विजय हजारे खेलो, सैयद मुश्ताक अली खेलो, आईपीएल खेलो, सालभर खेलो पर विराट कोहली नहीं बन पाओगे। विराट कोहली बनने के लिए एक चीज सबसे आवश्यक है और वो है पैशन। तिरंगा डालकर जब बंदा ग्राउंड पर उतरता है तो... वो पैशन और खिलाड़ी में नहीं है। किसी भी खिलाड़ी में नहीं है।’
कैफ ने आगे कहा,'वो खेलने के बाद बंदे ने 100 मारा, बस्ता पैक किया और लंदन। हां, जब मैच होगा तब बंदा आएगा, ट्रेनिंग करेगा, 100 दोबारा से मारेगा, फिर लंदन। अब सालभर वो नहीं खेलते, पर उन जैसे बनने के लिए आपको न वो जो मैंने शिद्दत की बात करी, वो जुनून की बात करी वो अभ्यास से नहीं मिलेगा। वो तजुर्बा, वो इतने साल से खेल रहे हैं, 2008 से खेल रहे हैं इंडिया के लिए और वो जो नाता हिंदुस्तान से है। वो तिरंगा लगाकर खेलना, वो जुनून कि मैं लास्ट तक रहूंगा और जिताकर जाऊंगा। वो जुनून कोई सिखाएगा नहीं, कोई बुक में, कोई कोचिंग में ऐसा आपको लेसन नहीं मिलेगा। ...विराट कोहली ने लोगों के बैठे-बैठे पसीने निकलवा दिए, ऐसा बंदा है वो।'
विराट कोहली ने जब पिछले साल आईपीएल के दौरान टेस्ट से संन्यास का ऐलान किया तब उनके ओडीआई भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे। 2027 वर्ल्ड कप तक खेलना तो दूर, वनडे टीम में उनकी जगह तक सवाल उठे। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जब वह शुरुआती दोनों मैच में शून्य पर आउट हुए तब तो उनके खिलाफ शोर और भी ज्यादा बढ़ गया। उसके बाद तो कोहली ने वो किया जिससे सभी आलोचकों के मुंह सिल गए हैं। किसी की हिम्मत नहीं हो रही कि उनके ओडीआई भविष्य पर सवाल उठा सके। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और सीरीज के अंतिम वनडे में कोहली ने नाबाद अर्धशतक के साथ वापसी की। तब से अब तक 7 ओडीआई में से 6 में वह फिफ्टी प्लस की पारी खेल चुके हैं जिनमें 3 शतक हैं।
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