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Q3 नतीजों ने सरकारी रेलवे स्टॉक को चमकाया: 267% रिटर्न और मुनाफे में भारी उछाल
CNBC TV18
January 19, 2026•3 days ago

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IRFC ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें नेट मुनाफा 10.5% बढ़कर ₹1,802 करोड़ हुआ। नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 8% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, रेल मंत्रालय की परियोजना लीज पर मोरेटोरियम के कारण कमाई में मामूली गिरावट आई। कंपनी ने IRFC 2.0 के तहत मजबूत निष्पादन और डाइवर्सिफिकेशन पर जोर दिया।
Q3 Results: कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सालाना आधार पर 8% से अधिक बढ़ा है. यह सुधार विभिन्न सेगमेंट्स में वैल्यू बढ़ाने वाले डिस्बर्समेंट्स और IRFC 2.0 के तहत देनदारियों (liabilities) के प्रबंधन की वजह से संभव हुआ.
By CNBC Awaaz
Q3 Results: सरकारी मालिकान वाली Indian Railway Finance Corporation (IRFC) ने सोमवार को दिसंबर 2025 में समाप्त तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए. कंपनी का नेट मुनाफा सालाना आधार पर 10.5% बढ़कर ₹1,802 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹1,631 करोड़ था. हालांकि, तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशंस से कमाई 1.5% घटकर ₹6,661 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹6,763 करोड़ थी.
खर्च और कमाई से जुड़ी डिटेल
Q3 में IRFC का कुल खर्च ₹4,917.04 करोड़ रहा, जो FY26 की दूसरी तिमाही के ₹4,594.93 करोड़ के मुकाबले 7% ज्यादा है. वहीं, पिछले साल की तीसरी तिमाही में कुल खर्च ₹5,135.73 करोड़ रहा था.
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सालाना आधार पर 8% से अधिक बढ़ा है. यह सुधार विभिन्न सेगमेंट्स में वैल्यू बढ़ाने वाले डिस्बर्समेंट्स और IRFC 2.0 के तहत देनदारियों (liabilities) के सतर्क प्रबंधन की वजह से संभव हुआ.
तिमाही में कुल कमाई ₹6,719.23 करोड़ रही, जबकि नौ महीनों की अवधि में कंपनी की कुल कमाई बढ़कर ₹20,009.38 करोड़ हो गई. यह वृद्धि मुख्य रूप से बिजनेस के डाइवर्सिफिकेशन से प्रेरित रही.
कमाई में गिरावट की वजह
IRFC ने स्पष्ट किया कि सालाना आधार पर तिमाही कमाई में हल्की गिरावट का मुख्य कारण रेल मंत्रालय की ओर से एक परियोजना लीज समझौते पर एक साल की मोरेटोरियम अवधि बढ़ाया जाना है, जिससे इस तिमाही में कमाई की मान्यता (revenue recognition) प्रभावित हुई.
मैनेजमेंट का बयान
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Manoj Kumar Dubey ने कहा, “यह तिमाही IRFC 2.0 के तहत मजबूत निष्पादन को दर्शाती है. Q3 का प्रदर्शन हमारे बिजनेस मॉडल की मजबूती और रेलवे फाइनेंसिंग के साथ-साथ सहयोगी इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट्स में डाइवर्सिफिकेशन की प्रभावशीलता को दिखाता है.”
उन्होंने आगे कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने महज 9 महीनों में ही ₹60,000 करोड़ के वार्षिक सैंक्शन गाइडेंस को हासिल कर लिया है, जो हमारी मजबूत पाइपलाइन और तेज एग्जिक्यूशन क्षमता को अलाइन करता है.”
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