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विनोद कांबली का वो रिकॉर्ड जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका

ABP News
January 18, 20264 days ago
आज तक कोई नहीं तोड़ सका विनोद कांबली का ये रिकॉर्ड, कैसे गुमनाम हो गया सचिन तेंदुलकर का जिगरी?

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विनोद कांबली, सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त, अपनी आदतों के कारण क्रिकेट में पीछे छूट गए। शराब की लत ने उनके करियर को प्रभावित किया। हाल ही में वे बीमार हुए थे, लेकिन अब उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है। कांबली का टेस्ट मैचों में सबसे तेज 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड आज भी कायम है, जिसे यशस्वी जायसवाल भी नहीं तोड़ पाए।

विनोद कांबली की बल्लेबाजी शैली के लोग दीवाने थे, वह सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं. लेकिन एक दौर ऐसा आया, जब वह गुमनाम हो गए. कहा जाता था कि कांबली अपने दोस्त सचिन के बराबर या उनसे आगे भी निकल सकते हैं, लेकिन एक तरफ सचिन क्रिकेट के भगवान कहे गए तो दूसरी तरफ कांबली अपनी आदतों के चलते पीछे छूट गए. विनोद कांबली की खराब आदतों में शराब की लत भी थी, जिसने उनका करियर खत्म करवा दिया. कुछ समय पहले कांबली की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वह ठीक से चल नहीं पा रहे थे. वह बीमार हो गए थे. वह दिसंबर, 2024 में उनके और सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर की श्रद्धांजलि सभा में भी आए थे. वह सचिन को देखकर भावुक हो गए थे, उन्होंने उनका हाथ पकड़ लिया था. आज विनोद कांबली 54 साल के हो गए हैं. अक्टूबर, 2024 में पहली बार ये खबर आई कि कांबली बीमार हैं. उन्हें यूरिनरी इंफेक्शन था, जो ठीक हो गया था. लेकिन उसी साल दिसंबर में उनकी तबियत खराब हुई तो उन्हें भिवंडी के एक अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. खबर थी कि एमआरआई में उनके दिमाग में क्लॉट की बात सामने आई. इलाज के बाद उन्हें कुछ दिनों बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी. अब कैसी है विनोद कांबली की तबियत पिछले साल अगस्त में उनके भाई ने विनोद कांबली के बारे में बताया था कि वह घर पर हैं और उनकी हालत थोड़ी स्थिर है. इलाज जारी है लेकिन उन्हें बोलने में थोड़ी दिक्कत हो रही है. उन्हें ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा. वो चैंपियन हैं और जल्दी ठीक होंगे. हालांकि तब से उनकी तबियत पर कोई ताजा अपडेट नहीं है. कांबली का ये रिकॉर्ड आज भी कायम विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर रमाकांत आचरेकर के मार्गदर्शन में शिवजी पार्क में एकसाथ खेलते थे. टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने के बाद कांबली ने 7 ही मैचों में 4 शतक लाए दिए थे, इसमें 2 दोहरे शतक भी थे. उन्होंने टीम इंडिया के लिए टेस्ट मैचों में सबसे तेज 1000 रन पूरे किए. उन्होंने 14 पारी में इस आंकड़े को छुआ. विनोद कांबली के इस बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने के यशस्वी जायसवाल बहुत करीब आ गए थे, लेकिन वह इसे तोड़ नहीं पाए. जायसवाल ने 16 पारियों में 1000 टेस्ट रन पूरे किए. विनोद कांबली का ये रिकॉर्ड आज भी कायम है.

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