Thursday, January 22, 2026
Geopolitics
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डेनमार्क की ग्रीनलैंड में सैन्य तैनाती: ट्रंप की धमकियों को नज़रअंदाज़

Navbharat Times
January 20, 20262 days ago
डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के आगे झुकने के मूड में नहीं डेनमार्क, आर्मी चीफ के साथ ग्रीनलैंड में उतार दी सेना

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डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी के जवाब में डेनमार्क ने अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। डेनमार्क के आर्मी चीफ ने सैनिकों की एक और टुकड़ी के साथ ग्रीनलैंड में लैंड किया है। यह तैनाती एक से दो साल तक चलने वाले लॉन्ग-टर्म मिशन का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। डेनमार्क ने नाटो से भी मदद का अनुरोध किया है।

नुक: डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। डेनमार्क के आर्मी चीफ सोमवार को सेना की एक और टुकड़ी के साथ ग्रीनलैंड पहुंचे हैं। यह ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी दी जा रही है। यूरोप और अमेरिका के बीच तीखी बयानबाजी के बीच डेनमार्क फोर्स की ग्रीनलैंड में तैनाती ने तनाव बढ़ा दिया है। बदलते घटनाक्रम से अमेरिका के ग्रीनलैंड पर सैन्य हमले और क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति को लेकर अंदेशा गहरा रहा है। रॉयल डेनिश आर्मी के चीफ पीटर बॉयसेन के साथ सैनिकों ने पश्चिमी ग्रीनलैंड के कंगेरलुस्सुअक में लैंड किया। डेनमार्क ब्रॉडकास्टर TV2 ने बताया कि सोमवार शाम को ग्रीनलैंड के मुख्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंगेरलुसुआक में डेनिश लड़ाकू सैनिकों की टुकड़ी उतरी। डेनमार्क ने बीते कुछ दिनों में इस आर्कटिक द्वीप पर अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ाई है। डेनमार्क सैनिक ग्रीनलैंड में रहेंगे आर्कटिक में डेनमार्क के टॉप मिलिट्री कमांडर मेजर जनरल सोरेन एंडरसन ने बताया है कि 100 डेनिश सैनिक पहले ही ग्रीनलैंड की राजधानी नुक पहुंच चुके हैं। इतने ही सैनिक पश्चिमी ग्रीनलैंड के कांगेरलुसुआक में मौजूद हैं। सोमवार को एक और टुकड़ी आई है। ये सैनिक आर्कटिक एंड्योरेंस ट्रेनिंग एक्सरसाइज में हिस्सा लेंगे। एंडरसन ने कहा है कि ग्रीनलैंड भेजे जा रहे अतिरिक्त सैनिक जल्दी घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा, 'हम विदेशी सैनिकों के सहयोग से एक से दो साल तक मिशन जारी रखेंगे। हम 2026 और अगले साल ग्रीनलैंड में सैनिकों को तैनात करने के लिए एक शेड्यूल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कह सकते हैं कि यह एक लॉन्ग-टर्म सैन्य मिशन है।' नाटो की भूमिका पर भी जोर डेनमार्क की सरकार ने सोमवार को ग्रीनलैंड के लिए नाटो मिशन का अनुरोध किया है। डेनिश रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पॉलसेन ने ब्रसेल्स में नाटो गठबंधन के प्रमुख मार्क रूट के साथ बैठक के बाद कहा कि हमने इसका प्रस्ताव दिया है। डेनमार्क की ओर से लगातार ये कहा गया है कि ग्रीनलैंड पर कोई भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई नाटो को खत्म कर सकती है। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकियों से डेनमार्क में गुस्सा है। डेनमार्क, ग्रीनलैंड और यूरोप के नेता लगातार कह रहे हैं कि अमेरिका को आक्रामकता से बचना चाहिए लेकिन ट्रंप इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपना हुए हैं। ऐसे में विवाद बढ़ता जा रहा है। ग्रीनलैंड 57,000 की आबादी वाला इलाका है, जिसकी रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क के हाथों में है। लेखक के बारे मेंरिजवानरिजवान, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

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    ग्रीनलैंड में सेना: डेनमार्क का कड़ा रुख