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तमिलनाडु असेंबली में राष्ट्रगान का अपमान? राज्यपाल ने छोड़ा सदन, जानिए पूरा ड्रामा
Hindustan
January 20, 2026•2 days ago

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तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल आर.एन. रवि ने राष्ट्रगान के अपमान और माइक्रोफोन बंद करने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया। राजभवन ने कहा कि राज्यपाल को बोलने से रोका गया और उनके भाषण में दलितों पर अत्याचार जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल को मर्यादा पालन की नसीहत दी। यह घटना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सत्र में हुई।
संक्षेप:
घटना के कुछ घंटों बाद राजभवन की ओर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें कहा गया कि राज्यपाल को बार-बार बोलने से रोका गया और उनका माइक्रोफोन जानबूझकर बंद किया गया।
Jan 20, 2026 11:59 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान , चेन्नई
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तमिलनाडु विधानसभा का मंगलवार का सत्र उस समय भारी विवाद में बदल गया, जब राज्यपाल आर एन रवि ने उद्घाटन भाषण देने से पहले ही सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में राष्ट्रगान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया गया और कार्यवाही के दौरान उनका माइक्रोफोन भी बंद कर दिया गया, जिससे वह अपनी बात नहीं रख सके।
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सदन से बाहर निकलने के बाद राज्यपाल रवि ने मीडिया से बातचीत में कहा- मैं निराश हूं। राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे भाषण में बार-बार बाधा डाली गई। उनके इस कदम से विधानसभा के भीतर तीखी बहस छिड़ गई।
सदन के भीतर तीखा टकराव
विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु ने राज्यपाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें सदन की परंपराओं, नियमों और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत दी। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही तय प्रक्रिया के तहत चलती है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए।
राजभवन का बयान
घटना के कुछ घंटों बाद राजभवन की ओर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें कहा गया कि राज्यपाल को बार-बार बोलने से रोका गया और उनका माइक्रोफोन जानबूझकर बंद किया गया। बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य में दलितों पर अत्याचार और दलित महिलाओं के साथ यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं जैसे गंभीर मुद्दों को राज्यपाल के अभिभाषण में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। राजभवन ने यह दावा भी किया कि विधानसभा में एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान हुआ और संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों की अवहेलना की गई।
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब राज्यपाल रवि और तमिलनाडु सरकार के बीच टकराव सामने आया हो। पिछले वर्ष भी इसी तरह की एक घटना हुई थी, जब राज्यपाल ने सदन से बाहर निकलते हुए गहरी पीड़ा जताई थी और आरोप लगाया था कि भारत के संविधान और राष्ट्रगान का अपमान किया गया।
चुनावी माहौल में सत्र अहम
विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण मौजूदा सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल, जिनमें AIADMK और BJP शामिल हैं, सत्तारूढ़ सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाने की तैयारी में हैं। वहीं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और उनके कैबिनेट सहयोगी विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बना रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु विधानसभा का यह सत्र बेहद तनावपूर्ण और राजनीतिक रूप से गर्म रहने वाला है।
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