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संभल हिंसा: एएसपी अनुज चौधरी पर केस दर्ज के आदेश देने वाले जज का तबादला
Hindustan
January 21, 2026•1 day ago

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संभल हिंसा में पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश देने वाले सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला हो गया है। उन्होंने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आदेश दिया था। यह आदेश एक घायल युवक के पिता की याचिका पर आया था। इस तबादले के साथ ही आठ अन्य न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।
संभल हिंसा मामले में सीओ रहे अब एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देने वाले चंदौसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का तबादला हो गया है। विभांशु सुधीर का कार्यकाल यहां मात्र तीन माह का रहा। हाईकोर्ट ने उनके स्थान पर सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी) आदित्य सिंह को सीजेएम चंदौसी नियुक्त किया है। इसके अलावा सीतापुर की सीजेएम राजेंद्र कुमार सिंह को इसी पद पर कन्नौज स्थानांतरित किया गया है। इस फेरबदल में इसी स्तर के आठ अन्य न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है।
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बतादें कि एक सप्ताह पहले ही संभल में शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। अदालत ने यह आदेश गोली लगने से घायल खग्गू सराय निवासी एक युवक के पिता की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया था।
क्या है पूरा मामला
24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान संभल में भीषण हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में चार युवकों की मौत हुई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी घायल हुए थे। नखासा क्षेत्र के खग्गू सराय निवासी आलम (पुत्र यामीन) भी उस दिन गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ था। पीड़ित पक्ष का दावा है कि आलम उस दिन बेकरी प्रोडक्ट बेचने के लिए निकला था, तभी पुलिस की गोली का शिकार हो गया। परिजनों के मुताबिक गिरफ्तारी के डर से गुपचुप तरीके से उसका निजी अस्पताल में इलाज कराया था। अधिवक्ता चौधरी अख्तर सादेन ने कोर्ट को बताया कि 4 फरवरी 2025 को सीजेएम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की थी। 09 जनवरी 2026 को मामले की ओर से अंतिम सुनवाई हुई और मंगलवार को मामले में आदेश दिया गया। अधिवक्ता ने बताया कि मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और संभल कोतवाल अनुज तोमर सहित 15 से 20 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
पुलिसकर्मियों के पक्ष में खुलकर आए थे एसपी
कोर्ट द्वारा पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश आते ही एसपी पुलिसकर्मियों के पक्ष में खुलकर सामने आए थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया था। संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा था कि हिंसा के दौरान जिन लोगों को गोली लगी थी, वह 32 बोर की थी और 32 बोर पुलिस इस्तेमाल नहीं करती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग भी जांच पूरी कर शासन को सौंप चुका है। जो कैबिनेट में पेश हो चुकी है। पुलिस ने मामले में जांच की है। सीओ और कोतवाल की सरकारी शस्त्र से कोई गोली नहीं चली थी। गोली लगने से घायल युवक के मामले में फिर भी कोर्ट ने इस तरह का आदेश दिए हैं। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
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