Geopolitics
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ग्वाटेमाला में गैंगवार और हिंसा: राष्ट्रपति ने लगाया 30 दिन का आपातकाल
News24 Hindi
January 19, 2026•3 days ago

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ग्वाटेमाला में जेलों में गैंगों द्वारा मचाए गए उपद्रव और उसके बाद हुए हिंसक हमलों के कारण राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने 30 दिनों का राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। जेलों पर नियंत्रण हासिल करने के बाद गैंगों ने सुरक्षा बलों पर जवाबी हमला किया, जिसमें सात पुलिसकर्मी मारे गए। राष्ट्रपति ने कहा कि वे गैंगों के खिलाफ लड़ाई मजबूती से जारी रखेंगे।
मध्य अमेरिका के देश ग्वाटेमाला में हिंसा की लहर दौड़ गई है जिसके बाद राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने पूरे देश में 30 दिनों के लिए इमरजेंसी यानी आपातकाल लागू कर दिया है. यह संकट तब शुरू हुआ जब ग्वाटेमाला की तीन बड़ी जेलों में बंद कैदियों ने भारी बवाल कर दिया. कैदियों ने जेल के भीतर गैंग लीडरों को मिलने वाली वीआईपी सुविधाओं पर लगाई गई पाबंदियों का विरोध किया था. इस दौरान 'बैरियो 18' जैसे खतरनाक गैंग के सदस्यों ने दर्जनों सुरक्षा गार्डों और जेल स्टाफ को बंधक बना लिया था. हालात इतने बेकाबू हो गए कि सरकार को मिलिट्री और पुलिस की विशेष टुकड़ियों को जेल के भीतर भेजना पड़ा. हालांकि सुरक्षा बलों ने बाद में जेलों पर दोबारा अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया और सभी बंधकों को सही-सलामत छुड़ा लिया.
गैंग के जवाबी हमले में सात पुलिसकर्मियों की मौत
जेलों पर सरकारी कब्जे के तुरंत बाद सड़कों पर हिंसा और तेज हो गई. जेल के भीतर हुई कार्रवाई से बौखलाए गैंग के सदस्यों ने ग्वाटेमाला सिटी और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए. इन जवाबी हमलों में कम से कम सात पुलिस अधिकारियों की जान चली गई और 10 से ज्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. गैंग के गुर्गों ने शहर में दहशत फैलाने के लिए कई जगहों पर गोलीबारी की जिससे आम जनता में डर का माहौल बन गया. राष्ट्रपति ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये हमले सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ने के लिए किए गए हैं. लेकिन सरकार अपराधियों के आगे घुटने टेकने के मूड में बिल्कुल नहीं है.
यह भी पढ़ें: ईरान पर बुधवार को अटैक करने वाला था अमेरिका, आर्मी थी तैयार… फिर ट्रंप के पास आए 2 फोन कॉल
आतंक के खिलाफ झुकेंगे नहीं राष्ट्रपति अरेवालो
देश के नाम अपने भावुक और कड़े संबोधन में राष्ट्रपति अरेवालो ने साफ कर दिया कि अपराधियों का आतंक का राज अब खत्म होकर रहेगा. उन्होंने कहा कि गैंग के सदस्य आबादी को डराने और सरकार को पीछे हटने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे अपने नापाक इरादों में कभी सफल नहीं होंगे. राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि हम अपने बहादुर जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे और गैंग के खिलाफ यह लड़ाई और ज्यादा मजबूती से लड़ी जाएगी. आपातकाल लागू होने के बाद अब पुलिस और सेना को अतिरिक्त शक्तियां मिल गई हैं जिससे वे संदिग्धों को बिना वारंट गिरफ्तार कर सकेंगे और किसी भी इलाके की घेराबंदी कर सकेंगे.
अमेरिकी दूतावास की चेतावनी
ग्वाटेमाला में फैली इस अशांति का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रहा है. ग्वाटेमाला सिटी में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने स्टाफ के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है ताकि बच्चों को इस हिंसा से बचाया जा सके. सड़कों पर सेना के बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं और हर आने-जाने वाले की सघन तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अगले 30 दिनों तक गैर-जरूरी गतिविधियों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें ताकि देश में फिर से शांति और कानून का राज बहाल किया जा सके.
मध्य अमेरिका के देश ग्वाटेमाला में हिंसा की लहर दौड़ गई है जिसके बाद राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने पूरे देश में 30 दिनों के लिए इमरजेंसी यानी आपातकाल लागू कर दिया है. यह संकट तब शुरू हुआ जब ग्वाटेमाला की तीन बड़ी जेलों में बंद कैदियों ने भारी बवाल कर दिया. कैदियों ने जेल के भीतर गैंग लीडरों को मिलने वाली वीआईपी सुविधाओं पर लगाई गई पाबंदियों का विरोध किया था. इस दौरान ‘बैरियो 18’ जैसे खतरनाक गैंग के सदस्यों ने दर्जनों सुरक्षा गार्डों और जेल स्टाफ को बंधक बना लिया था. हालात इतने बेकाबू हो गए कि सरकार को मिलिट्री और पुलिस की विशेष टुकड़ियों को जेल के भीतर भेजना पड़ा. हालांकि सुरक्षा बलों ने बाद में जेलों पर दोबारा अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया और सभी बंधकों को सही-सलामत छुड़ा लिया.
गैंग के जवाबी हमले में सात पुलिसकर्मियों की मौत
जेलों पर सरकारी कब्जे के तुरंत बाद सड़कों पर हिंसा और तेज हो गई. जेल के भीतर हुई कार्रवाई से बौखलाए गैंग के सदस्यों ने ग्वाटेमाला सिटी और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए. इन जवाबी हमलों में कम से कम सात पुलिस अधिकारियों की जान चली गई और 10 से ज्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. गैंग के गुर्गों ने शहर में दहशत फैलाने के लिए कई जगहों पर गोलीबारी की जिससे आम जनता में डर का माहौल बन गया. राष्ट्रपति ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये हमले सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ने के लिए किए गए हैं. लेकिन सरकार अपराधियों के आगे घुटने टेकने के मूड में बिल्कुल नहीं है.
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आतंक के खिलाफ झुकेंगे नहीं राष्ट्रपति अरेवालो
देश के नाम अपने भावुक और कड़े संबोधन में राष्ट्रपति अरेवालो ने साफ कर दिया कि अपराधियों का आतंक का राज अब खत्म होकर रहेगा. उन्होंने कहा कि गैंग के सदस्य आबादी को डराने और सरकार को पीछे हटने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे अपने नापाक इरादों में कभी सफल नहीं होंगे. राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि हम अपने बहादुर जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे और गैंग के खिलाफ यह लड़ाई और ज्यादा मजबूती से लड़ी जाएगी. आपातकाल लागू होने के बाद अब पुलिस और सेना को अतिरिक्त शक्तियां मिल गई हैं जिससे वे संदिग्धों को बिना वारंट गिरफ्तार कर सकेंगे और किसी भी इलाके की घेराबंदी कर सकेंगे.
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अमेरिकी दूतावास की चेतावनी
ग्वाटेमाला में फैली इस अशांति का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रहा है. ग्वाटेमाला सिटी में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने स्टाफ के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है ताकि बच्चों को इस हिंसा से बचाया जा सके. सड़कों पर सेना के बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं और हर आने-जाने वाले की सघन तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अगले 30 दिनों तक गैर-जरूरी गतिविधियों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें ताकि देश में फिर से शांति और कानून का राज बहाल किया जा सके.
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