Thursday, January 22, 2026
Geopolitics
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ईरान में ग्लोबल इंटरनेट बंद होगा? चीन की मदद से सरकार का बड़ा प्लान

Navbharat Times
January 20, 20262 days ago
दुनिया से कट जाएगा ईरान! आम जनता के लिए बंद होगा ‘ग्लोबल इंटरनेट’, जानें चीन से मिली क्‍या मदद?

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ईरान की सरकार 'ग्लोबल इंटरनेट' को सीमित करने की योजना बना रही है, जिसके तहत केवल स्वीकृत व्यक्ति ही इसका उपयोग कर पाएंगे। आम जनता के लिए यह सुविधा बंद कर दी जाएगी। यह व्यवस्था स्थायी हो सकती है और इसका सांस्कृतिक व आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है। 'व्हिटेलिस्टिंग' तकनीक, जो चीन से निर्यातित हो सकती है, के उपयोग की संभावना है।

द गार्जियन की एक रिपोर्ट में ‘फ‍िल्‍टरवॉच’ नाम के संगठन के हवाले से बताया गया है कि ईरान की सरकार एक गुप्‍त प्‍लान पर काम कर रही है। इसके तहत ‘ग्‍लोबल इंटरनेट’ को ‘सरकारी सुविधा’ की तरह इस्‍तेमाल करने दिया जाएगा। आसान भाषा में समझाएं तो सरकार जिन लोगों को अप्रूवल देगी, सिर्फ वो ही ईरान में ग्‍लोबल इंटरनेट को एक्‍सेस कर पाएंगे। आम जनता के लिए यह सुविधा नहीं होगी। ऐसा होने पर ईरान में ऑनलाइन दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी। रिपोर्ट में सरकारी प्रवक्‍ताओं और मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि ईरान में इंटरनेट बंदी अब हमेशा के लिए है। यह रोक हमेशा चलती रहेगी। फ‍िल्‍टरवॉच के लीडर अमीर रशीदी के अनुसार, जिन लोगों के पास सिक्‍योरिटी क्‍लीयरेंस होगा सिर्फ वो ही ग्लोबल इंटरनेट का 'फिल्टर किया हुआ' वर्जन इस्तेमाल कर पाएंगे। याद रहे कि ईरान में 8 जनवरी से इंटरनेट शटडाउन चल रहा है। रिपोर्ट में ईरान की सरकार के प्रवक्‍ता ने यह भी बताया है कि ग्‍लोबल इंटरनेट को कम से कम 20 मार्च तक बंद रखा जा सकता है। उसके बाद भी यह नहीं खुला तो स्‍थायी इंटरनेट बंद की यह शुरुआत हो सकती है। हालांकि एक पूर्व अमेरिकी विदेश विभाग अधिकारी ने कहा है कि यह विचार डरावना है और ईरान को बहुत ज्‍यादा नुकसान हो सकता है। इसका सांस्‍कृत‍िक और आर्थिक प्रभाव होगा। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा कंट्रोल से ईरानी सरकार खुश है और उसे लगता है कि इंटरनेट शटडाउन होने से सिचुएशन कंट्रोल करने में उसे मदद मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान 'व्हिटेलिस्टिंग' (whitelisting) को अपना सकता है। इस तकनीक के तहत सिर्फ कुछ लोग ग्‍लोबल इंटरनेट इस्‍तेमाल करते हैं। बाकी सबको ब्‍लॉक कर दिया जाता है। रिसर्चर्स का मानना है कि 'व्हिटेलिस्टिंग' तकनीक चीन से निर्यात की गई हो सकती है। इसके अलावा, ईरान में हाई-कैपिसिटी मिडिलबॉक्‍सेज के इस्‍तेमाल की भी शंकाएं हैं। ये ऐसे डिवाइस होते हैं जो किसी नेटवर्क केबल से जुड़कर उसके ट्रैफ‍िक को मैनेज कर सकते हैं। इन डिवाइस की मदद से वेबसाइटों और वीपएन को ब्‍लॉक किया जा सकता है। वहीं, नेशनल इंटरनेट का मतलब ऐसी कनेक्‍ट‍िविटी से है जिसे सिर्फ देश के अंदर इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इस इंटरनेट में ईरान सरकार की बनाई वेबसाइटें और ऐप चलते हैं।

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    ईरान का ग्लोबल इंटरनेट बंद? चीन की मदद से नया प्लान