Geopolitics
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खामेनेई का खौफ: अमेरिका की धमकी के बाद फिर बंकर में छिपे ईरान के सुप्रीम लीडर
TV9 Bharatvarsh
January 20, 2026•2 days ago

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका से जान का खतरा महसूस कर दूसरी बार भूमिगत हो गए हैं। पिछले सात महीनों में यह दूसरी घटना है, जब उन्हें अमेरिकी हमले से बचने के लिए बंकर में शरण लेनी पड़ी है। ईरान ने इसे युद्ध की चेतावनी माना है, जबकि अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी तेज कर दी है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के फिर से बंकर में छिपने की खबर है. खामेनेई ने अमेरिका से मारे जाने की धमकी मिलने के बाद यह कदम उठाया है. पिछले 7 महीने में यह दूसरी बार है, जब खामेनेई को अमेरिकी हमले से बचने के लिए बंकर में छिपने गए हैं. जून 2025 में 21 दिनों तक खामेनेई बंकर में छिपे हुए थे.
बीबीसी फारसी के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति ने खामेनेई का हस्र कासिम सुलेमानी या अबू बक्र अल बगदादी जैसा करने की बात कही थी. ईरान ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपने सुप्रीम लीडर को बंकर में भेज दिया है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का कहना है कि अगर खामेनेई पर हमला होता है तो तेहरान इसे जंग मानेगा.
अमेरिका से इसलिए भी डरा ईरान
अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को काराकास से अपहरण कर लिया था. माादुरो को जब उठाया गया था, तब वे राजधानी काराकास के अपने आवास में सो रहे थे. मादुरो वर्तमान में अमेरिकी जेल में बंद हैं. अमेरिका का कहना था कि मादुरो ड्रग्स कार्टेल चला रहे थे, इसलिए उन्हें उठाया गया था.
तेहरान के आसपास बंकर में छिपे
जून 2025 में जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तब खामेनेई तेहरान के पास स्थित एक बंकर में छिप गए थे. उस वक्त खामेनेई के साथ उनके परिवार के लोग भी बंकर में चले गए थे. बंकर के बारे में ईरान की सरकार ने आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है.
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक 17 जनवरी को आखिरी बार खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने आए थे. उस दिन खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल सरकार पर निशाना साधा था. खामेनेई उस दिन प्रदर्शन में घायल लोगों से भी मिले.
अमेरिका के निशाने पर खामेनेई क्यों?
1. खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर हैं. ईरानी शासन व्यवस्था में सभी बड़े अधिकार खामेनेई के पास ही हैं. खामेनेई ही सारे बड़े फैसले लेते हैं. ऐसे में अगर ईरान की सरकार को अपदस्थ करना है, तो खामेनेई को हटाना जरूरी है.
2. खामेनेई को अमेरिका का धुर-विरोधी माना जाता है. 2016 में जब ईरान ने अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील किया था, तब खामेनेई ने इसका खुलकर विरोध किया था. खामेनेई अमेरिका को शैतान कहते हैं.
अमेरिका ने शुरू की ईरान की घेराबंदी
ईरान में दिसंबर के आखिर में शुरू विरोध-प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है. इसके बावजूद उस पर अमेरिकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, अमेरिका ईरान की मजबूत घेराबंदी में जुटा है. इसी कड़ी में यूएसएस अब्राहम को मलक्का की खाड़ी में उतारा गया है.
फ्लाइट रडार के मुताबिक ईरान ने 12 एफ-15 जेट को जॉर्डन में तैनात किया है. जून 2025 में इजराइल ने जॉर्डन की मदद से ही ईरान पर पहला हमला किया था.
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