Friday, January 23, 2026
Geopolitics
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ईरान को धरती से मिटा देंगे: ट्रंप की तेहरान को सबसे बड़ी धमकी

Navbharat Times
January 21, 20261 day ago
ईरान को धरती से मिटा देंगे, डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान को सबसे बड़ी धमकी, बताया कब होगा ऐसा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है, यदि वे उन्हें मारने का प्रयास करते हैं। ट्रंप ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रयास से ईरान का वजूद मिटा दिया जाएगा। यह बयान ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। ईरान ने भी ट्रंप को सीधी चेतावनी दी है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान उन्हें मारने की कोशिश करता है तो ईरान का वजूद नहीं बचेगा। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने न्यूजनेशन पर एक इंटरव्यू में कहा कि 'मैंने बहुत सख्त निर्देश दिए हैं। अगर कुछ भी होता है तो वे उन्हें इस धरती से मिटा देंगे।' डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पहले के बयानों का विस्तार है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने सलाहकारों को निर्देश दिया है कि अगर उन पर किसी भी हमले के पीछे ईरान पाया जाता है तो उसे खत्म कर दिया जाए। ट्रंप की ताजा टिप्पणी ऐसे समय में आई जब ईरान के अंदर व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तीखी बयानबाजी हुई है। ईरान में प्रदर्शनकारियों को ट्रंप ने खुला समर्थन दिया था और कहा था कि अगर अधिकारी लोगों को मारते हैं तो अमेरिका हमला करेगा। वहीं, तेहरान ने ट्रंप को सीधी चेतावनी दी थी कि अगर देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने की कोई भी कोशिश होती है तो ईरान इसे पूर्ण युद्ध का ऐलान समझेगा। ईरानी सेना की ट्रंप को खुली धमकी ईरान की सेना के प्रवक्ता 'जनरल अबोलफजर शेकरची ने कहा था कि ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की तरफ कोई हमलावर हाथ बढ़ाया गया तो हम न सिर्फ उस हाथ को काट देंगे, बल्कि उनकी दुनिया में आग भी लगा देंगे।' ईरानी सैन्य प्रवक्ता का बयान ट्रंप के पॉलिटिको को दिए इंटरव्यू का जवाब माना गया। ट्रंप ने पॉलिटिको से बातचीत में खामेनेई को एक 'बीमार आदमी' बताया और कहा कि ईरान में 'अब नए नेतृत्व को ढूढ़ने का समय आ गया है।' ईरान में पिछले साल के आखिर में शुरू हुई विरोध प्रदर्शनों के बाद तेहरान और वॉशिंगटन में तनाव बढ़ गया है। महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन देखते ही देखते सत्ता विरोधी आंदोलन में बदल गए। ईरान में अधिकारियों ने इसे अमेरिका और इजरायल की साजिश बताया और प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों का कहना है कि दमनपूर्ण कार्रवाई में 4500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। कुछ आंकड़े इस संख्या को 12000 से ऊपर बताते हैं। खामेनेई ने मानी हजारों की मौत की बात ईरान में 8 जनवरी के बाद से ही इंटरनेट बंद है जिसके कारण मृतकों की असली संख्या के बारे में पता लगा पाना मुश्किल हो गया है। पिछले शनिवार को सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पहली बार बड़े पैमाने पर मौतों को स्वीकार किया और कहा कि कई हजार लोग मारे गए हैं। उन्होंने हिंसा के लिए अमेरिका के हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया। लेखक के बारे मेंविवेक सिंहविवेक सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 12 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) को कवर कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के घटनाक्रम में विशेष रुचि है। अमर उजाला देहरादून के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदा,एबीपी न्यूज से होते हुए नवभारत टाइम्स तक यह सफर जारी है। इस बीच न्यूज18 यूपी/उत्तराखंड के साथ टीवी की दुनिया और वीडियो न्यूज ऐप प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

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