Thursday, January 22, 2026
Health & Fitness
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डायबिटीज और किडनी के रोगी भी अब ले सकेंगे कम कैलोरी वाले आलू का स्वाद

Jagran
January 20, 20262 days ago
जल्द बाजार में मिलने लगेगा कम कैलोरी और ग्लूकोज वाला आलू, डायबिटीज और किडनी के रोगी भी ले सकेंगे स्वाद

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विशेषज्ञों ने कम कैलोरी और ग्लूकोज वाला आलू विकसित किया है। यह आलू टीपीएस डिपलाइड विधि से तैयार किया जाएगा, जिसमें जीन में सुधार किया गया है। इससे मधुमेह, गुर्दे और मोटापे के रोगी भी इसका सेवन कर सकेंगे। यह आलू किसानों को इस साल उपलब्ध होने लगेगा।

ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। शुगर और गुर्दे के रोगी भी जल्द आलू का स्वाद चख सकेंगे। विशेषज्ञों ने आलू पर शोध पूरा कर लिया है। अब आलू की फसल कंद की बजाय उसके बीज- टीपीएस डिपलाइड विधि से की जाएगी। आलू पर शोध करने वाली केंद्रीय संस्था सीपीआरआई ने आलू का बीज तैयार करके उससे फसल तैयार कर ली है। इस साल आलू का यह बीज किसानों को उपलब्ध होने लगेगा। आलू के जीन में किया गया सुधार बीज में आलू के गुणसूत्र-क्राेमोसोम को नियंत्रित करना आसान है। जीन में बदलाव से आलू का ग्लूकोइनडेक्स सुधर रहा है। आलू में कार्बोहाईड्रेट जैसे तत्वों को कम किया गया है। जिससे कई प्रकार की बीमारियों पर आलू के सेवन से पड़ने वाला प्रभाव कम हो जाएगा। ट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआइ) ने इसका शोध पूरा कर लिया है। जीन में क्रोमोसोम के दो गुणसूत्र होंगे अभी तक आलू के कंद को भूमि में दबाकर नई फसल तैयार की जाती है। इस कंद को टेट्रालाइड विधि से तैयार किया जाता है। यानी इसके जीन में क्रोमोसोम के चार गुणसूत्र होते हैं। ऐसे में किसी न किसी गुणसूत्र में पुरानी प्रजाति के गुणधर्म पहुंचते ही हैं। सीपीआरआई ने आलू को एट्रालाइड की बजाय डिपलाइड विधि से तैयार किया जाएगा। इस बदलाव से इसके जीन में क्रोमोसोम के दो गुणसूत्र होंगे। उनको एक्सपर्ट आसानी से नियंत्रित कर लेते हैं। इससे आलू के परंपरागत गुणधर्म में बदलाव कर लिया गया है। अब बन जाएगा कम कैलौरी वाला आलू इससे आलू का ग्लूकोइंडेक्ट स्‍वस्‍थ हो गया है, जिससे ग्लूकोज के रिलीज होने की गति को कम किया गया है। वहीं कार्बोहाइड्रेट का स्तर भी कम है। इससे मधुमेह, गुर्दे और मोटापे के रोगियों द्वारा आलू सामान्य रूप से प्रयोग किया जा सकेगा। इसके साथ ही आलू कम कैलौरी का खाद्य पदार्थ होगा। आलू के बीज से अक्सर कई तरह के वायरस और बीमारियां फैलने का खतरा होता है।

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    कम कैलोरी आलू: डायबिटीज रोगी भी खा सकेंगे