Geopolitics
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नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी: 'अभूतपूर्व ताकत से करेंगे हमला'
Navbharat Times
January 20, 2026•2 days ago
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इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान को अभूतपूर्व हमले की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान हमला करता है, तो उसे ऐसे परिणाम भुगतने पड़ेंगे जिसका उसने अनुभव नहीं किया। यह बयान ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के शांत होने और सैकड़ों लोगों के मारे जाने के बाद आया है। अमेरिका भी ईरान पर हमला करने की तैयारी कर रहा है।
तेल अवीव/तेहरान: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को खतरनाक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान इजरायल पर हमला करता है, तो उसे "अभूतपूर्व ताकत के हमले" का सामना करना पड़ेगा। इजरायली संसद (नेसेट) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, कि ईरान पर "करीबी" नजर रखी जा रही है। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ईरान में हिंसक खूनी प्रदर्शन हो रहे थे, जो अब शांत होता दिख रहा था। अनुमानों के मुताबिक, इस प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोग मारे गये हैं। ईरानी सरकार ने बेरहमी से इस प्रदर्शन को कुचल दिया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा कि "अगर वह (ईरान) गलती करता है और हम पर हमला करता है, तो हम ऐसी ताकत से कार्रवाई करेंगे जिसका उसने अभी तक अनुभव नहीं किया है।"
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ईरान पर "करीबी" से नजर रख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि "कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि ईरान का भविष्य क्या होगा, लेकिन यह वैसा नहीं रहेगा जैसा वह पहले था।" जिसका मतलब है कि किसी भी संघर्ष में तेहरान के लिए इसके ऐसे नतीजे होंगे जिन्हें बदला नहीं जा सकता। पीएम नेतन्याहू की ये धमकी उस वक्त आई है, जब तमाम रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका, कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है। अमेरिका का मकसद ईरान की इस्लामिक सरकार का सत्ता परिवर्तन करना है। अमेरिका ने अपने न्यूक्लियर ऊर्जा से चलने वाले USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट की तरफ रवाना कर चुका है, जो अगले 2-3 दिनों में पहुंच जाएगा।
बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की दी बर्बाद करने की चेतावनी
द एक्टिविस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में पिछले दिनों हुए प्रदर्शन के दौरान कम से कम 4,029 लोग मारे गए हैं। वहीं, अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने सरकारी कार्रवाई में 26,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने की बात कही है। इसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मरने वालों में 3,786 प्रदर्शनकारी, 180 सुरक्षा बल के जवान, 28 बच्चे और 35 ऐसे लोग थे जो प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। एजेंसी ने और भी लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है। आपको बता दें कि यह एजेंसी ईरान में पहले भी हुए प्रदर्शनों के दौरान होने वाली मौतों पर सटीक जानकारी देती रही है। हालांकि नवभारत टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामिक रिपब्लिक ईरान के लिए पहले ही दो रेड लाइन तय कर रखी हैं। ट्रंप ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या नहीं होनी चाहिए और प्रदर्शनकारियों की फांसी नहीं होनी चाहिए। ईरान ने इन शर्तों को मान लिया है। फिर भी तय नहीं है कि अमेरिका हमला करेगा या नहीं। अमेरिका का एक एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन, जो दक्षिण चीन सागर में था, वो ईरान के रास्ते में है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक वो कल रात में सिंगापुर से गुजरकर मलक्का जलडमरूमध्य में पहुंच चुका है। ऐसे में लगता है कि वो मिडिल ईस्ट की तरह ही बढ़ेगा।
ईरान की तरफ एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन
इसके अलावा कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में गुमनाम अधिकारियों के हवाले से कहा गया है, कि एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन, जिसका होमपोर्ट सैन डिएगो में है, वो मिडिल ईस्ट की ओर जा रहा था। इस क्षेत्र तक पहुंचने के लिए उसके विमानों को अभी भी कई दिनों का सफर तय करना होगा। हालांकि मिडिल ईस्ट में अभी कोई एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप या एम्फीबियस रेडी ग्रुप नहीं है। इसीलिए फिलहाल 2-3 दिनों तक ईरान पर हमले की आशंका नहीं दिख रही है।
लेखक के बारे मेंअभिजात शेखर आजादअभिजात शेखर आजाद, नवभारत टाइम्स में इंटरनेशनल अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं। जियो-पॉलिटिक्स और डिफेंस पर लिखते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 सालों का अनुभव है। अपने कैरियर की शुरूआती दिनों में उन्होंने क्राइम बीट में काम किया और ग्राउंड रिपोर्टिंग की। उन्होंने दो लोकसभा चुनाव को कवर किया है। इसके बाद वो इंटरनेशनल अफेयर्स की तरफ आ गये, जहां उन्होंने अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के साथ साथ कई देशों के इलेक्शन और वहां की राजनीति को कवर किया है। डिफेंस सेक्टर, हथियारों की खरीद बिक्री और अलग अलग देशों के बीच होने वाले संघर्ष पर लगातार लिखते रहते हैं। वो ज़ी मीडिया समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान में काम कर चुके हैं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन पर वो डिफेंस और जियो-पॉलिटिक्स के एक्सपर्ट्स, डिप्लोमेट्स और सैन्य अधिकारियों से बात करते रहते हैं। इस समय वो 'बॉर्डर-डिफेंस' नाम से साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू भी करते हैं, जो डिफेंस पर आधारित है। उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय से इंग्लिश जर्नलिज्म की पढ़ाई है।... और पढ़ें
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