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अगले 48 घंटे का मौसम: आंधी-तूफान, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
Times Now Navbharat
January 20, 2026•2 days ago
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उत्तरी भारत में 22 से 25 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है। इससे दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार, एमपी और पंजाब में ठंड के साथ कोहरे का असर बढ़ेगा। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की चेतावनी है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु में भी 25 जनवरी से बारिश की उम्मीद है।
Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आईएमडी की मानें तो 22 से 25 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिसके प्रभाव से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में तेज आंधीनुमा हवाएं बहेंगी एवं हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान सभी राज्यों में शीतलहर और कोहरे का भी असर बना रहेगा, जिससे कड़ाके की सर्दी का एहसास होगा। उधर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भी विक्षोभ के प्रभाव से बर्फबारी के साथ बारिश रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे मैदानी हिस्सों पर न्यूनतम तापमान लुढ़केगा एवं सिहरन वाली सर्दी महसूस की जाएगी। फिलहाल, इन सभी राज्यों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी गिरने से कई ट्रेनें रद्द रहेंगी और कई अपने निर्धारित समय से कई घंटे विलंब से स्टेशन पहुंचेंगी, जिससे यात्रियों को लंबा समय स्टेशनों पर बिताना पड़ सकता है। उधर, दक्षिण भारत में नए मौसमी सिस्टम के कारण तमिलनाडु में 25 जनवरी से फिर बारिश शुरू होने की उम्मीद है।
दिल्ली में सर्द का एहसास कम हुआ है, लेकिन पॉल्यूशन का कोई सॉल्यूशन नहीं निकल रहा है। अधिकांश भागों में जहरीली हवा से एक्यूआई बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली-एनसीआर में भी 22 जनवरी से बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे बारिश को संभावनाएं बढ़ रही हैं। अगर बारिश होती है तो प्रदूषण से मामूली राहत की उम्मीद की जा सकती है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, सर्द हवाएं और कोहरा परेशान करेंगा। सीपीसीबी की मानें तो कई स्थानों पर हवा की क्वालिटी बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में रहने की उम्मीद है। एक्यूआई 400 या 450 तक रिकॉर्ड किया जा सकता है, जिससे अभी शुद्ध हवा में सांस लेने का सपना अधूरा रहेगा। कमोबेश पॉल्यूशन और सर्दी के एनसीआर के अन्य हिस्सों गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में देखे जा सकते हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पहाड़ों पर एक्टिव हुए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पंजाब के भी कुछ हिस्सों पर पड़ेगा, जिससे कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू होगा। गुरुवार से मौसम बदलेगा और ये अगले सप्ताह की शुरूआत तक अपना असर बनाए रख सकता है। इस दौरान घना कोहरा और शीतलहर सर्दी को बरकरार रखेगी। आईएमडी की मानें तो अगले 2 दिन चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री, पठानकोट में 4.5 डिग्री, अमृतसर में 2.5 डिग्री, फरीदकोट में 5 डिग्री, बठिंडा में 5 डिग्री, पटियाला में 8 डिग्री और लुधियाना में 5 डिग्री सेल्सियस के आसपार रिकॉर्ड किया सकता है। इधर, पड़ोसी राज्य हरियाणा का भी मौसम बदला नजर आएगा। आईएमडी के मुताबिक, यहां भी पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा, जिससे कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां मौसम को बदल सकती हैं। इस दौरान कोहरे के बीच अंबाला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री, गुरुग्राम का 8 डिग्री, करनाल का 7 डिग्री, सिरसा का 6, नारनौल का 6 डिग्री, भिवानी का 5 डिग्री सेल्सियस के आसपार रहने की संभावना है।
राजस्थान की रेतीली धरती को बादल भिगोनो को तैयार हैं। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-पानी का अलर्ट है। मौसम विभाग के हवाले से 22 से 24 जनवरी के मध्य मावठ की बारिश (Mawath Ki Barish) होने की उम्मीद है। इसके बाद भी एक और विक्षोभ 26 से 28 जनवरी को मौसम को प्रभावित करेगा। अनुमान है कि मौसम बदलने पर बीकानेर, जोधपुर, शेखावटी, जयपुर, अजमेर, भरतपुर संभाग में बादलों की आवाजाही के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने एंव बारिश हो सकती है। मौसम साफ होने के बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट से सर्दी का ग्राफ बढ़ सकता है। इस दौरान घना से अति घना कोहरा दर्ज किया जाएगा। उधर, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में बादलों की आहट मिल रही है। यहां भी बारिश को लेकर संभावनाएं बन रही हैं।
उत्तर प्रदेश में अगले 2 दिन बाद मौसम की चाल बदल सकती है। एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एंट्री लेते ही बारिश को लेकर संभावनाएं बढ़ रही हैं। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में तेज आंधीनुमा हवाओं के साथ बारिश की संभावना बढ़ रही है। आईएमडी के मुताबिक, 22 जनवरी से राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जो 25 जनवरी तक मौसम को प्रभावित करेंगे। इस दौरान कोहरे और शीतलहर के बीच बारिश की गतिविधियां होने से मौसम काफी बदला रहेगा और लोगों को कड़ाके की सर्दी का एहसास होगा। जिन जिलों में बारिश की संभावना है, उसमें नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बरेली समेत कई अन्य जिले शामिल हैं।
बिहार में भी मौसम के बदलने के संकेत हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नए विक्षोभ का आंशिक असर राज्य के कुछ जिलों पर पड़ सकता है, जिससे बादलों की आवाजाही हो सकती है और कहीं-कहीं हल्की से बारिश दर्ज की जा सकती है। गुरुवार से शनिवार तक मौसम काफी खराब रह सकता है। इस दौरान 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बह सकती हैं, जिससे सर्दी का ग्राफ बढ़ेगा और लोगों को गलन वाली सर्दी का एहसास होगा। अधिकांश जिलों में कोहरे के साथ शीतलहर बहती नजर आएगी।
उत्तराखंड के मौसम को भी पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा, जिससे 22 से 25 जनवरी तक कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के मुताबिक, शीतलहर और घने के बीच मौसम में परिवर्तन से आम जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान चामोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और रूद्रप्रयाग समेत कई ऊंचाई वाले स्थानों पर बारिश के साथ बर्फबारी दर्ज की जाएगी। हालांकि, अधिकांश मैदानी इलाके शुष्क रहेंगे, लेकिन पहाड़ों की ओर से बह कर आने वाली तेज हवाएं न्यूनतन और अधिकतम तापामान को प्रभावित करेंगी, जिससे सर्दी का सितम जारी रहेगा। इस दौरान कोहरे की धुंध छाई रहेगी।
पहाड़ों पर एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हिमाचल प्रदेश में भी अगले 3 से 4 दिन बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि 22 जनवरी की रात 24 जनवरी की सुबह तक प्रदेश के ऊंचे स्थानों पर बारिश एंव बर्फबारी दर्ज की जाएगी। खासकर, शिमला, मनाली, नारकंडा, कुफरी, सोलन घाटी, सिस्सू, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, किन्नौर और लाहौल स्पीति में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी व बारिश होगी। बारिश एवं बर्फबारी के साथ तेज हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान में भी गिरावट होगी, जिससे मैदानी इलाकों तक कड़ाके की सर्दी का एहसास होगा।
जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों को पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित कर रहा है, जिससे अधिकांश भागों में बारिश और बर्फबारी से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जगहों पर न्यूनतम तापमान माइनस पर बना हुआ है, जिससे मैदानी इलाकों तक सिहरन वाली सर्दी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 22 जनवरी से 26 जनवरी तक कई हिस्सों एक बार फिर से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू होगा, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती नजर आएंगी। आईएमडी के रिकॉर्ड के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों तक गुलमर्ग में तापमान माइनस 5.5 डिग्री, श्रीनगर में माइनस 3.5, पलगाम में 4.5 डिग्री, बनिहाल में माइनस 2 डिग्री, कटरा में 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है।
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