Economy & Markets
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AI से Gen Z को भविष्य की चिंता: सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे
Navbharat Times
January 20, 2026•2 days ago
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एक सर्वे के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग से Gen Z भविष्य को लेकर चिंतित है। 27,000 कर्मचारियों के अध्ययन में पाया गया कि 80% को लगता है कि AI उनके काम को प्रभावित करेगा। कंपनियाँ लागत बचाने के लिए AI और ऑटोमेशन पर अधिक निर्भर हो रही हैं, जिससे कर्मचारियों में नौकरी छूटने का डर बढ़ रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने नई पीढ़ी को चिंता में डाल दिया है। एक सर्वे में पता चला है कि एआई का बढ़ते इस्तेमाल की वजह से Gen Z को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। इसकी वजह है- कंपनियों का एआई चैटबॉट और ऑटोमेशन का अधिक इस्तेमाल करना। हर 5 में से 4 कर्मचारियों को लगता है कि एआई उनके रोजाना के कामकाज को प्रभावित करेगा। इस सर्वे को Randstad ने किया है, जो दुनिया की बड़ी रिक्रूटमेंट एजेंसियों में शामिल है।
किन पर की गई स्टडी?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, Randstad ने अपनी स्टडी के लिए 27 हजार कर्मचारियों और 1225 नियोक्ताओं यानी जॉब देने वाली कंपनियों से बात की। इसके अलावा, 35 देशों में 30 लाख से ज्यादा जॉब पोस्टिंग्स का विश्लेषण किया गया।
स्डटी की प्रमुख बातें
हर 5 में 4 कर्मचारियों को लगता है कि एआई उनके रोज के काम पर असर डालेगा।
कंपनियां, एआई चैटबॉट और ऑटोमेशन का बहुत अधिक इस्तेमाल कर रही हैं, जो कर्मचारियों में चिंता बढ़ा रहा है।
‘एआई एजेंट’ से जुड़ी डिमांग 1587 फीसदी बढ़ी है।
एआई और ऑटोमेशन अब बार-बार होने वाले कामों की जगह ले रहा है।
भविष्य काे लेकर चिंता क्यों?
एआई का दखल हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। इसने एआई आधारित स्किल्स की डिमांड को बढ़ाया है, लेकिन उन लोगों को चिंता में डाला है, जिनका काम ऑटोमेशन में जा रहा है। दुनियाभर की कंपनियों ने गुजरे एक साल में छंटनी की है और वह एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि एआई के क्षेत्र में उनका निवेश आने वाले वर्षों में फायदा पहुंचाएगा। हालांकि जेन जी काे लगता है कि इसका फायदा कंपनियों को भले मिले, लेकिन कर्मचारियों को कोई लाभ होने की उम्मीद कम है।
स्टडी पर क्या कहा Randstad ने
आम तौर पर हम कर्मचारियों में AI को लेकर उत्साह देखते हैं। लेकिन वे थोड़े शकी भी हो सकते हैं, क्योंकि कंपनियां हमेशा वही चाहती हैं जो वे हमेशा से चाहती आई हैं- लागत बचाना और काम को बेहतर बनाना। - सैंडर वैन टी नूर्डेंडे, सीईओ, Randstad
रिपोर्ट कहती है कि जेन Z (Gen Z) सबसे ज्यादा चिंतित पीढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, 95 फीसदी एम्प्लॉयर को लगता है कि एआई से उनका बिजनेस बढ़ेगा, लेकिन 51 फीसदी कर्मचारी ही इस उम्मीद से सहमत हैं।
लेखक के बारे मेंप्रेम त्रिपाठीप्रेम त्रिपाठी, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं। बीते 14 साल से पत्रकारिता में हैं और 10 साल से टेक्नोलॉजी बीट को कवर रहे हैं। इन्होंने देश के बड़े अखबारों नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, हिंदुस्तान में काम किया है। एनडीटीवी गैजेट्स 360 में कई वर्षों तक टेक्नोलॉजी पर लिखा है। यह टेक-गैजेट न्यूज के साथ-साथ गैजेट रिव्यूज, टिप्स ट्रिक्स, इंडस्ट्री स्टोरी, इंटरव्यू का अनुभव रखते हैं। टेक की उभरती हुईं बीट्स जैसे- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई न्यूज), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डिफेंस टेक पर लिखते रहे हैं। इन्होंने गैजेट्स 360 के लिए वीडियोज बनाए हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से बीएससी के बाद माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। इनकी लिखी किताब ‘है गौ’ को अमर उजाला फाउंडेशन ने प्रकाशित किया था।... और पढ़ें
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