Geopolitics
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ट्रंप ने इजरायल को झटका दिया: गाजा में तुर्की की एंट्री
Navbharat Times
January 18, 2026•4 days ago
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा शांति बोर्ड की घोषणा से अमेरिका-इजरायल में तनाव है। इजरायल ने कहा कि उन्हें बोर्ड में तुर्की और कतर की एंट्री पर विश्वास में नहीं लिया गया, जिसे वे अपनी सरकारी नीति के विरुद्ध मानते हैं। इजरायल गाजा में तुर्की की भूमिका का विरोध करता है। इस घोषणा को इजरायल में राजनयिक विफलता बताया जा रहा है।
वॉशिंगटन/तेल अवीव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा को लेकर बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा को लेकर अमेरिका और इजरायल में तनाव उभर आया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने शनिवार को यह कहकर चौंका दिया कि गाजा कार्यकारी बोर्ड की घोषणा को लेकर इजरायल से बात नहीं हुई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे इजरायल की सरकारी नीति के खिलाफ बताया है। हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया कि इजरायल की आपत्ति किस बात पर है, लेकिन माना जा रहा है कि यह बोर्ड में तुर्की और कतर के अधिकारियों को शामिल किए जाने को लेकर है।
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में कतर और तुर्की के विदेश मंत्रियों को शामिल किया गया है। इजरायल ने गाजा में तुर्की की किसी भी भूमिका का विरोध किया है। इसके साथ ही वह कतर को भी हमास के समर्थक के रूप में देखता है। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इजरायली न्यूज चैनल N12 ने बताया कि गाजा के बोर्ड ऑफ पीस में कतर और तुर्की की मौजूदगी के बारे में इजरायल को पहले से सूचित नहीं किया गया था।
गाजा पर अमेरिका का शो
अधिकारियों ने N12 को बताया, हमने नेतन्याहू को कार्यकारी समिति की संरचना के बारे में पहले नहीं बताया था। अधिकारियों ने साफ कहा कि 'गाजा अब हमारा शो है, उनका (नेतन्याहू) नहीं। अगर वह चाहते हैं कि ट्रंप प्रशासन गाजा से निपटे, तो हम इसे अपने तरीके से करेंगे।'
वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार से इस मामले को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उठाने के लिए कहा है। लेकिन ट्रंप प्रशासन की घोषणा के बाद इजरायल में हलचल मच गई है। इजरायली राजनेताओं ने बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा की आलोचना की है। विपक्षी नेता याएर लैपिड ने इसे इजरायल के लिए एक राजनयिक विफलता बताया।
विपक्ष के निशाने पर नेतन्याहू
लैपिड ने दावा किया कि पिछले एक साल से वह सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर आप अमेरिका और दुनिया के साथ मिस्र के समाधान को आगे नहीं बढ़ाते हैं तो आप गाजा में तुर्की और कतर के साथ खत्म होंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बोर्ड ऑफ पीस में कतर है, तुर्की है और जोर दिया कि गाजा में भी हमास के 30000 सशस्त्र लड़ाके हैं। उन्होंने आगे कहा, यह IDF के सैनिकों और कमांडरों की अंतहीन वीरता और बलिदान के बाद नेतन्याहू सरकार की एक पूरी तरह से राजनयिक विफलता है।
लेखक के बारे मेंविवेक सिंहविवेक सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 12 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) को कवर कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के घटनाक्रम में विशेष रुचि है। अमर उजाला देहरादून के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदा,एबीपी न्यूज से होते हुए नवभारत टाइम्स तक यह सफर जारी है। इस बीच न्यूज18 यूपी/उत्तराखंड के साथ टीवी की दुनिया और वीडियो न्यूज ऐप प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।... और पढ़ें
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