Economy & Markets
9 min read
क्या वनप्लस स्मार्टफोन बंद हो जाएंगे? इंडिया CEO ने बताई सच्चाई
Jagran
January 21, 2026•1 day ago
-1768983037724_m.webp)
AI-Generated SummaryAuto-generated
वनप्लस के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि पेरेंट कंपनी ओप्पो उसकी हिस्सेदारी बढ़ा सकती है और प्रोडक्ट्स को सीमित कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में वनप्लस के शिपमेंट में गिरावट और अमेरिका व यूरोप में स्टाफ कटौती का दावा किया गया है। हालांकि, वनप्लस इंडिया के सीईओ ने स्पष्ट किया है कि भारत में संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्टफोन कंपनी वनप्लस के भविष्य को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वनप्लस के शेयर में पेरेंट कंपनी ओप्पो की हिस्सेदारी बढ़ सकती है और उसके प्रोडक्ट्स को सीमित किया जा सकता है। हालांकि वनप्लस इंडिया ने साफ किया है कि वह भारत में अपने ऑपरेशन को पहले की तरह जारी रखेगी। वनप्लस में इस बदलाव को लेकर सबसे पहले Android Headlines ने रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में जिक्र किया गया था कि वनप्लस को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ प्रोडक्ट कैंसिल होने के साथ-साथ कंपनी के बारे में फैसले सेंट्रल टीम द्वारा लिए जा रहे हैं। कुछ ऐसी ही रिपोर्ट Android Central ने भी प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया था कि वनप्लस को पूरी तरह शटडाउन नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके कारोबार को सीमित किया जा रहा है।
वनप्लस के शिपमेंट में गिरावट
Android Headlines की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2024 में वनप्लस के शिपमेंट में तेजी से गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद कंपनी ने कई प्रोडक्ट्स को कैंसिल भी किया, जिसमें वनप्लस का फोल्डेबल फोन OnePlus Open 2 और फ्लैगशिप OnePlus 15s जैसे डिवाइस शामिल रहे।
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वनप्लस ने यूएस और यूरोप में अपने दफ्तरों के स्टाफ में कटौती भी की है। इसके साथ ही कंपनी के बारे में ज्यादातर फैसले स्थानीय दफ्तरों की बजाय चीन से लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया है कि ओप्पो ने कुछ ऐसा ही रियलमी के साथ भी किया था। संभव है कि यह कॉस्ट कटिंग और कंपनी ऑपरेशन को नॉर्मल करने के लिए किया जा रहा हो।
वनप्लस को लेकर कुछ ऐसा ही दावा Android Central ने भी किया है। हालांकि, इसमें वनप्लस को बंद किए जाने जैसा दावा नहीं किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ओप्पो वनप्लस के बिजनेस को सीमित कर रही है। इसके साथ ही कंपनी फ्लैगशिप और मिड रेंज में सीमित डिवाइस लॉन्च कर रही है। कंपनी ने पिछले दो सालों में अमेरिकी बाजार में नॉर्ड सीरीज के फोन लॉन्च नहीं किए हैं, जो वहां सबसे ज्यादा बिक रहे थे।
भारत को लेकर अलग रणनीति
वनप्लस को लेकर ओप्पो की इस रणनीति को चीन और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड-वार से भी जोड़ा जा रहा है। अमेरिकी बाजार के उलट भारत को लेकर कंपनी की रणनीति अलग रहेगी। इसे लेकर वनप्लस इंडिया के सीईओ रॉबिन ली साफ कर चुके हैं कि वनप्लस इंडिया का कारोबार पहले की तरह सामान्य रूप से चलेगा। उन्होंने वनप्लस के बंद होने की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है।
IDC के रिसर्च मैनेजर जितेश उब्रानी का कहना है कि उन्हें वनप्लस के बंद होने की कोई पुष्टि नहीं मिली है। लेकिन वे मानते हैं कि मार्केट में कंपनी की घटती हिस्सेदारी, मार्केटिंग के खर्च में कमी और मार्केट से कंपनी की दूसरी धीरे-धीरे कंपनी को शटडाउन के करीब ला रही है। उन्होंने बताया कि एक ओर सैमसंग और गूगल जैसी कंपनियां फ्लैगशिप स्मार्टफोन के साथ-साथ अफोर्डेबल प्रीमियम डिवाइस पर फोकस कर रही हैं। दूसरी ओर वनप्लस नए प्रोडक्ट्स को सीमित कर रहा है। इससे कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है।
वनप्लस इंडिया का क्या होगा?
OnePlus के बंद होने की खबरों के बीच कंपनी ने साफ कर दिया है कि इंडिया ऑपरेशन पहले की तरह सामान्य चलते रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इस तरह की खबरों को गलत बताते हुए खंडन किया है। लेकिन, वनप्लस ने इन रिपोर्ट्स में उठाए सवालों के जवाब स्पष्ट तरीके से नहीं दिए हैं।
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
