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सुजलॉन एनर्जी शेयर: एक्सपर्ट का 55% टारगेट, जानें क्या है वजह
AajTak
January 20, 2026•2 days ago

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मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में 55% की वृद्धि का लक्ष्य रखा है, जो 74 रुपये का है। कंपनी के राजस्व और EBIDA में महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान है, बावजूद इसके कि शेयर हाल ही में दबाव में रहे हैं। 2030 तक पवन ऊर्जा की अतिरिक्त मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे सुजलॉन को फायदा हो सकता है।
मोतीलाल ओसवाल फाईनेंशियल सर्विसेज ने सुजलॉन एनर्जी के शेयरों को लेकर बड़ा क्लेम किया है. उनका मानना है कि यह शेयर अभी अच्छा रिटर्न दे सकता है, क्योंकि निवेशकों के लिए रिस्क प्रॉफिट रेशियो अनुकूल बना हुआ है. हालांकि वित्त वर्ष 2026 में सुजलॉन के शेयरों में 15 फीसदी की गिरावट हुई है और अभी ये शेयर दबाव में हैं.
मोतीलाल ओसवाल ने बताया कि सोलर एनर्जी और बीएसईएस सेगमेंट से कॉर्न्टैक्ट में विंड एनर्जी की हिस्सेदारी में कमी, विंड एनर्जी प्लांट्स की स्थापना की धीमी रफ्तार और विंड एनर्जी सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से संबंधित हैं. हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने अपनी 'खरीदें' की सलाह बरकरार रखी है और शेयर में 55 प्रतिशत की ग्रोथ का संकेत दिया है.
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि हमारा अनुमान है कि 20-24 गीगावाट की अतिरिक्त मांग होगी. हमारा अनुमान है कि डेटा सेंटर, उपभोक्ता, निवेश उपभोक्ता और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम मिलकर 2030 तक पवन ऊर्जा की 20-24 गीगावाट की अतिरिक्त मांग को बढ़ा सकते हैं, जो वित्त वर्ष 2030 तक भारत के टारगेट 100 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता से कहीं अधिक है.
सुजलॉन के शेयरों का हाल
मंगलवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर 2 प्रतिशत और गिरकर 47.17 रुपये पर आ गए, जिससे इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 65,000 करोड़ रुपये से नीचे आ गया. पिछले एक महीने में शेयर 11 प्रतिशत नीचे गिरा है, जबकि पिछले छह महीनों में इसमें लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है. ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, लगभग 15-17 गीगावाट की पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट्स वर्तमान में बोली में हैं, जिससे निकट भविष्य में ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना है.
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74 रुपये का टारगेट
ब्रोकरेज ने कहा कि हमारा अनुमान है कि दिसंबर 2025 की तिमाही में 671 मेगावाट के पवन टरबाइन ऑर्डर पूरे होने के कारण राजस्व में सालाना आधार पर 52 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो सालाना आधार पर 50 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 19 प्रतिशत अधिक है. EBIDA में 66 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है, और मार्जिन 18 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. रिपोर्ट में 74 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है.
37 फीसदी गिर चुका है ये शेयर
सुजलॉन के शेयर लगातार गिरावट की ओर चल रहे हैं और मई 2025 में 74.30 रुपये के अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से शेयर 37 प्रतिशत गिर चुका है.शेयर अप्रैल 2025 में 46 रुपये के अपने 52-सप्ताह के न्यूनतम स्तर से थोड़ा ही नीचे है. पिछले एक साल में शेयर 20 प्रतिशत नीचे आया है. कंपनी ने अभी तक दिसंबर 2025 तिमाही की तारीख का ऐलान नहीं किया है.
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज फर्म के अपने विचार हैं. aajtak.in इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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