Friday, January 23, 2026
Geopolitics
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डेनमार्क में रात में 'लाल' हुई सड़कें: जानें क्यों लिया गया यह अहम फैसला

Zee News
January 18, 20264 days ago
रात में 'लाल' हुआ यह देश! लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए लिया गया यह बड़ा फैसला

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डेनमार्क में चमगादड़ों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर लाल स्ट्रीटलाइटें लगाई गई हैं। सफेद और नीली रोशनी चमगादड़ों के लिए समस्या पैदा करती है, जबकि लाल रोशनी उन पर कम प्रभाव डालती है। ट्रैफिक सुरक्षा से समझौता न करते हुए, चौराहों और अधिक ट्रैफिक वाले स्थानों पर सामान्य लाइटें लगाई गई हैं। यह पर्यावरण-अनुकूल प्रयोग शहरी नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है।

Denmark Red Streetlights: जरा सोचिए कि आप रात के सन्नाटे में सड़क पर निकलें और अचानक आपको पूरी सड़क सफेद या पीली रोशनी के बजाय गहरे लाल रंग की रोशनी दिखाई दे तो कैसा लगेगा. पहली नजर में यह किसी डरावनी फिल्म का सीन लगता है लेकिन ऐसा ही कुछ इन दिनों डेनमार्क में हो रहा है. डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के पास बसे एक इलाके में सड़क पर लाल लाइटें लगाई गई है. यह कोई आम कार्य या सड़कों के सजाने का तरीका नहीं है बल्कि इसके पीछे एक ऐसा वैज्ञानिक कारण है जो इंसान और प्रकृति के बीच के रिश्तों को हमेशा के लिए बदल सकता है. टेक्नोलॉजी और पर्यावरण के इस अनोखे मिलन ने पूरी दुनिया के ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. आखिर क्यों एक विकसित देश को अपनी सड़कों की रोशनी को सफेद-पीली से बदलकर लाल करनी पड़ी?आइए जानते हैं इस 'लाल' बदलाव के पीछे का असली वजह. डेनमार्क में सड़कों पर लगने वाली स्ट्रीटलाइट्स को लेकर एक अनोखा प्रयोग हो रहा है. इस नए प्रयोग के पीछे का कारण है इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों, खासकर चमगादड़ों को बचाना. अभी तक शहरों में स्ट्रीटलाइट्स का फोकस सिर्फ रोशनी और रोड सेफ्टी पर होता रहा है लेकिन इस बार पर्यावरण और जीवों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा गया है. चमगादड़ों के लिए बदली गई लाइट डेनमार्क के ग्लाडसैक्स नगर पालिका के अनुसार शहर के जिस जगह पर यह प्रयोग किया जा रहा है वहां चमगादड़ों की पूरीकी संख्या बहुत ज्यादा है. रिसर्च में सामने आया है कि सफेद, नीली और हरी रोशनी चमगादड़ों की उड़ान, शिकार और रास्ता पहचानने में बड़ी समस्या होती है. नीदरलैंड्स की स्टडी के मुताबिक लाल रोशनी की तरंगें चमगादड़ों पर कम असर डालती हैं. यही कारण है कि स्ट्रीटलाइट्स को पूरी तरह बंद करने के बजाय लाल रंग अपनाया गया. ट्रैफिक सेफ्टी से कोई समझौता नहीं इसके साथ ही ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को बिलकुल भी इग्नोर नहीं किया जा रहा है. जहां चौराहे, क्रॉसिंग और ज्यादा ट्रैफिक होता है वहां अब भी वार्म व्हाइट लाइट्स लगाई गई हैं. ये लाइट्स ऊंचे पोल पर लगाई गई हैं जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों को रास्ता ठीक से दिखाई दे. ये भी पढ़ेंः ChatGPT से पूछा दर्द का इलाज, पहुंच गए मौत के करीब! AIIMS के डॉक्टर ने दी चेतावनी इंजीनियरों और डिजाइनर्स ने मिलकर बनाया प्लान ग्लाडसैक्स नगर पालिका के रोड इंजीनियर जोनास जॉर्गेंसन के मुताबिक पूरी सड़क को अंधेरे में रखना संभव नहीं था. इसलिए ऐसा समाधान निकाला गया जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और लोगों को आने-जाने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो. लाइटिंग डिजाइनर फिलिप जेलवार्ड के मुताबिक यह प्रोजेक्ट लोगों और जानवरों दोनों के लिए एक एडजस्टमेंट पीरियड होगा. लाल रोशनी यह बताती है कि यह एरिया पर्यावरण के नजरिए से बेहद संवेदनशील है. फिलहाल यह लाल स्ट्रीटलाइट्स सिर्फ एक सीमित सड़क पर लगाई गई हैं और पूरे शहर में इन्हें लगाने की कोई योजना नहीं है. लेकिन दुनियाभर के शहरी योजनाकार इस प्रयोग को ध्यान से देख रहे हैं.

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    डेनमार्क में लाल स्ट्रीटलाइट्स: जान बचाने का बड़ा फैसला