Thursday, January 22, 2026
Home/Politics/Article
Politics
6 min read

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हाईवे से नहीं हटेंगी शराब की दुकानें

Jagran
January 19, 20263 days ago
'हाइवे से नहीं हटेंगी शराब की दुकानें', सुप्रीम कोर्ट ने HC के फैसले पर लगाई रोक

AI-Generated Summary
Auto-generated

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों को हटाने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने शराब विक्रेताओं और राज्य सरकार की याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट की चिंता जायज है, लेकिन नगरपालिका क्षेत्रों में छूट दी जानी चाहिए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें किसी भी प्रदेश को राष्ट्रीय या राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की सीमा के भीतर सभी शराब की दुकानों को हटाने या स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था, जिसका कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि थी। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सोमवार को शराब विक्रेताओं और राजस्थान सरकार द्वारा दायर कई याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट की 'चिंता वास्तविक थी' और सरकार को इसे भविष्य में अपनी शराब नीति बनाते समय ध्यान में रखना चाहिए। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया, 'नोटिस जारी करें। विवादित आदेश का प्रभाव और संचालन स्थगित किया जाता है।' सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के भीतर कोई शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए, लेकिन समस्या तब उत्पन्न हुई जब ये सड़कें शहरों के माध्यम से गुजरती हैं। उन्होंने कहा, 'बाद में आदेश को स्पष्ट किया गया कि नगरपालिका सीमाओं के भीतर, शराब की दुकानों पर कोई ऐसा प्रतिबंध नहीं होगा।' शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट की चिंता को वास्तविक बताया शराब विक्रेताओं के मालिकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पक्षों को सुने बिना आदेश पारित करने में गलती की और निर्देशों पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने प्रस्तुत किया कि उच्च न्यायालय एक गांव सुजानगढ़ से संबंधित मुद्दे पर विचार कर रहा था, लेकिन बिना अन्य पक्षों को सुने पूरे राज्य के लिए आदेश पारित कर दिया। 24 नवंबर, 2025 को उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने शराब पीने से राजमार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए राज्य को निर्देश दिया कि वह राष्ट्रीय या राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की प्रतिबंधित सीमा के भीतर शराब की सभी दुकानों को दो महीने के भीतर हटा दें या स्थानांतरित कर दें, चाहे वे किसी नगरपालिका क्षेत्र, स्थानीय निकाय या वैधानिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आती हों।

Rate this article

Login to rate this article

Comments

Please login to comment

No comments yet. Be the first to comment!
    शराब की दुकानें: SC ने HC के फैसले पर लगाई रोक