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विजय शाह पर आर-पार: सुप्रीम कोर्ट का MP सरकार को 14 दिन का अल्टीमेटम
AajTak
January 20, 2026•2 days ago

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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को मंत्री विजय शाह पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पर 14 दिन में फैसला लेने का निर्देश दिया है। कांग्रेस ने शाह पर महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगाया है और उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। विशेष जांच दल की रिपोर्ट के बावजूद, राज्य सरकार की मंजूरी लंबित है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार एक महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह को बचाने की कोशिश कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख ने अब राज्य सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है.
पटवारी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को तुरंत शाह से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए, उनका इस्तीफा स्वीकार करना चाहिए और मंत्री पर मुकदमा चलाने की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने में राज्य सरकार की विफलता अदालत की अवमानना मानी जाएगी.
इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना अधिकारी कर्नल कुरैशी को निशाना बनाकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए शाह पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर दो सप्ताह के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता और जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. हालांकि, आगे की कार्यवाही रोक दी गई है, क्योंकि रिपोर्ट को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत राज्य सरकार से अनिवार्य मंजूरी का इंतजार है, जो सांप्रदायिक नफरत और दुर्भावना को बढ़ावा देने से संबंधित है.
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मंत्री शाह को कर्नल कुरैशी को निशाना बनाने वाली 'अपमानजनक' और 'आपत्तिजनक' टिप्पणियों के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त SIT जांच का सामना करना पड़ा.
कांग्रेस नेता पटवारी ने कहा कि जहां सत्तारूढ़ बीजेपी के नेता अक्सर दूसरों को न्याय, शिष्टाचार और नैतिकता के बारे में लेक्चर देते हैं, वहीं वे अपने ही बदजुबान मंत्रियों को बचाने के लिए हमेशा सभी हदें पार कर देते हैं.
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और शाह की भाषा को 'गंदी भाषा' बताते हुए उनके खिलाफ इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज करने का आदेश दिया था.
शाह पर महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाने और समुदायों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज है. बता दें कि कुंवर विजय शाह वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार में जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री हैं.
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