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पीएम मोदी और MBZ की अकेले में हुई बातचीत, पाक एक्सपर्ट्स बोले- भारत-UAE की दोस्ती से पाकिस्तान को खतरा
ABP News
January 20, 2026•2 days ago

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भारत और यूएई ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी और 2032 तक 200 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्यापार के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने इसे पाकिस्तान के लिए झटका बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और यूएई राष्ट्रपति के बीच अकेले में हुई बातचीत को महत्वपूर्ण माना, जो शायद रक्षा समझौते का संकेत है। यह समझौता पाकिस्तान को ध्यान में रखकर किया गया है।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए फ्रेमवर्क समझौते पर काम करने के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसमें द्विपक्षीय व्यापार को साल 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने की बात कही गई है, जिसे सुनकर पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने इस मीटिंग को लेकर कहा है कि दोनों देशों की लीडरशिप को अगर देखें तो जो कुछ हुआ है, मैंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा है.
उन्होंने कहा, 'यूएई ने भारत के साथ जो डिफेंस एग्रीमेंट साइन किया है, ये कोई मजाक नहीं है. मुझे लगता है कि यूएई को ऐसी उम्मीद नहीं थी कि पाकिस्तान और सऊदी अरब ऐसा कर पाएंगे.' उन्होंने कहा, 'सऊदी अरब पाकिस्तान के साथ खड़ा हो गया और यूएई जाकर भारत के साथ खड़ा हो गया. तो क्या असल में इंडिया और सऊदी की कभी जंग होगी या पाकिस्तान की यूएई से जंग होगी?' यूएई के राष्ट्रपति डेलीगेशन के साथ सोमवार (19 जनवरी, 2026) को तीन घंटे के लिए भारत आए थे, जिसमें दोनों मुल्कों ने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया.
कमर चीमा ने कहा, 'मैं अगर इस सारे प्रोसेस को देखूं तो मुझे ये लग रहा है कि ये एक बड़ा मसला होने जा रहा है. पूरी मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान बैठे हुए थे, दोनों के अलावा कोई वहां पर नहीं था. ये कभी आपने ऐसा नहीं देखा होगा. मैं ये समझता हूं कि दोनों लीडर्स की अकेले में जो बात हुई है न, मेरा ख्याल है कि वहां यूएई ने ये कहा कि वह आपके साथ डिफाई एग्रीमेंट साइन करना चाहता है. लेटर ऑफ इंटेंट वो यूएई की तरफ से है.'
पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने कहा कि हमेशा डेलीगेशन लेवल पर बात होती है, लेकिन कोई ऐसी बात हुई है, जिसे ये शेयर नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि एक अहम बात याद रखना कि यूएई का जो डेलीगेशन आया है, उसमें डिफेंस मिनिस्टर भी हैं. हमारे अमीराती भाइयों ने सोचा होगा कि अगर सऊदी अरब को लेकर पाकिस्तान को न्यूट्रेलाइज करना है तो भारत के पास चले जाते हैं और इंडिया के साथ उनका कंफर्ट लेवल इस तरह का है भी.
कमर चीमा ने कहा कि इंडिया और सऊदी अरब का डिफेंस एग्रीमेंट अगर ये होता है कि एक पर अटैक तो दूसरे पर भी माना जाएगा तो आप खुली बात करें. मुझे लगता है कि ये एक बड़ा प्रोग्राम है, जो हो रहा है. ऑयल मिनिस्टर हैं, फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की बात हुई है. मैंने ऐसी चीजें पहले कभी नहीं देखी हैं.
उन्होंने कहा कि यूएई यही कहना चाह रहा है कि अब वक्त आ गया कि कुछ न कुछ करना जरूरी है. पाकिस्तान और सऊदी अरब के डिफेंस एग्रीमेंट के बाद ये समझौता होना, इस चीज की गारंटी है कि दोनों मुल्क पाकिस्तान को जहन में रखकर सोच रहे हैं. तो मिडिल ईस्ट चेंज हो गया है. साउथ एशिया चेंज हो गया, अब पाकिस्तान और भारत मिडिल ईस्ट का हिस्सा हैं. ये भी जहन में लिख लें बात.
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