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Google Photos ऐप से बचाएं फोन की बैटरी: जानिए क्या है सच्चाई
India TV Hindi
January 18, 2026•4 days ago

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गूगल फोटोज ऐप में एक नया बैटरी-सेविंग टूल विकसित किया जा रहा है। यह टूल बैकअप के दौरान ऐप की सिंकिंग स्पीड को कम करके फोन की बैटरी बचाएगा। यह फीचर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जिन्हें लगातार बैकग्राउंड सिंक की आवश्यकता नहीं होती है, खासकर यात्रा के दौरान।
Google Photos App: गूगल फोटोज ऐप आपको अपनी यादों को मूल क्वालिटी में क्लाउड पर सेफ रखने की सुविधा देता है, लेकिन जल्द ही यह पॉपुलर ऐप आपके फोन की बैटरी बचाने में भी मदद कर सकता है। बीटा वर्जन के APK एनालिसिस में यह बात सामने आई है और संभावना है कि आने वाले समय में यह फैसिलिटी काफी अच्छे रूप में अवेलेबेल हो जाएगी।
गूगल फोटोज ऐप में बैटरी सेवर ऑप्शन देखा गया
एंड्रॉइड अथॉरिटी ने फोटोज बीटा ऐप के APK का एनालिसिस किया है और इसमें डेवलप किए जा रहे नए बैटरी-सेविंग टूल को देखा है। बैकअप सेटिंग चालू करने पर, Photos ऐप बैकग्राउंड में सिंक करते समय अपनी स्पीड कम कर देता है, जिससे फोन की बैटरी बचती है और आपको बेहतर बैकअप मिलता है। इस फीचर के लागू होने के बाद दिन भर में ली गई नई फोटो और वीडियो दूसरे लिंक किए गए डिवाइस या वेब पर तुरंत दिखाई नहीं देंगी। हालांकि इससे बैटरी की खपत कम हो सकती है।
फोन की बैटरी की खपत कम कम करने का गूगल फोटो का फीचर
कई यूजर्स को यह एक उपयोगी फीचर लग सकता है, खासकर तब जब उन्हें फोटो और वीडियो फाइलों को सिंक करने के लिए ऐप को लगातार बैकग्राउंड में चलाने की जरूरत न हो। वो इसको मैन्युअल रूप से भी कर सकते हैं। शायद आपको यह पता न हो, लेकिन इस ऑप्शन को बंद करने से आपके फोन की बैटरी की खपत कम हो सकती है। हालांकि सेटिंग्स से इस फीचर को चालू करने पर मल्टी-डिवाइस सिंक भी बंद हो जाता है।
इन सब जगहों पर काम आएगा गूगल का ये फीचर-जानें
बैटरी की खपत कम करने के लिए ऑप्टिमाइज बैकअप फीचर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा जो ज्यादा समय बाहर बिताते हैं या सफर करते हैं, इन जगहों पर जहां बैटरी बचाना बेहद जरूरी है, ये काफी काम का फीचर साबित हो सकता है। गूगल इस फीचर को फोटो ऐप के स्टेबल पब्लिक वर्जन में शामिल करने की योजना बना रहा है या नहीं, अभी ये यह साफ नहीं है।
एप्पल और गूगल की जुगलबंदी
खबरों के मुताबिक गूगल Apple के साथ भी बिजी रहने वाला है, जो एप्पल को उसके Siri AI वर्जन को डिजाइन करने में मदद कर रहा है। यह सब कस्टम जेमिनी AI मॉडल के जरिए हो रहा है, जिसके लिए गूगल को कथित तौर पर हर साल 1 बिलियन डॉलर का पेमेंट किया जाने वाला है।
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