Geopolitics
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इजरायल ने UNRWA भवन को बुलडोजर से गिराया: 'हमें मुक्ति मिली'
Navbharat Times
January 20, 2026•2 days ago
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पूर्वी यरुशलम में इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र की यूएनआरडब्ल्यूए इमारत को बुलडोजर से गिराया। इजरायल ने इसे 'ऐतिहासिक दिन' बताते हुए फिलिस्तीनियों की सहायता करने वाली इस इमारत से मुक्ति मिलने का दावा किया। यूएनआरडब्ल्यूए ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और इजरायल पर उपकरण जब्त कर कर्मचारियों को जबरन निकालने का आरोप लगाया। इजरायल यूएनआरडब्ल्यूए को फिलिस्तीन समर्थक और हमास से संबंध रखने वाला मानता है।
यरुशलम: इजरायल ने पूर्वी यरुशलम के एम्युनिशन हिल पर स्थित संयुक्त राष्ट्र राहत कार्य एजेंसी (UNWRA) के कार्यालय को बुलडोजर से गिराना शुरू कर दिया है। इस कार्यालय को फिलिस्तीनियों की सहायता के लिए बनाया गया था। इजरायल ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया है और कहा है कि उसे आज इस कार्यालय से मुक्ति मिल रही है। एम्युनिशन हिल
UNWRA ने इजरायल पर लगाए गंभीर आरोप
संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने 'एक्स' पर कहा कि इजरायली सेना ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के कर्मचारियों के उपकरण जब्त कर लिए और उन्हें शेख जर्राह इलाके में स्थित इमारत से जबरन बाहर निकाल दिया। पोस्ट में कहा गया, "यह न केवल यूएनआरडब्ल्यूए और उसके परिसर पर अभूतपूर्व हमला है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों का भी गंभीर उल्लंघन है।''
UNWRA को आतंक समर्थक मानता है इजरायल
इजरायल लंबे समय से यूएनआरडब्ल्यूए की आलोचना करता रहा है, क्योंकि उसका कहना है कि यह फिलिस्तीन समर्थक है। इजरायल ने समूह पर हमास से संबंध रखने का भी आरोप लगाया है जिसे संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने पूरी तरह से नकार दिया है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई उस नए कानून के तहत की गई है जिसके तहत आतंकवादी समूहों और हमास से संबंध रखने के आरोप में संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इजरायल ने बताया ऐतिहासिक दिन
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने इसे 'ऐतिहासिक दिन' बताते हुए कहा कि वह टीम के साथ यूएनआरडब्ल्यूए कार्यालय गए थे। "सालों से ये आतंकी समर्थक यहां मौजूद थे, और आज उन्हें उनके द्वारा बनाई गई हर चीज के साथ निर्वासित कर दिया गया है। यह सब उन कानूनों के परिणामस्वरूप हो रहा है जिन्हें मैंने इजरायल से यूएनआरडब्ल्यूए को निष्कासित करने के लिए शुरू किया था। और सिय्योन को मुक्ति मिल गई है।"
लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रनवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें
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