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संभल में सीजेएम विभांशु सुधीर का ट्रांसफर: FIR और एनकाउंटर की पूरी कहानी जानें
AajTak
January 21, 2026•1 day ago

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संभल में सीजेएम विभांशु सुधीर ने एक कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में तत्कालीन एसपी अनुज चौधरी सहित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। इस घटनाक्रम के बीच सीजेएम का अचानक सुल्तानपुर तबादला कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के संभल में सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज है. इस मामले के पीछे पुलिस एनकाउंटर, कथित फर्जी मुठभेड़, FIR के आदेश की कहानी जुड़ी हुई है. दरअसल, संभल में 18 सितंबर 2025 को विभांशु सुधीर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के तौर पर कार्यभार संभाला था. कार्यभार संभालने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने ऐसे फैसले दिए, जिनसे पुलिस महकमे में खलबली मच गई.
दरअसल, मामले की शुरुआत 6 जनवरी 2025 को दायर एक याचिका से हुई. नखासा थाना क्षेत्र के रहने वाले यामीन ने कोर्ट में गुहार लगाते हुए कहा कि 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा के दौरान उसका बेटा जामा मस्जिद इलाके में ठेले पर रस्क-बिस्किट बेचने गया था. इसी दौरान पुलिस फायरिंग हुई, जिसमें उसके बेटे को तीन गोलियां लगीं. यामीन ने तत्कालीन ASP अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए.
यह भी पढ़ें: UP: संभल कोर्ट के जज का ट्रांसफर, ASP अनुज चौधरी पर FIR का दिया था आदेश
इस याचिका पर सुनवाई के बाद 9 जनवरी 2026 को CJM विभांशु सुधीर ने बड़ा आदेश देते हुए ASP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 15 से 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया. हालांकि यह आदेश 12 जनवरी 2026 को सार्वजनिक रूप से सामने आया. आदेश में पुलिस को 7 दिन के भीतर रिपोर्ट अदालत में पेश करने के लिए कहा गया था.
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इससे पहले भी CJM विभांशु सुधीर पुलिस के खिलाफ कड़ा रुख अपना चुके थे. 24 दिसंबर 2025 को उन्होंने करीब तीन साल पुराने एक मुठभेड़ मामले में तत्कालीन बहजोई थाना प्रभारी पंकज लवानिया, चार इंस्पेक्टर और दो दारोगा समेत 13 पुलिसकर्मियों पर फर्जी एनकाउंटर का केस दर्ज करने का आदेश दिया था और पुलिस से 3 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी थी.
CJM के इन आदेशों के बाद पुलिस प्रशासन खुलकर सामने आ गया. 13 जनवरी 2026 को संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बयान दिया कि वे FIR दर्ज नहीं करेंगे और CJM के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे. एसपी का तर्क था कि इस मामले में पहले ही न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) हो चुकी है, इसलिए दोबारा केस दर्ज करना उचित नहीं है.
इसी बीच घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया. 20 जनवरी 2026 की रात अचानक CJM विभांशु सुधीर का तबादला संभल से सुल्तानपुर कर दिया गया. तबादले के समय यह चर्चा तेज हो गई कि FIR दर्ज करने की तय समय-सीमा 22 जनवरी 2026 को पूरी होने वाली है.
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