Breaking News
8 min read
नोएडा में इंजीनियर की मौत: सीएम योगी का बड़ा एक्शन, CEO लोकेश एम को हटाया गया; SIT करेगी जांच
Hindustan
January 19, 2026•3 days ago

AI-Generated SummaryAuto-generated
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गड्ढे में कार गिरने से हुई मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई की है। सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया गया है और तीन सदस्यीय एसआईटी मामले की जांच करेगी, जिसकी रिपोर्ट पांच दिन में मांगी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम ने नोएडा के सीईओ (CEO) लोकेश एम को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। इसके साथ ही पूरी घटना की तह तक जाने के लिए एसआईटी जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें
3 सदस्यीय SIT करेगी जांच, 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित इस तीन सदस्यीय एसआईटी का नेतृत्व मेरठ की मंडलायुक्त करेंगी। इस टीम में उनके साथ मेरठ जोन के एडीजी (ADG) और पीडब्ल्यूडी (PWD) के मुख्य अभियंता भी शामिल होंगे। सीएम ने कहा है कि एसआईटी अगले 5 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
यह भी पढ़ें: इंजीनियर की जहां गई जान, उस जमीन का मालिक कौन? नोएडा अथॉरिटी को पता ही नहीं
क्या है पूरा मामला?
बीते 17 जनवरी को सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार कोहरे के कारण सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन साइट पर खोदे गए 20 फीट गहरे और पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवराज को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
घटना को लेकर सरकार ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह भी पढ़ें: इंजीनियर की मौत के बाद जागा नोएडा प्राधिकरण, खतरनाक गड्ढों पर बनेंगी दीवारें, और क्या आदेश?
क्या है आरोप?
इस मामले में युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाना में दो बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। प्रकरण में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। लापरवाही के आरोपों के चलते संबंधित जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
घटना के बाद से इलाके में आक्रोश का माहौल है। परिजन और स्थानीय लोग दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
