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विदाई के गाने पर 150 बार रोया सिंगर: एक भावुक कहानी
Jagran
January 18, 2026•4 days ago

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धड़कन फिल्म के 'दूल्हे का सेहरा' गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान गायक नुसरत फतेह अली खान 150 बार रोए थे। यह गाना बेटी की विदाई के इमोशनल पल को दर्शाता है। गाने की एक विशेष पंक्ति, "मैं तेरी बांहों के झूले में पली बाबुल," गाते समय उन्हें अपनी बेटियों की याद आ जाती थी, जिससे बार-बार रिकॉर्डिंग बाधित हुई।
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कुछ फिल्मों उसकी कास्ट, कुछ कहानी तो कुछ उसके गानों के लिए याद की जाती हैं। आज हम भी आपको एक ऐसी ही फिल्म के बारे में बताने वाले हैं जो करीब 25 साल पहले रिलीज हुई थी लेकिन आज भी इसका एक गाने दिल के किसी कोने में बसा हुआ है।
क्यों150 बार रोया सिंगर?
इस सदाबहार गाने के साथ इसके सिंगर की भी बेहतरीन याद जुड़ी हुई है जोकि आम तौर पर बहुत ही कम देखने को मिलता है। इस गाने में एक ऐसी लाइन थी जिसको गाते समय सिंगर 150 बार रोया था। क्या है ये मशहूर किस्सा चलिए आपसे शेयर करते हैं। एक बेटी के लिए उसका विदाई का पल बहुत ही इमोशनल मोमेंट होता है। फिल्म धड़कन के गाने विदाई वाले गाने 'दूल्हे का सेहरा' के दौरान ऐसा ही हुआ।
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फिल्म ने किया था धांसू कलेक्शन
धड़कन फिल्म में अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, सुनील शेट्टी, महिमा चौधरी लीड रोल में थे। इसके डायलॉग नसीम मुकरी-धर्मेश दर्शन ने लिखे थे। फिल्म का बेहद पॉप्युलर म्यूजिक नदीम-श्रवण की जोड़ी ने कंपोज किया था और गीतकार समीर थे। करीब 9.5 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने 26.47 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था। दूल्हे का सेहरा गाने को नुसरत फतेह अली खान ने गाया था और ये खूबसूरत गाना अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी की शादी सीक्वेंस पर फिल्माया गया है।
क्या है इसके पीछे की कहानी?
लिरिसिस्ट सीमर अंजान ने एक इंयरव्यू में बताया था कि गाने को गाते समय नुसरत पूरे 150 बार रोए थे। समीर ने कहा, 'नुसरत फतेह अली खान उन दिनों मुंबई आए थे। मैं धड़कन फिल्म के गाने लिख रहा था। दिल ने ये कहा है दिल से...समेत कई गाने रिकॉर्ड हो गए थे। हम लोग उनके फैन थे तो मन में इच्छा हुई कि वो हमारी फिल्म का एक गाना गा दें। लेकिन दिक्कत यह थी वो बाहर का गाना नहीं गाते थे। हालांकि वो भी नदीम-श्रवण के फैन थे तो हम लोग उनसे होटल में मिले और एक गाने की रिक्वेस्ट की। उन्होंने कहा कि गाना तो मैं गाऊंगा लेकिन मुझे पसंद आना चाहिए। इस तरह से वो मान गए और रिकॉर्डिंग शुरू हुई। जैसे ही इसकी लाइन 'मैं तेरी बांहों के झूले में पली बाबुल' आई तो वो रोने लगे। कम से कम 150 बार इसी लाइन पर गाना कट हुआ। हर बार वो रोने लगते थे।'
जब हमने रोने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि जैसे ही वो लाइन आती है तो मुझे अपनी बेटियों की याद आ जाती है। इस तरह से ये गीत रिकॉर्ड हुआ और हमेशा के लिए सदाबहार गाना बन गया।
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