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बंगा से AAP विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी का इस्तीफा: पार्टी को बड़ा झटका
News18 Hindi
January 18, 2026•4 days ago

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पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक बयान से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह बयान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुमशुदा स्वरूपों की बरामदगी से संबंधित था, जिससे सिख संगत में नाराजगी थी। एसजीपीसी और अकाली दल ने भी इसका विरोध किया था।
Reported by :
चमन पलानिया
Written by :
संतोष कुमार
Last Updated:January 18, 2026, 14:49 IST
AAP faces setback in Punjab: आप विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने गुरुद्वारा राजा साहिब में इस्तीफा देकर AAP को झटका दिया. CM भगवंत मान के बयान से सिख संगत नाराज है. SGPC और अकाली दल ने इसको लेकर विरोध जताया है. इसी कड़ी में सुक्खी ने इस्तीफा दिया है.
AAP faces setback in Punjab: पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. बंगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और कैबिनेट रैंक वाले डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने शनिवार को बंगा स्थित गुरुद्वारा राजा साहिब (नाभ कंवल रसोखाना) पहुंचकर इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा की और सोशल मीडिया पर लाइव होकर इसकी पुष्टि की. डॉ. सुक्खी ने इस्तीफे का मुख्य कारण मुख्यमंत्री भगवंत मान का हालिया बयान बताया, जो श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के दौरान दिया गया था. सीएम मान ने वहां कहा था कि 328 लापता श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों में से 169 बंगा के एक डेरे (गुरुद्वारा राजा साहिब) से बरामद हुए हैं, जिनमें से 139 का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है.
आतिशी के बयान पर बवाल
इससे पहले सिख समुदाय को लेकर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के एक बयान पर बवाल मच चुका है. दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आतिशी पर गुरु तेग बहादुर जी के अपमानजनक उल्लेख का आरोप लगा. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि आतिशी ने विधानसभा में चर्चा के दौरान ‘कुत्तों का सम्मान करो, गुरुओं का सम्मान करो’ जैसी अपमानजनक शब्दावली का उपयोग किया, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुईं. पूर्व सीएम और पंजाब के मौजूदा सीएम के बयान से आप नेता अरविंद केजरीवाल के किले पंजाब की सरकार पर संकट आ गया है.
सिख संगत और धार्मिक संगठन नाराज
सुक्खी ने इसे सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि कर्तव्य बताया था. इस बयान से सिख संगत और धार्मिक संगठनों में भारी नाराजगी फैली. गुरुद्वारा प्रबंधन ने सीएम के दावे को बेबुनियाद करार दिया और कहा कि उनके पास कोई लापता स्वरूप नहीं है. वे पुराने स्वरूपों को गोइंदवाल साहिब जमा कर नए प्राप्त करते हैं. एसजीपीसी SGPC और अकाली दल ने भी बयान की निंदा की, इसे सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया. अकाल तख्त ने CM को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया, जहां उन्होंने सफाई दी लेकिन विवाद कम नहीं हुआ.
पेशे से डॉक्टर हैं सुक्खी
डॉ. सुक्खी पेशे से डॉक्टर हैं और अपनी धार्मिक आस्था के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने कहा कि मेरी गुरुद्वारा राजा साहिब अस्थान के प्रति गहरी श्रद्धा है. गुरु घर से जुड़े मामलों पर कोई समझौता नहीं कर सकता. सीएम के बयान ने मेरी अंतरात्मा को ठेस पहुंचाई. मैं अपनी आस्था और सिख संगत की भावनाओं को सर्वोपरि मानता हूं. उन्होंने लाइव में जोर दिया कि यह फैसला व्यक्तिगत है और पार्टी या पद से जुड़ा नहीं.
डॉ. सुक्खी 2022 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) से बंगा जीते थे, लेकिन 2024 में आप में शामिल हो गए थे. सीएम मान ने उन्हें पार्टी में स्वागत किया और पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन का चेयरमैन बनाया, जो कैबिनेट रैंक देता है. हालांकि, दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता पर विवाद था और हाईकोर्ट में मामला लंबित है. इस्तीफे से आप के लिए बंगा सीट पर उपचुनाव की संभावना बढ़ गई है. इस घटना से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. आप में आंतरिक असंतोष की अटकलें लग रही हैं, जबकि विपक्ष (कांग्रेस, अकाली दल) इसे सरकार की धार्मिक संवेदनशीलता की कमी बताकर हमला बोल रहा है.
About the Author
संतोष कुमार
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
Location :
All India
First Published :
January 18, 2026, 14:25 IST
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