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Border 2: जावेड अख्तर ने क्यों रिजेक्ट की फिल्म? पुराने गानों पर कसा तंज
Jagran
January 19, 2026•3 days ago

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जावेद अख्तर ने 'बॉर्डर 2' के लिए गाने लिखने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुराने गानों के रीवर्क को 'रचनात्मक दिवालियापन' बताया। अख्तर का मानना है कि नए गाने बनाने चाहिए, न कि अतीत पर निर्भर रहना चाहिए। उन्होंने 'हकीकत' फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पुराने गानों को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया।
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जब से 'बॉर्डर 2' के गाने रिलीज हुए हैं, सोशल मीडिया पर दो गुट में बंट गए हैं। ज्यादातर गाने ओरिजिनल गानों के रीवर्क किए गए वर्जन हैं, इसलिए जो लोग पहली फिल्म (1997) का म्यूजिक सुनकर बड़े हुए हैं, उन्हें वो ओरिजिनल जैसा नहीं लगा। कुछ लोगों ने यह भी कह दिया कि अनु मलिक और जावेद अख्तर से गाने लिखवाने थे। लेकिन अब जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने इस बात पर खुद चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मैंने खुद बॉर्डर 2 के लिए म्यूजिक लिखना नहीं चुना।
जावेद अख्तर ने कसा तंज
एक बातचीत में दिग्गज म्यूजिशियन ने बताया कि फिल्म बनाने वालों ने उनसे फिल्म के लिए गाने लिखने के लिए कॉन्टेक्ट किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और ओरिजिनल गाने के नए वर्जन बनाने को एक क्रिएटीव दिवालियापन बताया। जावेद अख्तर ने बताया, 'उन्होंने मुझसे फिल्म के लिए लिखने को कहा था लेकिन मैंने मना कर दिया। मुझे सच में लगता है कि यह एक तरह का इंटेलेक्चुअल और क्रिएटिव दिवालियापन है। आपके पास एक पुराना गाना है, जो अच्छा चला था और आप उसमें कुछ जोड़कर उसे फिर से रिलीज करना चाहते हैं? नए गाने बनाओ या फिर मान लो कि आप उसी लेवल का काम नहीं कर सकते'।
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जाने-माने लेखक ने पुराने गानों के कुछ हिस्सों को फिर से लिखने के बढ़ते चलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर फिल्म में अपना एक जादू होता है जिसे दोबारा पैदा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, 'जो बीत गया, उसे जाने दो। उसे दोबारा बनाने की क्या जरूरत है?
अतीत पर क्यों निर्भर हैं- अख्तर
उन्होंने अपनी ही फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा, 'हमारे सामने भी एक फिल्म थी- हकीकत (1964)। उसके गाने भी अलग और यूनिक थे लेकिन हमने उनका इस्तेमाल दोबारा नहीं किया। हमने नए गाने लिखे, हमने बिल्कुल अलग गाने बनाए और लोगों को वे पसंद भी आए। आप फिर से एक फिल्म बना रहे हैं, तो नए गाने बनाइए। आप अतीत पर क्यों निर्भर हैं? आपने मान लिया है कि हम ऐसा नहीं कर सकते। हम पिछली शान के साथ ही जिएंगे'।
जावेद अख्तर ने लिखे थे बॉर्डर के गाने
इंडिया टूडे से जब बातचीत में उन्हें यह तर्क दिया गया कि कई लोगों का मानना है कि रीमेक पुरानी यादें ताजा करने के लिए एक मार्केटिंग टैक्टिंग हो सकती है तो म्यूजिशियन ने तीखे जवाब के साथ इस बात को खारिज कर दिया और कहा, 'तो फिर आप नई यादें बनाइए'। बताते चलें कि 1997 में आई बॉर्डर के गाने जावेद अख्तर और अनु मलिक ने लिखे थे। इसमें 'तो चलू..', 'संदेसे आते हैं..' जैसे गाने काफी हिट हुए थे।
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