Geopolitics
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किम जोंग उन के डर से दक्षिण कोरिया की 'मॉन्स्टर मिसाइल' तैनात
Hindustan
January 19, 2026•3 days ago

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उत्तर कोरिया की परमाणु धमकियों के जवाब में, दक्षिण कोरिया ने ह्यूनमू-5 नामक एक नई बैलिस्टिक मिसाइल तैनात की है। यह 65 फीट लंबी मिसाइल दुश्मन के अंडरग्राउंड बंकरों को भी तबाह करने में सक्षम है। दक्षिण कोरिया लगभग 100 ऐसी मिसाइलें तैनात करने की योजना बना रहा है, जिससे वह उत्तर कोरिया की चुनौती का सामना कर सके।
संक्षेप:
किम जोंग उन की परमाणु धमकियों से परेशान दक्षिण कोरिया ने ह्यूनमू मिसाइलों की तैनाती शुरू कर दी है। आने वाले समय में 65 फीट लंबी करीब 100 मिसाइलें तैनात करदी जाएंगी।
Jan 19, 2026 10:46 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों के बीच दक्षिण कोरिया ने एक भयंकर बलिस्टिक मिसाइल तैनात कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की चुनौती से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया ने यह कदम उठाया है। जानकारी के मुताबिक उत्तर कोरिया को से सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और दबावों के बाद भी उत्तर कोरिया लगातार परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहा है। आए दिन वह मिसाइल टेस्ट करता ही रहता है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन कह चुके हैं कि वह अमेरिका और दक्षिण कोरिया से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। योनहैप न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिण कोरिया ने जिस बलिस्टिक मिसाइल को तैनात किया है उसका नाम 'ह्यूनमू -5' है।
यह 65 फीट की भारीभरकम मिसाइल है जिसका वजन 8 टन है। यह अंडरग्राउंड बंकर को भी तबाह करने में सक्षम है। इसके अलावा किसी दे में अंदर तक गुसकर वार कर सकती है। दक्षिण कोरिया इस तरह की कम से कम 100 मिसाइलें तैनात करना चाहता है। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्र ने कहा था कि बड़ी संख्या में ह्यूनमू मिसाइलों की तैनाती से ही उत्तर कोरिया से निपटने में मदद मिलेगी।
बीते दिनों दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया से दुश्मनी कम करने के लिए चीन से मध्यस्थता का अनुरोध किया था। चीन, उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रमुख कूटनीतिक समर्थक है। दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने बार-बार चीन से अपने प्रभाव का उपयोग करके उत्तर कोरिया को लंबे समय से निष्क्रिय कूटनीति को पुनः बहाल करने या परमाणु निरस्त्रीकरण करने के लिए राजी करने का आग्रह किया है।
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है और 2019 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने नेता किम जोंग उन की उच्च स्तरीय परमाणु कूटनीति के विफल होने के बाद से अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार करने के लिए कदम उठाए हैं।
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