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IND vs NZ: टीम इंडिया की ये कमजोरी 2027 विश्व कप के सपनों में डाल सकती है बड़ी अड़चन
Jagran
January 19, 2026•3 days ago
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भारत न्यूजीलैंड से वनडे सीरीज 1-2 से हार गया, जिससे 2027 विश्व कप पर खतरा मंडरा रहा है। रवींद्र जडेजा का निराशाजनक प्रदर्शन, जिसमें उन्होंने तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं लिया और बल्ले से भी खास योगदान नहीं दिया, चिंता का विषय है। उनके लगातार गिरते प्रदर्शन को देखते हुए, टीम को उन्हें बदलने पर विचार करना पड़ सकता है।
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के साथ वो हो गया जो अभी तक नहीं हुआ था और न ही इसकी उम्मीद थी। टीम इंडिया अपने घर में न्यूजीलैंड से वनडे सीरीज हार गई। तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद भारत के वनडे वर्ल्ड कप-2027 के अभियान पर खतरा मंडरा रहा है। टीम इंडिया के लिए ये वर्ल्ड कप जीतना जरूरी है और अगर ऐसा करना है तो फिर उसे एक खिलाड़ी को रिप्लेस करना पड़ सकता है।
अगर इस खिलाड़ी के बीते कुछ वनडे मैचों में आकंड़े देखे जाएं तो पता चलता कि उनका योगदान उम्मीद से काफी पीछे है। न ही ये खिलाड़ी अब उस फॉर्म में दिख रहा है कि वापसी कर सके। ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि रवींद्र जडेजा हैं। जडेजा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया।
समय पर नहीं दिया साथ
न्यूजीलैंड सीरीज में अगर रवींद्र जडेजा के आंकड़े देखे जाएं तो उन्होंने तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं लिया है। वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मैच में उन्होंने मुश्किल समय में टीम का साथ छोड़ा दिया। टीम को जब उनसे रनों की जरूरत थी तब वह सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। इस मैच में उन्होंने नौ ओवरों में 56 रन दिए, लेकिन एक भी विकेट नहीं लिया।
राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में भी हाल नहीं बदला। यहां भी जडेजा मुश्किल समय में विकेट पर पैर नहीं टिका पाए और महज 27 रन बनाकर आउट हो गए। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने आठ ओवर गेंदबाजी की और 44 रन दिए, लेकिन विकेट के मामले में वह फिर खाली हाथ रहे। इंदौर में खेल गए तीसरे और निर्णायक मैच में भी जडेजा ने निराश किया। टीम जीत के लिए संघर्ष कर रही थी और उनके लिए जरूरी था कि वह विराट कोहली का साथ दें, लेकिन जडेजा महज 12 रन ही बना सके। इससे पहले गेंदबाजी में उन्होंने निराश किया। छह ओवरों में जडेजा ने 41 रन खर्च किए और विकेट के मामले में फिर निल बट्टे सन्नाटा मिला।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी जडेजा का यही हाल था। तीन मैचों में उन्होंने सिर्फ एक विकेट लिए था और 157 रन खर्च किए थे। जहां तक बल्ले की बात है तो दो मैचों में उन्हें बैटिंग मिली थी जिनमें कुल मिलाकर उन्होंने 56 रन बनाए थे।
लगातार गिर रहा है प्रदर्शन
जडेजा का ये हाल सिर्फ मौजूदा सीरीज में नहीं है बल्कि वनडे में वह लगातार फेल हो रहे हैं। न उनका बल्ला चल रहा है और न ही गेंद। साल 2025 के आंकड़े अगर देखे जाएं तो जडेजा ने 10 मैचों में सिर्फ 106 रन बनाए हैं और उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक तक नहीं निकला। गेंदबाजी में उन्होंने 10 मैचों में 12 विकेट लिए। जडेजा जो प्रभाव अपनी बैटिंग और बॉलिंग से डालते थे वो गायब दिख रहा है। न ही वह हालात को पढ़ पा रहे हैं और न ही उसके हिसाब से खेल पा रहे हैं।
वह टीम की वो कमजोर कड़ी बन गए हैं जो भारत के वनडे वर्ल्ड कप-2027 के जीत के सपने में ग्रहण लगा सकती है। टीम इंडिया के लिए ये जरूरी है कि जडेजा अपनी लय में लौटें या फिर उनके रिप्लेस किया जाए।
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