Thursday, January 22, 2026
Health & Fitness
8 min read

रोहतक PGI में जोड़ों के दर्द और गठिया के मरीजों की बढ़ी संख्या: जानें कारण

Amar Ujala
January 18, 20264 days ago
Rohtak News: पीजीआई में रोज जोड़ों में दर्द और गठिया के 920 मरीज पहुंच रहे

AI-Generated Summary
Auto-generated

सर्दी के मौसम में गठिया और जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोहतक पीजीआई में प्रतिदिन 920 मरीज जोड़ों की समस्याओं के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि नागरिक अस्पताल में यह संख्या 100 है। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड में रक्त संचार धीमा होने और शारीरिक गतिविधियों में कमी से दर्द बढ़ता है। प्रारंभिक स्तर पर इलाज से गठिया को नियंत्रित किया जा सकता है।

अभिषेक कीरत Trending Videos रोहतक। सर्दी में गठिया व जोड़ाें के दर्द की समस्या बढ़ने लगी है। पीजीआई व नागरिक अस्पताल में इस समस्या के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। सर्दी में घुटनों के जाम होने, दर्द और अकड़न की शिकायत बढ़ जाती है। तापमान में गिरावट के साथ शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं। इससे जोड़ों की मूवमेंट कम हो जाती है और दर्द बढ़ने लगता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि पीजीआई में पहले रोजाना 800 मरीज जोड़ों में दर्द और गठिया जैसी हड्डी की समस्याएं लेकर पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर 920 हो गई है। विज्ञापन विज्ञापन डॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि सर्दी में शरीर में खून का संचार धीमा हो जाता है। इस कारण जोड़ों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। इससे वहां सूजन और जकड़न होने लगती हैं। ठंड बढ़ने पर गठिया के मरीज बढ़ने लगते हैं। उन्होंने बताया कि सर्दियों में लोग शारीरिक गतिविधियां भी कम कर देते हैं। व्यायाम, सैर जैसी गतिविधियां भी कम हो जाती हैं। इससे जोड़ों का लचीलापन कम होने लगता है। नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हरमिंद्र ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 30 मरीज गठिया से ग्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि गठिया उम्र के अनुसार होता है और इसके तीन स्तर हैं। पहले स्तर पर ही इलाज लेने पर गठिया को खत्म किया जा सकता है। दूसरे स्तर पर सयां चढ़ने, बैठने व शरीर में दर्द होने लगता है। तीसरे में इलाज लेना ही पड़ता है। पहले नागरिक अस्पताल में गठिया के 15 मरीज पहुंचे रहे थे। अब यह दोगुनी 30 हो गई है। संवाद वर्जन ओपीडी में घुटने, कमर और गर्दन में दर्द, जोड़ों की सूजन व दर्द के मरीजों की बढ़ोतरी हो रही है। ठंड के कारण मांसपेशियों में जकड़न बढ़ती है जिससे कमर, गर्दन, घुटनों का दर्द बढ़ता है। - डॉ. उमेश यादव, हड्डी रोग विशेषज्ञ, पीजीआई। यह सावधानियां बरतें... डॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि सर्दियों में दिनचर्या में बदलाव कर गठिया या जोड़ों में दर्द से राहत पाई जा सकती है। सैर, स्ट्रेचिंग और योग से जोड़ों की मूवमेंट बनी रहती है और जकड़न कम होती है। हालांकि, व्यायाम करते समय ज्यादा जोर डालने से बचना चाहिए। शरीर और जोड़ों को गर्म रखने से खून का संचार ठीक होता है और दर्द में भी आराम मिलता है। तापमान कम होने के कारण मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं जिससे जोड़ों में दर्द बढ़ता है। इसलिए गर्म कपड़े पहनना और सिकाई भी लाभकारी है। सर्दियों में धूप सेकना जरूरी, हड्डियां रहती हैं मजबूत डॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि घर में रोजाना 30-40 मिनट हल्का व्यायाम करना चाहिए। आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम और विटामिन-डी जोड़ों के लिए फायदेमंद होते हैं। सर्दियों में धूप सेकना जरूरी है जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं। वजन को नियंत्रित रखना भी जरूरी होता है। ज्यादा वजन घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

Rate this article

Login to rate this article

Comments

Please login to comment

No comments yet. Be the first to comment!
    जोड़ों में दर्द: रोहतक PGI में रोज 920 मरीज