Thursday, January 22, 2026
Geopolitics
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ट्रंप की नोबेल पाने की हसरत पर नोबेल फाउंडेशन का कड़ा रुख

News18 Hindi
January 18, 20264 days ago
खैरात नहीं जो किसी को भी बांट दें! ट्रंप की हसरत पर नोबेल फाउंडेशन ने फेरा पानी, मचाडो ने सौंपा था अवॉर्ड

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नोबेल फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि नोबेल पुरस्कार किसी को भी खैरात की तरह नहीं बांटा जा सकता। वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो द्वारा अपना नोबेल शांति पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप को देने की इच्छा को फाउंडेशन ने नियमों के विरुद्ध बताते हुए खारिज कर दिया। यह सम्मान मानवता की सेवा के लिए मिलता है, न कि राजनीतिक सौदेबाजी के लिए।

Written by : Sandeep Gupta Agency:News18India Last Updated:January 18, 2026, 18:26 IST Nobel Foundation Reply on Trump Award Transfer: नोबेल फाउंडेशन ने डोनाल्ड ट्रंप की नोबेल पाने की हसरत पर पानी फेर दिया है. मचाडो द्वारा ट्रंप को अपना पुरस्कार ट्रांसफर करने की बात पर फाउंडेशन ने दो-टूक कहा कि यह सम्मान कोई जागीर नहीं जिसे बांटा जा सके. यह उन हुक्मरानों को करारा जवाब है जो वैश्विक प्रतिष्ठा को अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं. नोबेल खैरात में नहीं, मानवता की सबसे बड़ी सेवा के लिए मिलता है. दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबेल पुरस्कार क्या अब किसी राजनीतिक सौदेबाजी या रिटर्न गिफ्ट का हिस्सा बन गया है? यह सवाल हम नहीं पूछ रहे बल्कि खुद नोबेल पुरुस्‍कार देने वाली संस्‍था की तरफ से उठाया गया. वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप को देने की बात कही थी. लेकिन नोबेल फाउंडेशन ने अपने एक कड़े और स्पष्ट बयान से ट्रंप की इस तथाकथित उपलब्धि के गुब्बारे की हवा निकाल दी है. फाउंडेशन ने साफ कर दिया कि अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत कोई गली-मोहल्ले की ट्रॉफी नहीं है जिसे सिंबॉलिक तौर पर किसी को भी थमाया जा सके. यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो नोबेल जैसे गरिमा वाले सम्मान को ट्रंप की मार्केटिंग का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहे थे. ट्रंप, मचाडो और फाउंडेशन की फटकार वेनेजुएला में सत्ता संघर्ष के बीच मचाडो का ट्रंप को अपना नोबेल समर्पित करना या देना, कूटनीतिक हलकों में हास्यास्पद माना जा रहा था. नोबेल फाउंडेशन ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि पुरस्कार उन्हीं को मिलता है जिन्होंने मानव जाति को सबसे बड़ा लाभ पहुंचाया हो. फाउंडेशन ने जोर देकर कहा कि कोई भी विजेता अपना पुरस्कार किसी और को ट्रांसफर या डिस्ट्रीब्यूट नहीं कर सकता, यहां तक कि प्रतीकात्मक रूप से भी नहीं. यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप की उस छवि पर प्रहार है, जिसमें वे खुद को हर बड़े सम्मान का हकदार मानते रहे हैं. अमेरिका फर्स्ट का नारा बुलंद करने वाला ट्रंप प्रशासन अब नोबेल जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को भी अपनी शर्तों पर मोड़ने की कोशिश कर रहा था. फाउंडेशन की इस सख्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया की सबसे बड़ी ताकत का राष्ट्रपति होने का मतलब यह नहीं कि आप इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित पदकों को अपनी जागीर समझ लें. 5 सवाल-जवाब 1. नोबेल फाउंडेशन ने अपने आधिकारिक बयान में मुख्य रूप से क्या कहा? फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार दिए जाते हैं और इन्हें प्रतीकात्मक रूप से भी किसी और को पास या वितरित नहीं किया जा सकता. 2. मारिया कोरिना मचाडो और डोनाल्ड ट्रंप का इस विवाद से क्या संबंध है? मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को देने या उनके साथ साझा करने की इच्छा जताई थी जिसे फाउंडेशन ने नियमों के विरुद्ध बताया है. 3. क्या कोई नोबेल विजेता अपना पुरस्कार किसी और को दे सकता है? बिल्कुल नहीं. फाउंडेशन के नियमों के अनुसार, पुरस्कार का अधिकार केवल उन्हीं को है जिन्हें आधिकारिक चयन समितियों द्वारा चुना गया हो. 4. इस बयान को ट्रंप के लिए एक झटका क्यों माना जा रहा है? क्योंकि ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत रखते रहे हैं. फाउंडेशन के बयान ने यह साफ कर दिया कि यह सम्मान राजनीतिक सिफारिशों या ‘गिफ्टिंग’ से नहीं मिल सकता. 5. नोबेल पुरस्कार देने का मुख्य आधार क्या है? पुरस्कार केवल उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए उत्कृष्ट और सबसे बड़ा लाभ पहुँचाने वाला कार्य किया हो. About the Author Sandeep Gupta पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें Click here to add News18 as your preferred news source on Google. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। महाराष्ट्र बीएमसी चुनाव रिजल्ट 2026 यहां देखें| Location : Delhi First Published : January 18, 2026, 18:25 IST homeworld खैरात नहीं, किसी को भी बांट दिया! ट्रंप की हसरत पर नोबेल फाउंडेशन ने फेरा पानी और पढ़ें

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    ट्रंप को नोबेल नहीं: नोबेल फाउंडेशन का जवाब