Friday, January 23, 2026
Health & Fitness
25 min read

फेफड़ों का कैंसर: 60 हजार मौतें, 5 खतरनाक लक्षण और बचाव के तरीके

Head Topics
January 19, 20263 days ago
Lung cancer sing: फेफड़ों के कैंसर से हर साल मरते 60 हजार लोग, देर से दिखते 5 खतरनाक लक्षण, 1 गलती से जा रही जान

AI-Generated Summary
Auto-generated

भारत में फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिससे हर साल लगभग 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है। धूम्रपान और प्रदूषण इसके प्रमुख कारण हैं। अधिकांश मामले देर से सामने आते हैं, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है। लगातार खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक वजन कम होना और बार-बार फेफड़ों में संक्रमण जैसे लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए।

फेफड़ों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाना बहुत जरूरी है। बाहर निकलते समय सही तरह का मास्क जरूर पहनें, ताकि धूल, धुआं और प्रदूषण से बचाव हो सके। फेफड़ों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए रोजाना हल्के और आसान ब्रीदिंग एक्सरसाइज... भारत में फेफड़ों का कैंसर तेजी से एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। ICMR के डेटा के अनुसार, भारत में फेफड़ों के कैंसर के मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। साल 2015 में जहां इसके लगभग 63708 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 तक इनके बढ़कर करीब 81219 होने का अनुमान है। फेफड़ों के कैंसर के कारण क्या हैं? मामलों में इस तेजी से बढ़ोतरी के बड़ी वजह स्मोकिंग है क्योंकि भारत में इस समय लगभग 10 करोड़ वयस्क स्मोकर हैं, साथ ही बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण भी एक बड़ी वजह है। सिगरेट पीना मुख्य वजह माना जाता है और करीब 85 से 90 फीसदी मामले इससे जुड़े होते हैं। यह बीमारी पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है। दुखद बात यह है कि ज्यादातर मरीज बीमारी के काफी आगे बढ़ जाने पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जिससे करीब 80 से 85 फीसदी मामले लाइलाज अवस्था में होते हैं। फेफड़ों के कैंसर की मृत्यु दर काफी ज्यादा है क्योंकि अधिकतर मामलों का पता देर से चलता है। फेफड़ों के कैंसर से हर साल लगभग 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है।फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों को समय पर जानना जरूरी फेफड़ों के कैंसर की मृत्यु दर काफी ज्यादा है क्योंकि अधिकतर मामलों का पता देर से चलता है। भात में लोगों को इसका रिस्क भी ज्यादा है इसलिए लक्षण हों या हों आपको समय-समय पर जांच जरूर करानी चाहिए। फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती और आमतौर पर नजरअंदाज किए जाने वाले लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। हम आपको कुछ संकेत और लक्षण बता रहे हैं जिन्हें आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।लगातार खांसी होना अक्सर लोग मौसम बदलने या हल्की एलर्जी समझकर लंबे समय तक रहने वाली खांसी को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। अगर खांसी कई हफ्तों तक बनी रहे, ज्यादा तेज या खुरदरी हो जाए और गले में दर्द के साथ हो, तो यह फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में खांसी के साथ खून या जंग जैसे रंग का बलगम भी आ सकता है।सीने में दर्द या बेचैनी सीने में दर्द को सिर्फ हार्ट अटैक से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। फेफड़ों के कैंसर में भी सीने में दर्द हो सकता है, जो गहरी सांस लेने, खांसने या हंसने पर बढ़ जाता है। यह दर्द हल्का, तेज या लगातार बना रह सकता है और कभी-कभी कंधों या पीठ तक भी फैल सकता है। इस तरह के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।सांस फूलना बिना किसी खास वजह के सांस लेने में दिक्कत होना भी एक गंभीर संकेत है। रोजमर्रा के काम जैसे थोड़ा चलना या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना इस बात का इशारा हो सकता है कि फेफड़ों में ट्यूमर हवा के रास्ते को रोक रहा है या फेफड़ों के आसपास तरल जमा हो गया है।बिना वजह वजन कम होना अगर बिना डाइट या एक्सरसाइज बदले अचानक वजन कम होने लगे, तो यह भी फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है। कैंसर से जूझ रहे लोगों में अक्सर भूख कम लगती है, जिसके कारण तेजी से वजन घटता है और साथ में लगातार थकान भी महसूस होती है।बार-बार फेफड़ों में इंफेक्शन अगर बार-बार ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो इसके पीछे फेफड़ों की कोई गंभीर बीमारी हो सकती है। फेफड़ों में मौजूद ट्यूमर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है या हवा के रास्ते को ब्लॉक कर सकता है, जिससे इंफेक्शन जल्दी होते हैं और ठीक होने में भी समय लगता है।डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।. भारत में फेफड़ों का कैंसर तेजी से एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। ICMR के डेटा के अनुसार, भारत में फेफड़ों के कैंसर के मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। साल 2015 में जहां इसके लगभग 63708 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 तक इनके बढ़कर करीब 81219 होने का अनुमान है। फेफड़ों के कैंसर के कारण क्या हैं? मामलों में इस तेजी से बढ़ोतरी के बड़ी वजह स्मोकिंग है क्योंकि भारत में इस समय लगभग 10 करोड़ वयस्क स्मोकर हैं, साथ ही बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण भी एक बड़ी वजह है। सिगरेट पीना मुख्य वजह माना जाता है और करीब 85 से 90 फीसदी मामले इससे जुड़े होते हैं। यह बीमारी पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है। दुखद बात यह है कि ज्यादातर मरीज बीमारी के काफी आगे बढ़ जाने पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जिससे करीब 80 से 85 फीसदी मामले लाइलाज अवस्था में होते हैं। फेफड़ों के कैंसर की मृत्यु दर काफी ज्यादा है क्योंकि अधिकतर मामलों का पता देर से चलता है। फेफड़ों के कैंसर से हर साल लगभग 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है।फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों को समय पर जानना जरूरी फेफड़ों के कैंसर की मृत्यु दर काफी ज्यादा है क्योंकि अधिकतर मामलों का पता देर से चलता है। भात में लोगों को इसका रिस्क भी ज्यादा है इसलिए लक्षण हों या हों आपको समय-समय पर जांच जरूर करानी चाहिए। फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती और आमतौर पर नजरअंदाज किए जाने वाले लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। हम आपको कुछ संकेत और लक्षण बता रहे हैं जिन्हें आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।लगातार खांसी होना अक्सर लोग मौसम बदलने या हल्की एलर्जी समझकर लंबे समय तक रहने वाली खांसी को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। अगर खांसी कई हफ्तों तक बनी रहे, ज्यादा तेज या खुरदरी हो जाए और गले में दर्द के साथ हो, तो यह फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में खांसी के साथ खून या जंग जैसे रंग का बलगम भी आ सकता है।सीने में दर्द या बेचैनी सीने में दर्द को सिर्फ हार्ट अटैक से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। फेफड़ों के कैंसर में भी सीने में दर्द हो सकता है, जो गहरी सांस लेने, खांसने या हंसने पर बढ़ जाता है। यह दर्द हल्का, तेज या लगातार बना रह सकता है और कभी-कभी कंधों या पीठ तक भी फैल सकता है। इस तरह के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।सांस फूलना बिना किसी खास वजह के सांस लेने में दिक्कत होना भी एक गंभीर संकेत है। रोजमर्रा के काम जैसे थोड़ा चलना या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना इस बात का इशारा हो सकता है कि फेफड़ों में ट्यूमर हवा के रास्ते को रोक रहा है या फेफड़ों के आसपास तरल जमा हो गया है।बिना वजह वजन कम होना अगर बिना डाइट या एक्सरसाइज बदले अचानक वजन कम होने लगे, तो यह भी फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है। कैंसर से जूझ रहे लोगों में अक्सर भूख कम लगती है, जिसके कारण तेजी से वजन घटता है और साथ में लगातार थकान भी महसूस होती है।बार-बार फेफड़ों में इंफेक्शन अगर बार-बार ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो इसके पीछे फेफड़ों की कोई गंभीर बीमारी हो सकती है। फेफड़ों में मौजूद ट्यूमर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है या हवा के रास्ते को ब्लॉक कर सकता है, जिससे इंफेक्शन जल्दी होते हैं और ठीक होने में भी समय लगता है।डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। फेफड़ों के कैंसर के कारण फेफड़ों के कैंसर के लक्षण फेफड़ों के कैंसर के संकेत फेफड़ों के कैंसर से बचने के उपाय भारत में फेफड़ों के कैंसर का डेटा फेफड़ों के कैंसर खतरा कैसे कम करें कैंसर इंडिया ताज़ा खबर, इंडिया मुख्य बातें Similar News:आप इससे मिलती-जुलती खबरें भी पढ़ सकते हैं जिन्हें हमने अन्य समाचार स्रोतों से एकत्र किया है। 60 हजार रुपये कम हुई Samsung फोन की कीमत, Amazon Sale में ऑफरSamsung Galaxy Z Fold 6 price drop: नया फोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो Samsung के फ्लैगशिप फोन पर जबदस्त डिस्काउंट मिल रहा है. ये फोन ऐमेजॉन पर मिल रहा है. और पढो » बुजुर्ग दंपती को 60 दिन तक रखा Digital Arrest, साइबर ठगों ने ठगे 69 लाख रुपयेऋषिकेश में एक बुजुर्ग दंपती साइबर ठगी का शिकार हुए। अपराधियों ने उन्हें 60 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर कानून का भय दिखाया। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी और उनकी पत्नी को आधार नंबर के अवैध लेनदेन का डर दिखाकर 69 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने उन्हें संपत्ति बेचने पर भी मजबूर किया, जिससे वे आर्थिक रूप से बर्बाद हो गए। साइबर क्राइम पुलिस ने इस गंभीर... और पढो » Horoscope Today: নিজের উপর বিশ্বাস হারাবেন না তুলা, নতুন কিছু করার শুরু করার জন্য ভালো দিন নয় মীনের...Horoscope 2026 ajker rashifal January 18 Astrology aries taurus gemini cancer leo virgo libra scorpio sagittarius capricorn aquarius pisces और पढो » 60 हजार कर्ज के चक्कर में युवक को पीट-पीटकर मारा, तीन आरोपी ताला लगाकर फरारबिदुपुर के मोहनपुर गांव में 25 वर्षीय रोशन कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि 60 हजार रुपये के कर्ज विवाद में संदीप चौधरी, सुभाष कुमार और आनंद कुमार ने उसे बेरहमी से पीटा। रोशन हैदराबाद से दो महीने पहले घर आया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई... और पढो » IPO Alert: ये आईपीओ कराएगा कमाई, लिस्टिंग से पहले ही मचा रहा गदर, GMP 60%Bharat Coking Coal IPO: कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी भारत कोकिंग कोल के शेयर सोमवार को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं और लिस्टिंग से पहले ही ये अपने निवेशकों को तगड़ी कमाई के संकेत दे रहे हैं. और पढो »

Rate this article

Login to rate this article

Comments

Please login to comment

No comments yet. Be the first to comment!
    फेफड़ों का कैंसर: 5 लक्षण और बचाव के उपाय