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कराची में मच्छर दंश से 100 की मौत: अस्पतालों में अफरा-तफरी
News18 Hindi
January 18, 2026•4 days ago

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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मच्छरों से होने वाली बीमारियों, विशेषकर मलेरिया और डेंगू, से गंभीर संकट पैदा हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 33 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि प्रमुख अस्पतालों के रिकॉर्ड 103 से अधिक मौतों की पुष्टि करते हैं। कराची और हैदराबाद के अस्पतालों में हजारों मरीज भर्ती हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर थी, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा।
Written by :
Deep Raj Deepak
Agency:News18.com
Last Updated:January 18, 2026, 21:27 IST
Pakistan News: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मलेरिया के मच्छर से हाहाकार मचा हुआ है. एक साल में 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है. वहीं, सरकारी फाइलों में मौत का मजाक उड़ा जा रहा है. सरकार ने 103 मौतों को 33 बता दिया है.
पाकिस्तान का सिंध प्रांत जानलेवा संकट से जूझ रहा है. सरकार का दावा है कि सब कुछ नियंत्रण में है, वहीं अस्पतालों से लीक हुए आंकड़ों ने एक भयानक सच सामने आया है. बीते साल मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारियों (डेंगू और मलेरिया) से 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि, सरकारी फाइलों के आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं.
कराची और हैदराबाद के प्रमुख अस्पतालों से जुटाए गए आंकड़ों में 33 बनाम 103 का खेल चल रही है. इसने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध के स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ा में डेंगू और मलेरिया से सिर्फ 33 मौतें हुई हैं.
सच्चाई कुछ और
सरकारी फाइलों के इत्तर हकीकत बिल्कुल उलट है. केवल कराची के तीन अस्पतालों और हैदराबाद के एक अस्पताल के डेटा को मिला दें, तो मरने वालों की संख्या 103 तक पहुंच गई है. इनमें से अकेले 23 मौतें मलेरिया के कारण कराची के एक ही अस्पताल में दर्ज की गईं, जबकि सरकार का दावा है कि पूरे सूबे में मलेरिया से कोई नहीं मरा. अस्पतालों के डरावने आंकड़े इंडस हॉस्पिटल, आगा खान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल (AKUH), सिंध इंफेक्शियस डिजीज हॉस्पिटल और हैदराबाद के लियाकत यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल से मिले आंकड़ों ने स्थिति की गंभीरता को बयां किया है.
इंडस हॉस्पिटल: यहां 2025 में डेंगू के 8,883 मामले आए और 40 लोगों की मौत हुई. मलेरिया के कारण यहां 23 मरीजों ने दम तोड़ा.
हैदराबाद का लियाकत हॉस्पिटल: यहां डेंगू से 25 मरीजों की जान गई.
SIDH&RC: यहां डेंगू से 14 मौतें दर्ज की गईं.
केस लाखों में और मौत जीरो
हैरानी की बात यह है कि सरकारी आंकड़ों में मलेरिया के 2.8 लाख से ज्यादा मामले दिखाए गए हैं, लेकिन ‘मौत’ के कॉलम में आंकड़ा ‘शून्य’ है. वहीं, अस्पतालों के रिकॉर्ड चीख-चीख कर बता रहे हैं कि लोग मर रहे हैं.
क्यों जा रही हैं जान?
इंडस हॉस्पिटल की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. समरीन सरफराज ने बताया कि स्थिति बेहद गंभीर थी. कई मरीज ऐसे थे जो एक साथ डेंगू और मलेरिया दोनों (Co-infection) से पीड़ित थे. मरने वाले ज्यादातर मरीज अस्पताल तब पहुंचे जब उनकी हालत बहुत बिगड़ चुकी थी. वे ‘शॉक’ की स्थिति में थे. उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. उन्हें भयानक ब्लीडिंग हो रही थी. डॉक्टरों का कहना है कि मलेरिया का इलाज मौजूद है, लेकिन देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण परजीवी लोड (Parasitic load) इतना बढ़ जाता है कि मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है.
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Deep Raj Deepak
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
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Location :
International
First Published :
January 18, 2026, 21:27 IST
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