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IIT कानपुर में फिर आत्महत्या: 22 दिन के भीतर छठवीं मंजिल से कूदकर PHD शोधार्थी की मौत
Jagran
January 20, 2026•2 days ago
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आईआईटी कानपुर में एक पीएचडी शोधार्थी ने छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह 22 दिन के भीतर दूसरी और पिछले दो वर्षों में नौवीं आत्महत्या है। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले 28 वर्षीय रामस्वरूप ईशराम अवसाद से पीड़ित थे। संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के बावजूद आत्महत्या की घटनाओं का जारी रहना छात्र कल्याण व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
जागरण संवाददाता, कानपुर। IIT Kanpur Student Suicide: देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल IIT Kanpur में एक और छात्र जिंदगी हार गया। 22 दिन में एक और छात्र की मौत हो गई उसने छठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। आईआईटी में छात्र के आत्महत्या का यह कोई पहला मामला नहीं है। 29 दिसंबर को कैंपस के हॉस्टल में बीटेक फाइनल ईयर के छात्र जय सिंह मीणा ने भी जान दे दी थी।
IIT Kanpur में अवसाद में चल रहे संस्थान के शोधार्थी ने मंगलवार को कैंपस की छठवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। शोधार्थी के साथ कैंपस में पत्नी और बेटी भी रहती थी। बीते दो साल में आईआईटी में आत्महत्या की ये नौंवी घटना है। ये स्थिति तब है जबकि आइआइटी प्रबंधन का दावा है कि उनकी मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की टीम 24 घंटे काम कर रही है।
मूलरूप से राजस्थान के चुरु जिले के विद्यासर के गिरिवरसर निवासी 28 वर्षीय रामस्वरूप ईशराम आईआईटी से डिपार्टमेंट आफ अर्थ साइंस से पीएचडी कर रहे थे। वह जुलाई 2023 में यहां आए थे और पत्नी मंजू और दो साल की बेटी के साथ आईआईटी कैंपस की न्यू एसबीआरए बिल्डिंग के कमरा नंबर-एए 21 में रहते थे। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे रामस्वरूप ने बिल्डिंग की छठवीं मंजिल से छलांग लगा दी।
आईआईटी छात्र की आत्महत्या के बाद शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे साथी। जागरण
आईआईटी प्रबंधन उन्हें शारदा नगर स्थित फार्च्यून अस्पताल ले गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।
पत्नी मंजू का कहना है कि वह काफी समय से एंजाइटी (चिंता) की बीमारी से ग्रसित थे। पुलिस ने राजस्थान में रहने वाले स्वजन को जानकारी दे दी है। वे बुधवार सुबह तक शहर पहुंचेंगे जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। एसीपी ने बताया कि शोधार्थी अवसाद में था, उसका इलाज भी चल रहा था। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
दो साल में नौवीं मौत ने IIT की छात्र सहयोग व्यवस्था पर उठाए सवाल
IIT कानपुर में हुईं आत्महत्या की नौ घटनाओं ने संस्थान की काउंसिलिंग और छात्र सहयोग व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मंगलवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद से संस्थान प्रशासन भी सकते में है। आईआईटी कानपुर में दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच तीन होनहारों ने आत्महत्या की थी, जिसके बाद आईआईटी प्रशासन ने छात्रों का ओपन हाउस मंच भी आयोजित किया था। आईआईटी के काउंसिलिंग सेंटर में मनोविज्ञानियों की संख्या भी बढ़ाकर 10 की गई है। इसके बावजूद आत्महत्या की घटनाएं थम नहीं रही हैं।
29 दिसंबर 2025 को बीटेक छात्र ने दी थी जान
सोमवार सुबह आत्महत्या करने वाले जयसिंह मीणा ने वर्ष 2020 में बीटेक के बायोलाजिकल सांइसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में प्रवेश लिया था। चार साल का बीटेक कोर्स 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था। बैकपेपर की वजह से उसे अधिक समय लगा और 2025 की वार्षिक परीक्षा में भी वह सभी प्रश्नपत्र में उत्तीर्ण नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि अब भी एक प्रश्न पत्र को वह पूरा नहीं कर सका था। दिसंबर में शुरू हुए प्लेसमेंट की प्रक्रिया में भी वह अपनी डिग्री अधूरी रहने के कारण शामिल नहीं हो सका था।
आईआईटी में इन छात्रों ने की आत्महत्या
19 दिसंबर 2023 : शोध सहायक स्टाफ डा. पल्लवी चिल्का
10 जनवरी 2024 : एमटेक छात्र विकास मीणा
18 जनवरी 2024 : पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल
10 अक्टूबर 2024 : पीएचडी छात्रा प्रगति
10 फरवरी 2025 : पीएचडी रिसर्च स्कालर अंकित यादव
25 अगस्त 2025 : साफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी
01 अक्टूबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र धीरज सैनी
29 दिसंबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष छात्र जयसिंह मीणा
20 जनवरी 2026: पीएचड़ी कर रहे छात्र स्वरूप ईश्वराम
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