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गोविंदा और बेटे यशवर्धन: क्या पिता ने की मदद? भांजे ने खोला राज़
AajTak
January 21, 2026•1 day ago

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अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने आरोप लगाया है कि गोविंदा अपने बच्चों को इंडस्ट्री में स्थापित करने में मदद नहीं करते। इस पर गोविंदा के भांजे विनय आनंद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी पिता ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन सुनीता के आरोपों पर विचार किया जाना चाहिए। विनय ने परिवार में चल रहे कलेश पर चिंता व्यक्त की है।
हीरो नंबर 1 गोविंदा की पर्सनल लाइफ में खलबली मची हुई है. पत्नी सुनीता आहूजा संग उनकी खटपट पब्लिक हो चुकी है. सुनीता कई बार पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर कमेंट कर चुकी हैं. उनका आरोप है कि गोविंदा बच्चों को इंडस्ट्री में सैटल करने में मदद नहीं करते. फैमिली में चल रहे इस कलेश पर एक्टर के भांजे विनय आनंद ने रिएक्ट किया है.
विनया ने विवाद पर तोड़ी चुप्पी
सुनीता ने कहा था कि गोविंदा बच्चों के लिए मौजूद नहीं रहते. उन्होंने बेटे यशवर्धन को पिता के नक्शेकदम पर न चलने की सलाह दी है. सुनीता का आरोप है कि बेटे को बॉलीवुड में सैटल करने के लिए गोविंदा ने खास कोशिश नहीं की. इन सभी बातों पर विनय ने टेली टॉक इंडिया से बातचीत में कहा, कोई पिता अपने बच्चों के साथ ऐसा नहीं कर सकता. लेकिन अगर सुनीता जी कह रही हैं, तो इसके बारे में सोचा जाना चाहिए. मुझे पता है.
विनय ने बताया कि गोविंदा ने उन्हें लाइफ और मुश्किल फेज के बारे में बताया था. वो कहती हैं- गोविंदा जी ने मुझे एक चीज सिखाई थी- सब कुछ समय की बात है. अच्छे वक्त में इंसान अच्छा लगता है, बुरे वक्त में बुरा. मैंने भी अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर देखा. स्ट्रॉन्ग रहने वाले लोग भी टूट जाते हैं. मैं भी टूटा. इसकी वजह से मैंने 5 साल का गैप झेला.
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विनय ने गोविंदा और सुनीता संग अपने रिश्ते पर भावुक होकर कहा, मेरे लिए गोविंदा जी मेरे पिता और गुरु समान हैं. सुनीता मामी ने हमें मां की तरह पाला. मैं उसी घर में बड़ा हुआ. मैं कभी उनके लिए बुरा नहीं चाहूंगा. भगवान से प्रार्थना है कि ये मुश्किल वक्त जल्दी गुजर जाए. किसी को नुकसान न हो.
गोविंदा ने मीडिया संग बातचीत में कहा था कि उनके परिवार के खिलाफ कोई साचिश कर रहा है. इस पर विनय ने कहा, अगर वो कह रहे हैं, तो इसके पीछे कोई वजह होगी. वो लीडर और सांसद रहे. पॉलिटिक्स में विरोधी हमेशा होते हैं. लाइमलाइट में आने पर ये सब चीजें होती हैं. कोई बुरा पैदा नहीं होता. बस हालात होते हैं.
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