Thursday, January 22, 2026
Geopolitics
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डोनाल्ड ट्रंप के 24 घंटे: नोबेल, ग्रीनलैंड, टैरिफ, डिएगो गॉर्सिया - 5 बड़े फैसले

AajTak
January 20, 20262 days ago
नोबेल, ग्रीनलैंड, टैरिफ, डिएगो गॉर्सिया और... एक दिन में पांच कांड, क्या चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले 24 घंटों में कई विवादास्पद बयान और कदम उठाए हैं। नोबेल पुरस्कार न मिलने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कही। उन्होंने एक AI-जनित नक्शा पोस्ट किया जिसमें ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र दिखाया गया। फ्रांस को 200% टैरिफ की धमकी दी और डिएगो गॉर्सिया पर ब्रिटेन को 'मूर्खतापूर्ण' कदम के लिए फटकारा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में पिछले 24 घंटों में पांच ऐसे बयान दिए हैं. जिससे दुनिया हैरान है, ट्रंप के ये बयान और कदम उनके आने वाले फैसले का संकेत देते हैं. ट्रंप को भले ही वेनेजुएला की एक्टिविस्ट मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल पुरस्कार दे दिया हो, लेकिन इससे नोबेल लेने की ट्रंप की भूख नहीं गई है. 1. मुझे नोबेल नहीं दिया...अब जिम्मेदारी मेरी नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल न मिलने पर अपनी झुंझलाहट पत्र लिखकर निकाली है. ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर को पत्र लिखा है और कहा है कि नॉर्वे ने उन्हें नोबेल पुरस्कार न देकर ठीक नहीं किया. खास बात ये रही कि नॉर्वे के पीएम को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिखी गई ये चिट्ठी लीक हो गई है. और इसका सारा कंटेट सार्वजनिक हो गया है. ट्रंप ने नॉर्वे के पीएम को लिखा है, "आपके देश ने 8 से अधिक युद्ध रुकवाने के बावजूद मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया, इसे देखते हुए अब मुझे केवल शांति के बारे में सोचने की कोई जिम्मेदारी महसूस नहीं होती. हालांकि शांति का मुद्दा हमेशा रहेगा, लेकिन अब मैं इस बारे में भी सोच सकता हूं कि अमेरिका के लिए क्या सही और उचित है." राष्ट्रपति ने पत्र में कहा है कि शांति की दिशा में बड़े काम करने के बावजूद उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिला तो अब वो ग्रीनलैंड पर कब्जे की दिशा में कदम उठा सकते हैं. Advertisement नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें ट्रंप की चिट्ठी मिली है. लेकिन नॉर्वे ने यह भी कहा है कि नोबेल पुरस्कार के निर्धारण में सरकार की भूमिका नहीं होती है. 2. अमेरिका का AI मैप, ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला भी शामिल ट्रंप अपने विस्तारवादी और साम्राज्यवादी सोच को प्रदर्शन करने में तनिक भी कंजूसी नहीं करते. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर मंगलवार को AI से बने एक ऐसे नक्शे को पोस्ट किया है जिससे यूरोप में हलचल मच गई है. इस नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है. तस्वीर में कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे के लाल, सफेद और नीले रंगों में दिखाया गया है. इस पोस्ट को ट्रंप के मिशन ग्रीनलैंड सो जोड़कर देखा जा रहा है. इस तस्वीर में ट्रंप के दफ्तर में वो नक्शा टंगा है और उनके साथ यूरोप के नेता बैठकर चर्चा कर रहे हैं. इनमें ब्रिटेन के पीएम स्टॉर्मर, इटली की पीएम मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां प्रमुख हैं. यह तस्वीर अगस्त 2025 का संशोधित संस्करण दिखता है जिसमें ट्रंप यूक्रेन युद्ध की स्थिति पर यूरोपीय नेताओं के साथ चर्चा कर रहे थे. 3. ग्रीनलैंड पर फहराया अमेरिकी झंडा Advertisement अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक और एडवेंचर किया है. उन्होंने मंगलवार को ट्रूथ सोशल पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए ग्रीनलैंड की जमीन पर अमेरिकी झंडा ही फहरा दिया है. इस तस्वीर में ट्रंप उपराष्ट्रपति जेडी वांस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ ग्रीनलैंड पर अमेरिका का झंडा गाड़ते नजर आ रहे हैं. इसी के साथ ही यहां एक तख्ती भी लगी है. जिस पर लिखा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका का क्षेत्र है और इसकी स्थापना 2026 में हुई है. बता दें कि ट्रंप ने मंगलवार को ही कहा है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के अपने लक्ष्य से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है. ट्रंप के इस रूख को लेकर यूरोप में तनाव का स्तर चरम पर है. हालांकि ग्रीनलैंड पर हक रखने वाले डेनमार्क के पीएम ने कहा है कि आजादी, पहचान और बॉर्डर से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. ये एकदम टकराव की नौबत है. 4. फ्रांस को 200% टैरिफ की धमकी ट्रंप अपने मिशन को कारगर और सफल बनाने हर पैंतरा आजमा रहे हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने फ्रांस पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दे डाली है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर मैक्रां ने प्रस्तावित गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया तो वह फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाएंगे. Advertisement खबरें हैं कि मैक्रां ने गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण ठुकरा दिया है. ट्रंप ने आगे कहा कि मैक्रां को कोई नहीं चाहता है क्योंकि वे बहुत जल्द पद से हट जाएंगे. ट्रंप ने राष्ट्रपति मैक्रां के साथ बातचीत का का एक चैट स्क्रीनशॉट भी वायरल कर दिया है. इसमें वो कहते हैं, "सीरिया के मुद्दे पर हमारी राय पूरी तरह एक जैसी है. ईरान के मामले में हम बहुत कुछ कर सकते हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप ग्रीनलैंड के मामले में क्या कर रहे हैं. ट्रंप ने मैक्रां को डिनर के लिए भी आमंत्रित किया है. ट्रंप ने कहा है कि दावोस के बाद गुरुवार दोपहर पेरिस में G7 की बैठक आयोजित कर सकता हूं. मैं यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूसियों को भी इसमें आमंत्रित कर सकता हूं. 5. डिएगो गॉर्सिया पर ब्रिटेन को फटकार, कहा- GREAT STUPIDITY ट्रंप ने डिएगो गार्सिया पर 20 जनवरी 2026 को ट्रूथ सोशल पर ब्रिटेन की कड़ी आलोचना की है. डिएगो गॉर्सिया मध्य हिंद महासागर में स्थित है. यह ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी का हिस्सा था, लेकिन 2025 में UK ने संप्रभुता मॉरीशस को सौंप दी. ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस (Mauritius) को सौंपने की योजना बना रहा है, जिसमें डिएगो गार्सिया भी शामिल है. जो एक महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य बेस का स्थान है. ट्रंप ने इसे बिना किसी कारण के बताया और कहा कि यह पूरी तरह से कमजोरी का काम है. ट्रंप ने कहा, "चीन और रूस ने कमजोरी के इस काम को नोटिस किया है. UK का इतनी जरूरी जमीन देना बहुत बड़ी बेवकूफी है, और यह नेशनल सिक्योरिटी के उन कई कारणों में से एक है जिनकी वजह से ग्रीनलैंड को हासिल करना ज़रूरी है." Advertisement पिछले 24 घंटे में राष्ट्रपति ट्रंप इन कदमों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई आशंकाओं को जन्म दिया है. ट्रंप ने पिछले एक साल में ही कई बार अचानक और अभूतपूर्व फैसले लिए हैं. लिहाजा उनके कदमों को लेकर अनुमान लगाना मुश्किल है. ---- समाप्त ----

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    ट्रंप के 5 बड़े बयान: नोबेल, ग्रीनलैंड, टैरिफ, डिएगो गॉर्सिया