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बजट 2026: शादीशुदा जोड़ों के लिए टैक्स में बड़ी छूट का ऐलान!
Hindustan
January 18, 2026•4 days ago

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वित्त मंत्रालय 2026 के बजट में शादीशुदा जोड़ों के लिए वैकल्पिक संयुक्त कर प्रणाली पर विचार कर रहा है। इसमें पति-पत्नी मिलकर आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे, जिससे एकल-आय वाले परिवारों को सबसे अधिक लाभ होगा। इस प्रणाली में संयुक्त आय पर टैक्स लगेगा और संभवतः छूट सीमा बढ़ेगी, जिससे मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।
संक्षेप:
फिलहाल भारत में टैक्स सिस्टम ऐसा है कि शादीशुदा होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग टैक्स देना पड़ता है, अलग PAN, अलग छूट और अलग कटौती मिलती हैं।
Jan 18, 2026 04:24 pm ISTVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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Budget 2025: केंद्र सरकार यूनियन बजट 2026 से पहले शादीशुदा टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने पर विचार कर रही है। खबर है कि वित्त मंत्रालय वैकल्पिक जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम लाने की तैयारी में है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो पति-पत्नी मिलकर एक साथ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकेंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन परिवारों को होगा, जहां एक ही कमाने वाला सदस्य है। अभी ऐसे परिवार दूसरे जीवनसाथी की छूट और टैक्स स्लैब का पूरा फायदा नहीं उठा पाते, जिससे टैक्स का बोझ बढ़ जाता है।
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क्या है सिस्टम
फिलहाल भारत में टैक्स सिस्टम ऐसा है कि शादीशुदा होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग टैक्स देना पड़ता है, अलग PAN, अलग छूट और अलग कटौती मिलती हैं। अगर पत्नी की इनकम नहीं है, तो उसकी बुनियादी छूट सीमा बेकार चली जाती है। इसी समस्या को देखते हुए भारतीय चार्टर्ड लेखाकार संस्थान (ICAI) ने सरकार को सुझाव दिया है कि USA और Germany की तरह भारत में भी जॉइंट टैक्स फाइलिंग का विकल्प होना चाहिए, जहां परिवार को एक इकोनॉमिक यूनिट माना जाता है।
जॉइंट टैक्सेशन में पति-पत्नी की कुल इनकम जोड़कर टैक्स लगाया जाएगा और इसके लिए अलग टैक्स स्लैब हो सकते हैं। माना जा रहा है कि बुनियादी छूट सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है। जैसे अभी अगर एक व्यक्ति को ₹3 लाख तक टैक्स छूट मिलती है, तो जॉइंट फाइलिंग में यह सीमा ₹6 लाख या उससे ज्यादा हो सकती है। इससे मिडिल क्लास फैमिली को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा होम लोन ब्याज, मेडिकल इंश्योरेंस और दूसरे कटौती को भी बेहतर तरीके से एडजस्ट किया जा सकेगा। अगर दोनों पति-पत्नी कमाते हैं, तो भी उन्हें अलग-अलग स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलने की बात कही जा रही है।
सरचार्ज पर भी राहत मिल सकती है
साथ ही, सरचार्ज को लेकर भी राहत मिल सकती है। अभी ₹50 लाख से ज्यादा इनकम पर सरचार्ज लगता है, लेकिन जॉइंट टैक्सेशन में इसकी सीमा ₹75 लाख या उससे ज्यादा की जा सकती है। इससे हाई टैक्स ब्रैकेट में आने वाले परिवारों को भी राहत मिलेगी। अब सबकी नजरें यूनियन बजट 2026-27 पर टिकी हैं, जो 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा। बजट सेशन 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह भारत के टैक्स सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा।
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