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नागास्त्र, पिनाका: राजनाथ सिंह ने गिनाए दुश्मन की तबाही के हथियार

Navbharat Times
January 18, 20264 days ago
नागास्त्र, भार्गवास्त्र के साथ पिनाका सिस्टम, राजनाथ सिंह ने दुश्मन की तबाही के गिना दिए हथियार

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नागपुर में मीडियम कैलिबर एम्युनिशन फैसिलिटी का उद्घाटन किया। उन्होंने बदलते युद्ध स्वरूप पर चिंता व्यक्त की और देश की सुरक्षा के लिए नागस्त्र ड्रोन, भार्गवास्त्र और पिनाका जैसे हथियारों के महत्व पर जोर दिया। इन स्वदेशी हथियारों की क्षमता का उल्लेख करते हुए उन्होंने राष्ट्र की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

नई दिल्ली/ नागपुर : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भविष्य में दुनिया के साथ ही पड़ोस में टकराव के बदलते स्वरूप का जिक्र किया है। राजनाथ सिंह महाराष्ट्र के नागपुर में मीडियम कैलिबर एम्युनिशन फैसिलिटी के उद्घाटन समारोह के मौके पर बोल रहे थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज यह साफ दिख रहा है कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। युद्ध के नए तरीके सामने आ रहे हैं। युद्ध अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहे। युद्ध और अधिक जटिल होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में, युद्ध की तैयारी युद्ध स्तर पर की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने नागस्त्र ड्रोन, माइक्रो-मिसाइल-आधारित सिस्टम भार्गवास्त्र के साथ ही पिनाका का भी जिक्र किया। तब दिखी थी नागास्त्र की काबिलियत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा हमने ऑपरेशन सिंदूर में आपकी काबिलियत का कमाल देखा। इस ग्रुप की तरफ से विकसित नागस्त्र ड्रोन को सफलतापूर्वक तैनात किया गया था। इस ड्रोन ने उन लोगों पर सटीक हमला किया जो हमारे देश के प्रति गलत इरादे रखते थे। सिंह ने कहा कि मुझे बताया गया है कि इसका एक एडवांस्ड वर्जन भी विकसित किया गया है। पता नहीं कब इसकी जरूरत पड़ जाए। उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी बहुत अप्रत्याशित है... आप भार्गवास्त्र भी विकसित कर रहे हैं, जो एक माइक्रो-मिसाइल-आधारित सिस्टम है, जिसका पहले ही सफल टेस्ट लॉन्च हो चुका है। पिनाका सिस्टम, जो यहां बनाया जा रहा है, अब एक्सपोर्ट भी किया जा रहा है। हमारी सेना भी आने वाले दिनों में इसका इस्तेमाल कर पाएगी। ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटे का जिक्र रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर लगभग 88 घंटे तक चला। लेकिन उन 88 घंटों की विशालता और तीव्रता को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। इसे शब्दों में कहना मुश्किल है। ऐसे ऑपरेशन्स में हर मिनट, हर फैसला और हर संसाधन बहुत जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मैं बहुत सावधानी और पूरे विश्वास के साथ कहना चाहूंगा कि हमारी सीमाओं की चौकसी, हमारे हथियारों, हमारे हार्डवेयर और हमारे रक्षा औद्योगिक विनिर्माण आधार का महत्व किसी भी तरह से कम नहीं हुआ है; बल्कि, कई मायनों में यह पहले से बढ़ा है। लेखक के बारे मेंअनिल कुमारअनिल कुमार नवभारत टाइम्स डिजिटल में होम पेज टीम का हिस्सा हैं। अखबार के साथ ही डिजिटल मीडिया में करीब 16 साल का अनुभव है। जनवरी, 2021 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। होम पेज पर भारत और दिल्ली सेक्शन के लिए पॉलिटिक्स, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरें और विश्लेषण लिखते हैं। हरियाणा में दैनिक भास्कर और चंडीगढ़ में दैनिक जागरण के लिए स्पोर्ट्स और एजुकेशन रिपोर्टिंग कर चुके हैं। राजस्थान पत्रिका, जयपुर और अमर उजाला, नोएडा में सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

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    राजनाथ सिंह: नागास्त्र, पिनाका से दुश्मन तबाह