Geopolitics
7 min read
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी का बड़ा बयान: 'अमेरिका के दबदबे वाली व्यवस्था खत्म'
ABP News
January 21, 2026•1 day ago

AI-Generated SummaryAuto-generated
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि अमेरिका के प्रभुत्व वाली पुरानी विश्व व्यवस्था अपने अंतिम चरण में है। दावोस में उन्होंने संकेत दिया कि दुनिया एक बड़े ऐतिहासिक परिवर्तन से गुजर रही है, और नियम-आधारित व्यवस्था वैसी नहीं रही जैसी पहले थी। कार्नी ने बताया कि ताकतवर देश नियमों से हट जाते थे और व्यापार नियमों में असमानता थी। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक एकीकरण अब दबाव का हथियार बन रहा है।
दुनिया में नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच अब अमेरिका के करीबी सहयोगी देश भी खुलकर अपनी असहमति जताने लगे हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक मंच से संकेत दिया है कि अमेरिका के दबदबे पर टिकी पुरानी वर्ल्ड ऑर्डर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए मार्क कार्नी ने कहा कि दुनिया किसी छोटे बदलाव की ओर नहीं बढ़ रही, बल्कि एक गहरे और ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था दशकों तक चली, वह अब दोबारा लौटने वाली नहीं है. हालांकि कार्नी ने अपने भाषण में अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा स्पष्ट रूप से उस वैश्विक ढांचे की ओर था, जिस पर लंबे समय तक अमेरिकी प्रभाव हावी रहा.
नियमों वाली व्यवस्था पर उठाए सवाल
कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था की कहानी पूरी तरह सच नहीं थी. उनके अनुसार, ताकतवर देश जब चाहें, नियमों से खुद को अलग कर लेते थे. व्यापार के नियम सबके लिए समान नहीं थे और अंतरराष्ट्रीय कानून अक्सर शक्तिशाली और कमजोर देशों के लिए अलग-अलग तरीके से लागू होता था. कार्नी ने यह भी माना कि इस व्यवस्था से कनाडा जैसे देशों को लंबे समय तक लाभ मिला और अमेरिकी नेतृत्व ने वैश्विक स्तर पर स्थिरता और सुविधाएं उपलब्ध कराईं, लेकिन उन्होंने साफ किया कि अब वही मॉडल काम नहीं कर रहा.
जब व्यापार बना दबाव का हथियार
अपने भाषण में कार्नी ने चेतावनी दी कि जिस आर्थिक एकीकरण को कभी साझा तरक्की का रास्ता माना जाता था. वह अब दबाव और जबरदस्ती का जरिया बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि बड़ी ताकतें अब टैरिफ के जरिए दबाव बना रही हैं, वित्तीय प्रणालियों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही हैं और सप्लाई चेन की कमजोरियों का फायदा उठा रही हैं. उनके मुताबिक, इससे वैश्वीकरण की मूल भावना, आपसी लाभ और सहयोग धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है.
ट्रंप युग की नीतियों की कहानी
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं और ताकत ही कानून है वाली सोच को बढ़ावा दे रहे हैं. टैरिफ युद्ध, आर्थिक दबाव और एकतरफा फैसलों ने कई सहयोगी देशों को असहज किया है. मार्क कार्नी का यह बयान उसी असंतोष का संकेत माना जा रहा है, जो अब खुले तौर पर सामने आने लगा है.
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
