Politics
10 min read
मालेगांव में ओवैसी को झटका: कौन हैं शेख आसिफ और ISLAM पार्टी?
Hindustan
January 21, 2026•1 day ago

AI-Generated SummaryAuto-generated
मालेगांव नगरपालिका चुनावों में नवगठित ISLAM पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को चौंका दिया। ISLAM को 35 सीटें मिलीं, जबकि AIMIM 26 पर रही। ISLAM के संस्थापक शेख आसिफ, पूर्व कांग्रेस विधायक, ने भाजपा के खिलाफ मुस्लिमों को एकजुट करने के उद्देश्य से पार्टी बनाई। हालांकि किसी को बहुमत नहीं मिला, ISLAM ने मेयर पद के लिए AIMIM से समर्थन मांगा है।
पिछले हफ्ते महाराष्ट्र में हुए 29 स्थानीय निकाय चुनावों में सेअधिकांश शहरों में जहां भाजपा और उसके गठबंधन ने जीत दर्ज की है, वहीं मुस्लिम बहुल मालेगांव नगरपालिका में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। यहां के मुसलमानों ने मुस्लिम राजनीति के पैरोकार समझे जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी AIMIM को करारा झटका दिया है। 16 जनवरी, 2026 को घोषित चुनावी नतीजों में नवगठित पार्टी इस्लाम (ISLAM) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस नतीजे ने सबको चौंका दिया है।
प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें
कुल 85 सदस्यीय सदन में ISLAM को सबसे ज्यादा 35 सीटें मिली हैं, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी 26 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही है। शिवसेना (शिंदे गुट) को 18 सीटों पर जीत मिली है, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया है। सपा ने ISLAM के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस और भाजपा को क्रमश: तीन और दो सीटें मिली हैं। इस तरह किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल सका है। हालांकि, ISLAM के पास 40 पार्षदों का संख्या बल है जो बहुमत के आंकड़े (43) से तीन कम है। वहां अपना मेयर बनाने के लिए इस्लाम पार्टी ने AIMIM से समर्थन मांगा है।
कौन हैं शेख आशिफ? ISLAM ने कैसे हासिल किया मुकाम
शेख आसिफ ISLAM यानी इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र के संस्थापक हैं। उनका पूरा नाम शेख आसिफ शेख रशीद है। वह 2014-2019 के बीच मालेगांव सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक (MLA) रहे हैं। वह दिवंगत कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक शेख रशीद के पुत्र हैं, जिन्होंने भी मालेगांव का दो बार प्रतिनिधित्व किया था। शेख आसिफ ने भी अपने पिता की तरह राजनीति में एंट्री कांग्रेस से ही ली। मालेगांव का विधायक बनने से पहले वह मालेगांव के मेयर के रूप में भी सेवा दे चुके हैं।
शरद पवार की NCP में भी रहे
हालांकि, उन्होंने 2021-22 में कांग्रेस छोड़ दी और शरद पवार की NCP में शामिल हो गए। यहां भी वह ज्यादा दिन नहीं रहे। इसके बाद उन्होंने 2024 में महाराष्ट्र विधाम सभा चुनावों से पहले खुद की पार्टी 'इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र' (I.S.L.A.M.) बनाई। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान मुस्लिम बहुल मालेगांव में एक नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।
भाजपा के खिलाफ खड़ी की पार्टी
उन्होंने आजतक को दिए एक इंटरव्यू में खुद ही बताया कि जब से भाजपा की केंद्र में और राज्यों में सरकार बनी है, तब से देश में एक अलग किस्म का माहौल बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लाम धर्म को लगातार टारगेट किया जा रहा है और मुस्लिमों पर अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी का जवाब देने के लिए उन्होंने इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र यानी ISLAM पार्टी की स्थापना की।
ओवैसी को करारा झटका
78 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले मालेगांव में असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी AIMIM अपना मेयर बनाने का सपना देख रही थी लेकिन ISLAM ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। दरअसल, देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा की काट के रूप में मुसलमान वोटर AIMIM का समर्थन करते रहे हैं। ओवैसी को उम्मीद थी कि मालेगांव में भी मुस्लमान उन्हें अपना वास्तविक संरक्षक मानेंगे लेकिन वहां के मुस्लिमों ने स्थानीय शेख आसिफ को ओवैसी से ज्यादा तवज्जो दी है। अब ओवैसी के सामने भी एक संकट है, अगर वो मेयर चुनाव में ISLAM के उम्मीदवार को समर्थन नहीं देंगे तो उन पर मुस्लिम विरोधी का टैग लग सकता है।
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
