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माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कंप्यूटर बाबा, जमीन पर धरना
ABP News
January 18, 2026•4 days ago

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प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज पर जाने से रोके जाने के बाद वे धरने पर बैठ गए। कंप्यूटर बाबा ने उनके समर्थन में जमीन पर लेटकर धरना दिया और संत-महंतों के साथ दुर्व्यवहार का विरोध किया। आप सांसद संजय सिंह ने भी पुलिस की कार्रवाई को संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में पुलिस और संत के अनुयायियों के बीच झड़प के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए थे. इस बीच उनको कंप्यूटर बाबा का समर्थन मिला है. कंप्यूटर बाबा शंकराचार्य के समर्थन में धरना स्थल पर जमीन पर लेटकर धरना दे रहे हैं.
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज संगम नोज पर जाने के लिए कह रहे थे, लेकिन वहां पर काफी भीड़ की वजह से उन्हें जाने के लिए मना किया गया. इसके बाद शंकराचार्य अपने 200 लोगों के साथ उस क्षेत्र में चले गए. पुलिस का आरोप है कि उनके अनुयायियों ने सुरक्षा बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की.
धरने के बीच क्या बोले कंप्यूटर बाबा?
कंप्यूटर ने बाबा ने जमीन पर लेटे हुए कहा कि आज देश में हो क्या रहा है? संतों, शंकराचार्यों और सनातन का अपमान हो रहा है. उन्होंने कहा कि आज माघ के महीने में प्रयागराज के अंदर संतों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सीएम योगी की सरकार है. यह लोग कहते हैं कि हम सनातनी हैं.
उन्होंने कहा कि मैं जनता से पूछना चाहता हूं कि यह क्या सरकार का कार्यक्रम है. उन्होंने पूछा कि यहां सरकार का माघ महीना है या संतों का माघ महीना है. इसलिए मेरा सभी से अनुरोध है कि हम सब लोग मिलकर ऐसी सरकार का विरोध करें जो हमारे संतों का अनादर कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि यहां शंकराचार्य के साथ जो अपमान हुआ है उसका हम कड़ा विरोध करते हैं.
शंकराचार्य को रोकने पर बोले संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि ये सिर्फ एक धर्म परायण संत को रोकने की घटना नहीं है, ये संवैधानिक और धार्मिक मर्यादाओं को रौंदने की तस्वीर है. धर्माचार्य शंकराचार्य महाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस द्वारा रोकना और उनके समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की करना यह सीधे-सीधे सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और उसकी शासित पुलिस आज कानून की नहीं, राजनीतिक आदेशों की चौकीदार बन चुकी है. जो सरकार रोज धर्म की आड़ में राजनीति करती है, वही सरकार आज एक विश्व भर में आदरणीय, प्रातः स्मरणीय शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है. यह भाजपा का दोहरा चरित्र नहीं तो क्या है?
संजय सिंह ने यूपी पुलिस पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश की पुलिस अब संविधान से नहीं, सत्ता से संचालित हो रही है. सवाल पूछने वालों को रोको, विरोध करने वालों को दबाओ, और हर असहमति को 'कानून-व्यवस्था' का नाम देकर कुचल दो, यही भाजपा मॉडल है. धर्म, विचार और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला अब खुलकर हो रहा है. देश यह सब देख रहा है.
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