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आज शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 270 अंक लुढ़का, इन 5 कारणों पर डालें एक नज़र
Navbharat Times
January 21, 2026•1 day ago
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शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 270.84 अंक गिरकर 81,909.63 पर और निफ्टी 75 अंक गिरकर 25,157.50 पर आ गया। ट्रंप के बयान, कंपनियों के कमजोर नतीजे, रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट के मुख्य कारण रहे।
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में बुधवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा। बाजार मामूली तेजी के साथ खुला लेकिन कुछ ही मिनटों में इसमें गिरावट आ गई। एक समय बीएसई सेंसेक्स सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा गिर गया था जबकि नेशनल स्टॉक इंडेक्स के निफ्टी में करीब 300 अंकों की गिरावट आई। दोपहर बाद के सत्र में इसके कुछ सुधार हुआ। आखिरकार सेंसेक्स 270.84 अंक यानी 0.33% गिरावट के साथ 81,909.63 अंक पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 75 अंक यानी 0.3% गिरावट के साथ 25,157.50 अंक पर आ गया।
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में बिकवाली का दौर चला। वैश्विक झटकों और कंपनियों के मिले-जुले नतीजों ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स 863.32 अंकों की गिरावट के साथ 81,317.15 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 में भी 243.35 अंकों की गिरावट थी। इस गिरावट के साथ यह 24,989.15 अंक पर था। शुरुआत करीब दो घंटे के कारोबार में ही यह 1056 अंक गिरकर 81,124.45 पर आ गया था।सोना, चांदी, शेयर मार्केट... ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी से भारत को कैसे होगा फायदा?
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
1. ट्रंप का ग्रीनलैंड पर बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को खरीदने की धमकी और यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापार युद्ध फिर से शुरू करने की बात से एशियाई बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इस बयानबाजी से अमेरिकी संपत्तियों की बिकवाली का डर फिर से जाग गया। यूरोप के खिलाफ उनके नए टैरिफ की धमकियों ने एक नए वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। इससे बाजार में गिरावट आई।
2. घरेलू कंपनियों के कमजोर नतीजे
कंपनियों के नतीजों का मौसम भी कोई राहत नहीं दे पाया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजों में उम्मीद से कम प्रदर्शन ने निवेशकों के भरोसे को और कमजोर किया। इससे यह चिंता बढ़ी कि कंपनियों की वैल्यूएशन उनके असल प्रदर्शन से कहीं ज्यादा है। आईटी इंडेक्स 1% गिर गया, जो सेक्टरों में सबसे बड़ी गिरावट थी।
3. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरा
बुधवार को भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले से ही वैश्विक अनिश्चितता से परेशान इक्विटी निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। रुपया 91.0750 प्रति अमेरिकी डॉलर के अपने पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया, जो दिसंबर के मध्य में बना था। यह 91.2950 के आसपास कारोबार कर रहा था। ग्रीनलैंड विवाद, लगातार विदेशी पूंजी का आउटफ्लो और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का अभाव जैसी चिंताओं ने रुपये पर दबाव डाला।
4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने बाजार के भरोसे को और कमजोर कर दिया है। FIIs लगातार ग्यारहवें सत्र में शुद्ध बिकवाली कर रहे हैं। मंगलवार 20 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने करीब 2,938 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच उनकी सतर्कता को दर्शाता है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने कुछ हद तक सहारा दिया, लेकिन यह प्रमुख सूचकांकों में गिरावट नहीं रोक पाया।
लेखक के बारे मेंराजेश भारतीराजेश भारती, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे पिछले 16 वर्षों से बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजेश भारती पिछले 1 साल वर्षों से एनबीटी डिजिटल के साथ जुड़े हैं। वह नवभारत टाइम्स न्यूजपेपर में भी 5 साल से ज्यादा काम कर चुके हैं। उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है। राजेश भारती ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें
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