Economy & Markets
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52-हफ़्ते के हाई से 60% टूटा शेयर: जानें लॉक-इन अवधि का अंत
CNBC TV18
January 20, 2026•3 days ago

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लक्ष्मी डेंटल लिमिटेड के शेयरधारकों का एक साल का लॉक-इन पीरियड समाप्त हो रहा है। इसके बाद लगभग 71 लाख शेयर (13% इक्विटी) ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे, जिनकी कीमत ₹167 करोड़ आंकी गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इससे स्टॉक में निकट अवधि में अस्थिरता बढ़ सकती है।
Lock-In Period End: 52 Week High से 60% टूट चुके इस स्टॉक का खत्म होगा 1 साल का लॉक-इन-पीरियड
Lock-In Period End: मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉक-इन समाप्ति के चलते निकट अवधि में स्टॉक में अस्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कितनी हिस्सेदारी वास्तव में बाजार में आती है.
By CNBC Awaaz
Lock-In Period End: हाल ही में लिस्ट Laxmi Dental Ltd. के शेयर मंगलवार, 20 जनवरी को फोकस में रहेंगे. कंपनी के शेयरधारकों का एक साल का लॉक-इन पीरियड आज समाप्त हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में शेयर ट्रेडिंग के लिए योग्य हो जाएंगे.
Nuvama Alternative & Quantitative Research के मुताबिक, लॉक-इन खत्म होने के बाद कंपनी के करीब 71 लाख शेयर, यानी कुल इक्विटी का लगभग 13%, बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि लॉक-इन समाप्त होने का मतलब यह नहीं है कि ये सभी शेयर तुरंत खुले बाजार में बिकेंगे, बल्कि वे केवल ट्रेडिंग के लिए योग्य बनते हैं. सोमवार के बंद भाव के आधार पर, लॉक-इन खत्म होने के बाद ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने वाले इन शेयरों की कुल कीमत करीब ₹167 करोड़ आंकी गई है.
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
दिसंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, लक्ष्मी डेंटल में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 41.7% रही है. पब्लिक शेयरहोल्डर्स में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी करीब 11% है. इसमें प्रमुख रूप से ICICI Prudential Pharma Healthcare and Diagnostics Fund – 4.58%, HDFC Pharma and Healthcare Fund – 1.37%, Kotak Healthcare Fund – 1.37% शामिल हैं.
अन्य प्रमुख पब्लिक निवेशकों में Orbimed Asia की 22.4% हिस्सेदारी और Goldman Sachs India Equity Portfolio की 3.5% हिस्सेदारी शामिल है.
इसके अलावा, करीब 40,000 रिटेल शेयरधारक, जिनकी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल ₹2 लाख तक है, वो कंपनी में 8.2% हिस्सेदारी रखते हैं. यह आंकड़ा सितंबर तिमाही के अंत में रिटेल निवेशकों की 7.3% हिस्सेदारी से ज्यादा है.
शेयर का प्रदर्शन
लिस्टिंग के बाद पिछले साल की शुरुआत में पोस्ट-लिस्टिंग हाई बनाने के बाद से लक्ष्मी डेंटल के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिली है.
स्टॉक अपने पोस्ट-लिस्टिंग हाई ₹584 से करीब 60% टूट चुका है, वहीं, IPO प्राइस ₹428 के मुकाबले इसमें लगभग 45% की गिरावट आ चुकी है.
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉक-इन समाप्ति के चलते निकट अवधि में स्टॉक में अस्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कितनी हिस्सेदारी वास्तव में बाजार में आती है.
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