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गणतंत्र दिवस परेड 2024: कश्मीर की सिमरन बाला रचेंगी इतिहास, पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व

Navbharat Times
January 21, 20261 day ago
CRPF की पुरुष टीम को करेंगी लीड, दिल्ली के कर्तव्य पथ पर रचेंगी इतिहास, जानिए कश्मीर की बेटी सिमरन बाला कौन

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जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहली बार होगा जब कोई महिला अधिकारी इस भूमिका में होगी, जो देश की सुरक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है। सिमरन बाला राजौरी जिले की रहने वाली हैं और यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा में जम्मू-कश्मीर से एकमात्र महिला उत्तीर्ण थीं।

जम्मू-कश्मीर की रहने वाली 26 वर्षीय सीआरपीएफ सहायक कमांडेंट सिमरन बाला 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हो रही हैं। वह अपनी फोर्स की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा। यह पहली बार होगा जब गणतंत्र दिवस की परेड पर सीआरपीएफ के पुरुषों की टुकड़ी को कोई महिला अफसर लीड करेगी। यह इस राष्ट्रीय आयोजन में 140 से अधिक पुरुष कर्मियों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। बदलते भारत की तस्वीर 140 से अधिक पुरुष कर्मियों का उनका नेतृत्व भारत के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और देश की सुरक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। गणतंत्र दिवस परेड में सिमरन बाला की भूमिका अभूतपूर्व है। अपनी व्यापक परिचालन क्षमता और विशालता के लिए जानी जाने वाली सीआरपीएफ की औपचारिक परेड में परंपरागत रूप से पुरुष अधिकारी ही नेतृत्व करते रहे हैं। दल कमांडर के रूप में उनकी नियुक्ति संस्थागत परिवर्तन का प्रतीक है और सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता का सशक्त संदेश देती है। नौशेरा की रहने वाली हैं सिमरन बाला सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा की रहने वाली हैं। इस ऐतिहासिक क्षण तक पहुंचने का उनका सफर सीमावर्ती क्षेत्र में उनके बचपन के अनुभवों से प्रेरित है। उन्होंने अपने बचपन से ही सीमा पार से गोलीबारी देखी। उनके इसी अनुभव ने उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। जून 2023 में हुआ चयन जून 2023 में सिमरन बाला का चयन यूपीएससी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा (सीएपीएफ) में हुआ। वह यह परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली जम्मू- कश्मीर की एकमात्र महिला बनीं। उन्होंने 151 उत्तीर्ण उम्मीदवारों में अखिल भारतीय रैंक 82 प्राप्त की। सरकारी कॉलेज से पढ़ाई सिमरन बाला ने नौशेरा में कक्षा 10 तक की स्कूली शिक्षा पूरी की, जिसके बाद वे उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए जम्मू चली गईं। बाद में उन्होंने गांधीनगर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। सिमरन ने बताया कि वह जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला कॉलेज से पढ़ी हैं। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने स्नातक के अंतिम सेमेस्टर के दौरान यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में इसे उत्तीर्ण कर लिया। गुरुग्राम में ट्रेनिंग, छत्तीसगढ़ में पहली तैनाती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सीएपीएफ सहायक कमांडेंट परीक्षा पास करने के बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए गुरुग्राम स्थित सीआरपीएफ अकादमी भेजा गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी और जन व्याख्यान विषय में पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सिमरन को अप्रैल 2025 में सीआरपीएफ में शामिल किया गया। उनकी पहली तैनाती छत्तीसगढ़ में ‘बस्तरिया’ बटालियन में हुई, जहां उन्हें नक्सल विरोधी अभियानों की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीआरपीएफ का क्या काम हर साल 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलती है, जब परेड रायसीना हिल से कर्तव्य पथ होते हुए इंडिया गेट के रास्ते लाल किले की ओर बढ़ती है। सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा बल है, जिसके करीब 3.25 लाख कर्मी हैं। इसके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान और पूर्वोत्तर में उग्रवाद विरोधी जिम्मेदारियां शामिल हैं। लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वह राजनीति, क्राइम, हेल्थ और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखती हैं। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर भी लिखना पसंद है। ग्राउंड रिपोर्टिंग और दिलचस्प कहानियां भी लिखती हैं। पत्रकारिता में 18 साल का अनुभव रखतीं हैं। करियर की शुरुआत दैनिक जागरण कानपुर से. आई नेक्स्ट, सहारा, नवभारत टाइम्स में काम किया है।... और पढ़ें

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    सिमरन बाला: गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व करने वाली पहली महिला