Geopolitics
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गाजा शांति बोर्ड: अमेरिका ने मांगे $1 अरब सदस्यता शुल्क
Navbharat Times
January 18, 2026•4 days ago
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अमेरिका गाजा के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्य देशों से 1 अरब डॉलर के सदस्यता शुल्क की मांग कर रहा है। यह बोर्ड गाजा के अस्थायी शासन और पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि कोई न्यूनतम शुल्क नहीं है, बल्कि शांति के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया जाएगा।
वॉशिंगटन: अमेरिका गाजा के लिए बनाए गए शांति बोर्ड या बोर्ड ऑफ पीस के सदस्य देशों से 1 अरब डॉलर के सदस्यता शुल्क की मांग करने वाला है। यह खुलासा ब्लूमबर्ग न्यूज ने शनिवार को एक ड्राफ्ट चार्टर का हवाला देते हुए किया है। इसमें बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन चाहता है कि सदस्य देश उनके शांति बोर्ड में बने रहने के लिए 1 अरब डॉलर का भुगतान करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके पहले चेयरमैन के रूप में काम करेंगे और प्रत्येक सदस्य देश इस चार्टर के लागू होने की तारीख से तीन साल से ज्यादा समय तक काम नहीं करेगा, जिसे चेयरमैन चाहे तो रिन्यू कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा
व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को "गुमराह करने वाला" बताया और कहा कि "बोर्ड ऑफ पीस" में शामिल होने के लिए कोई न्यूनतम सदस्यता शुल्क नहीं है। व्हाइट हाउस ने X पर कहा, "यह सिर्फ उन पार्टनर देशों को स्थायी सदस्यता देता है जो शांति, सुरक्षा और समृद्धि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाते हैं।" अमेरिका ने इस बोर्ड का सदस्य बनने के लिए खास लोगों और देशों को आमंत्रित किया है। इसमें शामिल सभी सदस्य अमेरिका के करीबी हैं।
क्या काम करेगा बोर्ड ऑफ पीस
शांति बोर्ड या बोर्ड ऑफ पीस एक तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी के काम की निगरानी करेगा, जिसे गाजा के अस्थायी शासन और उसके पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि कार्यकारी बोर्ड का हर सदस्य एक ऐसे विभाग का जिम्मा संभालेगा, जो गाजा में स्थिरता लाने के लिए बहुत अहम होगा।
बोर्ड ऑफ पीस में कौन-कौन शामिल
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिका के मध्य पूर्व के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, प्राइवेट इक्विटी कंपनी अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल, बुल्गारिया के राजनेता और संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व के दूत निकोले म्लादेनोव शामिल हैं। इनके अलावा ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को गाजा 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रनवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें
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