Thursday, January 22, 2026
Geopolitics
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NATO पर ट्रंप का नया सवाल: क्या अमेरिका को मिलेगा समर्थन?

Moneycontrol Hindi
January 21, 20261 day ago
हम पर हमला हुआ, तो क्या आप हमारे साथ खड़े होंगे? ट्रंप ने फिर उठाए NATO पर सवाल, बोले- यूक्रेन से अमेरिका का कोई मतलब नहीं

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो की प्रतिबद्धता पर फिर सवाल उठाए, कहा कि अमेरिका पर हमला होने पर देशों के समर्थन पर संदेह है। उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप को चेतावनी दी। ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध से अमेरिका के संबंध को नकारा, जिम्मेदारी यूरोप और नाटो पर डाली। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो (NATO) की अमेरिका के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भरोसा नहीं है कि अगर अमेरिका पर हमला हुआ, तो नाटो देश उसकी रक्षा के लिए आगे आएंगे। स्विट्जरलैंड के दावोस में दिए गए अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, “NATO की समस्या यह है कि हम उनके लिए 100 प्रतिशत खड़े रहते हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वे हमारे लिए खड़े होंगे या नहीं।” ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की मांग और यूरोपीय देशों के विरोध के बीच ट्रंप लगातार NATO की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। बुधवार को ग्रीनलैंड को हासिल करने की अपनी कोशिशों के दौरान ट्रंप ने NATO देशों को एक कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, “उनके पास एक विकल्प है। वे हां कह सकते हैं, तो हम इसकी सराहना करेंगे। या वे ना कह सकते हैं, और हम इसे याद रखेंगे।” NATO का एक अहम सिद्धांत अनुच्छेद-5 (Article 5) है। इसके तहत अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो इसे सभी सदस्य देशों हमला माना जाता है और उसकी रक्षा के लिए सभी आगे आते हैं। इस अनुच्छेद का इस्तेमाल अब तक सिर्फ एक बार हुआ है- 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद, जब अमेरिका ने इसे लागू किया था। इसके बावजूद ट्रंप ने नाटो पर अपनी शंका दोहराई। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी को अच्छी तरह जानता हूं, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि वे हमारे लिए खड़े होंगे। हम इतना पैसा खर्च करते हैं, इतना बलिदान देते हैं- खून, पसीना और आंसू- फिर भी मुझे नहीं लगता कि जरूरत पड़ने पर वे हमारे साथ होंगे।” ट्रंप के इन बयानों से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच रिश्तों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। यूक्रेन से अमेरिका को कोई लेना-देना नहीं, NATO खुद देखे ट्रंप ने अपने ताजा भाषण में यूक्रेन युद्ध को लेकर भी एक बार फिर सख्त और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच “एक बड़ा, खूबसूरत महासागर” है और इस वजह से यूक्रेन के मामले से अमेरिका का “कोई लेना-देना नहीं” है। ट्रंप ने NATO पर बात करते हुए यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध का जिक्र किया और कहा कि नाटो अमेरिका के साथ “बहुत गलत और अन्यायपूर्ण” व्यवहार करता है। उन्होंने दोहराया कि अगर वह उस समय राष्ट्रपति होते, तो रूस यूक्रेन युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। इसके साथ ही ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपना पुराना दावा दोहराया और कहा कि चुनाव “धांधली से भरा हुआ” था। यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिशों पर सवाल उठाते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इससे आखिर मिला क्या। उन्होंने कहा, “हमें इसके बदले सिर्फ मौत, तबाही और ढेर सारा पैसा मिला, जो ऐसे लोगों को गया जो हमारे काम की कद्र नहीं करते।” ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि यूक्रेन की जिम्मेदारी यूरोप और NATO की है, अमेरिका की नहीं। उन्होंने कहा, “मैं NATO की बात कर रहा हूं, मैं यूरोप की बात कर रहा हूं। उन्हें यूक्रेन पर काम करना चाहिए। हमें नहीं। अमेरिका बहुत दूर है। हमारे और उनके बीच एक बड़ा महासागर है। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है।”

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    ट्रंप के NATO पर सवाल: क्या अमेरिका को समर्थन मिलेगा?