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शेयर बाज़ार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1100 अंक नीचे, निफ्टी तीन महीने के निचले स्तर पर, जानें 5 मुख्य कारण
jagran.com
January 20, 2026•2 days ago

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मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स 1065 अंक और निफ्टी 353 अंक गिरकर तीन महीने के निचले स्तर पर बंद हुए। यह गिरावट व्यापार युद्ध की चिंताएं, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, तीसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजे और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण हुई।
नई दिल्ली। ब्लैक ट्यूजडे' (Black Tuesday) जैसा दिन! मंगलवार को लगातार बिकवाली के दबाव, तिमाही नतीजों के मिले-जुले परिणामों और वैश्विक व्यापार तनावों को लेकर चिंताओं के बीच शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट (Share Market Crash) हुई।
सेंसेक्स 1,065.71 अंक या 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक निफ्टी 353 अंक या 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 पर आ गया, और 15 अक्टूबर, 2025 के बाद पहली बार इंट्राडे में 25,200 के अंक को पार कर गया।
निफ्टी50 में शामिल शेयरों में बजाज फाइनेंस, इटरनल और बजाज फिनसर्व में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एनटीपीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। आज मेरे साथी अंकित का पूरा पोर्टफोलियों लाल हो गया। जब मैंने भी अपना 80 हजार का पोर्टफोलियो देखा तो उसमें करीब 4000 रुपये की गिरावट दिख रही है।
व्यापक बाजारों ने भी मंगलवार के सत्र में अपने नुकसान को बढ़ाया, जो बेंचमार्क सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट को दर्शाता है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया और इनमें 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी भी निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज (डीएमए) से नीचे गिरकर 58,510.60 पर आ गया, जिसमें ओबेरॉय रियल्टी सबसे अधिक गिरावट दर्ज करने वाला शेयर रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट जारी रही और इस दौरान इसमें 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज, डेटा पैटर्न्स (इंडिया), ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट इस सूचकांक में प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियों के रूप में उभरीं, जिनके शेयरों में 12 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
1) व्यापार युद्ध की चिंताएं
अमेरिकी टैरिफ नीतियों को लेकर नए सिरे से पैदा हुई अनिश्चितता के बाद व्यापार युद्ध की चिंताएं फिर से उभर आईं, जिससे वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर असर पड़ा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि और अमेरिका तथा यूरोप के बीच व्यापार तनाव बढ़ने की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में बिकवाली को बढ़ावा दिया, जिसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा।
ग्रीनलैंड से जुड़े टैरिफ को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच जारी गतिरोध पर स्पष्टता आने तक निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक मुद्दे बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे।-जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार
2) विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लगातार बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींच लिया। सोमवार को एफआईआई ने 3,262.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो इस महीने लगातार दसवां सत्र है जब बिकवाली हुई है, हालांकि 2 जनवरी को मामूली खरीदारी हुई थी। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली से प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा है और खरीदारी की रुचि सीमित हुई है।
3) तीसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे
नतीजों से जुड़े संकेत मिले-जुले रहे। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड द्वारा दिसंबर तिमाही के नतीजों के साथ-साथ उम्मीद से कमजोर अल्पकालिक अनुमान जारी करने के बाद सोमवार को कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई। आईटी इंडेक्स में 1.1% की गिरावट दर्ज की गई और यह प्रमुख क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान झेलने वाला क्षेत्र रहा।
तीसरी तिमाही के शुरुआती नतीजों से अभी तक आय वृद्धि में स्पष्ट सुधार के संकेत नहीं मिले हैं, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि ऑटो सेक्टर के नतीजे आने शुरू होने के साथ ही इसमें सुधार होगा।- विजयकुमार
4) कमजोर वैश्विक संकेत
कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार की भावना को और भी कमजोर कर दिया। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक ऊंचा रहा, जबकि जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट में रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को संघीय अवकाश के कारण बंद थे। 20 जनवरी को वॉल स्ट्रीट वायदा में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा नाटो सहयोगियों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद अमेरिकी शेयर वायदा में गिरावट आई है, जिससे इस सप्ताह प्रमुख कॉर्पोरेट आय घोषणाओं से पहले भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है।- एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील
5) इंडिया वीआईएक्स में गिरावट
बाजार की अस्थिरता का एक माप, इंडिया वीआईएक्स, 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 12.34 हो गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ी हुई घबराहट को दिखाता है।
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"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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